पुणे में स्वयंभू बाबा पर महिला से 15 साल तक रेप का आरोप: पीड़िता बोली- करंट लगाया, यूरिन पिलाता था

हरियाणा निवासी राधामोहन मिश्रा पिछले आठ वर्षों से पुणे में रह रहा था और स्वयं को दिव्य अवतार बताकर लोगों को अपने प्रभाव में लेता था। शिकायतकर्ता महिला भी मूल रूप से हरियाणा की रहने वाली है।;

Update: 2026-06-19 06:28 GMT

पुणे। महाराष्ट्र के पुणे में एक स्वयंभू बाबा की हैरान कर देने वाली करतूत सामने आई है। पुलिस ने खुद को भगवान का अवतार बताने वाले 59 वर्षीय राधामोहन मिश्रा और उसके सात साथियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि बाबा ने एक महिला का 15 सालों तक यौन शोषण किया, उसे पति से तलाक लेने पर मजबूर किया, चोरी करवायी और यहां तक कि उसे बिजली के झटके भी दिए। गिरफ्तार आरोपितों में छह महिलाएं और एक पुरुष सहयोगी 58 वर्षीय कंवल नयन शामिल है। अदालत ने सभी आरोपितों को 20 जून तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है।

स्वयं को दिव्य अवतार बताकर लोगों को ठगा 

पुलिस के अनुसार, हरियाणा निवासी राधामोहन मिश्रा पिछले आठ वर्षों से पुणे में रह रहा था और स्वयं को दिव्य अवतार बताकर लोगों को अपने प्रभाव में लेता था। शिकायतकर्ता महिला भी मूल रूप से हरियाणा की रहने वाली है। स्वयंभू बाबा पिछले 15 वर्षों से महिला का लगातार दुष्कर्म किया, उसे शारीरिक यातनाएं दीं और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। इतना ही नहीं, उसने महिला को अपना मूत्र पीने के लिए मजबूर किया, पति से तलाक लेने के लिए दबाव बनाया और उसकी संपत्ति अपने नाम करवा ली।

अश्लील वीडियो रिकॉर्ड किए

पुलिस के अनुसार, स्वयंभू बाबा पुणे के वाघोली इलाके के उबाले नगर में एक तथाकथित "मॉडर्न गुरुकुल" चलाता था। जांच में सामने आया है कि वह लंबे समय से लोगों को अपने जाल में फंसाकर उनका शोषण कर रहा था। पीड़ित महिला करीब 2010 में उसके संपर्क में आई थी। धीरे-धीरे बाबा ने महिला को उसके परिवार और रिश्तेदारों से अलग कर दिया। आरोप है कि इस दौरान बाबा ने महिला के साथ मारपीट की, उसके अश्लील वीडियो भी रिकॉर्ड किए। बाद में इन्हीं वीडियो के जरिए वह महिला को ब्लैकमेल करता रहा। बाबा अपने कथित चमत्कारों और "दिव्य शक्तियों" का डर दिखाकर महिला और उसके परिवार को धमकाता था। पुलिस को यह भी पता चला है कि आरोपित ने गिरफ्तारी से बचने के लिए आश्रम में एक भूमिगत सुरंग बनवाने की योजना बनाई थी, जिस पर काम चल रहा था।

खुद को बताता था भगवान का पुनर्जन्म

जांच में यह भी सामने आया है कि राधामोहन और उसके सहयोगियों ने अपने अनुयायियों को यह विश्वास दिलाया कि वह भगवान का पुनर्जन्म है। इसी अंधविश्वास का फायदा उठाकर उसने महिला को अपने जाल में फंसाया था। महिला की शिकायत पर छापेमारी के दौरान पुलिस को आश्रम के एक भूमिगत कमरे से बड़ी मात्रा में संदिग्ध और आपत्तिजनक सामान मिला। वहां से 12 लैपटाप, 11 मोबाइल फोन, 19 हार्ड ड्राइव, कई पेन ड्राइव और कैसेट बरामद किए गए। इसके अलावा 6.5 लाख रुपये नकद, करीब 15 लाख रुपये के गहने और बड़ी मात्रा में दवाइयां भी मिली हैं।

पुलिस ने इलेक्ट्रानिक उपकरणों को फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है। खड़की पुलिस स्टेशन में दर्ज मामले में यौन उत्पीड़न, आपराधिक साजिश तथा महाराष्ट्र अंधश्रद्धा निर्मूलन कानून सहित विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस का मानना है कि जांच आगे बढ़ने पर और पीड़ित सामने आ सकते हैं। पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है और संभावित अन्य पीड़ितों की तलाश भी जारी है।

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