लखनऊ: महाराष्ट्र के वसई-विरार में बिजनेसमैन मोहन परमार की हत्या की कोशिश में आरोपी यूपी से गिरफ्तार
महाराष्ट्र के ठाणे स्थित वसई-विरार में बिजनेसमैन मोहन परमार की हत्या की कोशिश के मामले में शामिल दो कथित शूटरों को यूपी एसटीएफ और महाराष्ट्र पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी सुजीत पांडे को बलिया और मनोज ठठेरा को आजमगढ़ से गिरफ्तार किया गया।;
लखनऊ। महाराष्ट्र के ठाणे स्थित वसई-विरार में बिजनेसमैन मोहन परमार की हत्या की कोशिश के मामले में शामिल दो कथित शूटरों को यूपी एसटीएफ और महाराष्ट्र पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी सुजीत पांडे को बलिया और मनोज ठठेरा को आजमगढ़ से गिरफ्तार किया गया।
मोहन परमार को 24 जुलाई को उनके ऑफिस से निकलते समय गोली मारी गई थी, और वह अभी भी अस्पताल में भर्ती है। संदिग्धों के उत्तर प्रदेश भाग जाने के बाद महाराष्ट्र पुलिस ने यूपी एसटीएफ से मदद मांगी थी, जिसके बाद संयुक्त अभियान में दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
इससे पहले 29 जुलाई को भी यूपी एटीएस ने एक बड़ी कार्रवाई में नकली भारतीय दस्तावेज तैयार करने वाले एक अंतर-राज्यीय गिरोह के मास्टरमाइंड और 25,000 रुपए के इनामी अपराधी को गिरफ्तार किया था।
यूपी एटीएस ने कुटरचित भारतीय दस्तावेज तैयार कर रोहिंग्या, बांग्लादेशी, नेपाली एवं अन्य विदेशी नागरिकों के भारतीय आधार जैसे अति महत्वपूर्ण दस्तावेज तैयार करने वाले अंतरराज्जीय गिरोह के मास्टरमाइंड और 25,000 रुपए का इनाम घोषित आरोपियों को पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद के रघुनाथगंज से गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की थी।
19 जुलाई को उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने दिल्ली से एक नाइजीरियाई नागरिक को गिरफ्तार किया था। वह ऑनलाइन धोखाधड़ी का एक रैकेट चला रहा था, जिसमें फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल के जरिए भारतीय पुरुषों और महिलाओं को निशाना बनाया जाता था। आरोपी की पहचान 27 साल के ओबेस प्रॉस्पर के तौर पर हुई थी।
एसटीएफ के मुताबिक, ओबेस प्रॉस्पर साउथ दिल्ली के राजू पार्क में मकान नंबर 2/10 में रह रहा था। पूछताछ के दौरान उसने बताया कि वह 2023 में मेडिकल वीजा पर भारत आया था। वीजा की मियाद खत्म होने के बाद भी वह गैर-कानूनी तरीके से देश में ही रह रहा था।
एसटीएफ ने उसके पास से 5.085 किलोग्राम मेथामफेटामाइन के साथ-साथ पांच मोबाइल फोन और दो पासपोर्ट भी बरामद किए थे। अधिकारियों ने बताया कि जब्त किए गए नशीले पदार्थों की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 10 करोड़ रुपए से अधिक आंकी गई थी।