छत्रपति संभाजीनगर: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) 5 अगस्त से महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में दो दिवसीय रणनीति बैठक आयोजित करने जा रही है। इस बैठक में पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके, प्रवक्ता और संगठन से जुड़े प्रमुख सदस्य शामिल होंगे। बैठक में संगठन की आगे की दिशा, युवाओं से जुड़े मुद्दों और देशभर में अभियान की रूपरेखा पर चर्चा होने की संभावना है। CJP ने साफ किया है कि वह फिलहाल राजनीतिक दल के रूप में काम करने की योजना नहीं बना रही है। संगठन का कहना है कि उसका उद्देश्य युवाओं की समस्याओं को समझना और उनके मुद्दों को सामने लाना है।
देशभर में युवाओं से संवाद करेगी CJP
बैठक के बाद संगठन देश के अलग-अलग हिस्सों में ‘लिसनिंग टूर’ शुरू करने की तैयारी कर रहा है। इसके माध्यम से CJP युवाओं से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं, शिक्षा व्यवस्था, रोजगार और अन्य मुद्दों को समझने का प्रयास करेगी। CJP संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा कि संगठन का फोकस युवाओं की आवाज को सामने लाने पर है। उन्होंने अपनी शिक्षा को लेकर उठ रहे सवालों पर भी प्रतिक्रिया दी।
अमेरिका में पढ़ाई को लेकर उठे सवालों पर दीपके का जवाब
अभिजीत दीपके ने बताया कि उन्हें बोस्टन यूनिवर्सिटी से स्कॉलरशिप मिली थी और बाकी खर्च के लिए उन्होंने एजुकेशन लोन लिया था, जिसे अभी चुकाया जाना बाकी है। इससे पहले गुजरात के सूरत के एक आरटीआई कार्यकर्ता ने दीपके की पारिवारिक संपत्ति और फंडिंग की जांच की मांग उठाई थी। उन्होंने सवाल किया था कि अमेरिका जाकर पढ़ाई करने के लिए पैसे की व्यवस्था कैसे हुई। दीपके ने इन सवालों का जवाब देते हुए अपनी आर्थिक व्यवस्था की जानकारी दी।
दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर उठाए सवाल
अभिजीत दीपके ने दिल्ली पुलिस और केंद्र सरकार पर भी सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि शांतिपूर्ण छात्र आंदोलन के दौरान हिंसा की स्थिति कैसे बनी और पुलिस की भूमिका क्या रही। उन्होंने दिल्ली पुलिस के उस दावे पर भी सवाल उठाया, जिसमें प्रदर्शन स्थल पर बड़ी संख्या में आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों की मौजूदगी की बात कही गई थी। दीपके ने कहा कि यदि इतनी बड़ी संख्या में संदिग्ध लोग मौजूद थे तो उन्हें रोकने की जिम्मेदारी पुलिस की थी। उन्होंने पुलिस कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठाते हुए कहा कि आंदोलन में शामिल छात्रों के खिलाफ कार्रवाई की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
छात्रों की कानूनी मदद के लिए बनाया लीगल फंड
CJP ने हाल ही में पेपर लीक आंदोलन से जुड़े मामलों में कानूनी कार्रवाई का सामना कर रहे छात्रों की मदद के लिए लीगल डिफेंस फंड बनाने की घोषणा की थी। संगठन के अनुसार, इस फंड का उद्देश्य उन छात्रों को कानूनी सहायता उपलब्ध कराना है, जिन पर प्रदर्शन से जुड़े मामले दर्ज किए गए हैं। वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने इस फंड में एक करोड़ रुपये देने की घोषणा की थी और अन्य वकीलों से भी इसमें सहयोग की अपील की थी।
सुप्रीम कोर्ट के वकीलों से संपर्क में संगठन
CJP प्रवक्ता सौरव दास ने कहा था कि केंद्र सरकार के आश्वासन के बावजूद छात्रों के खिलाफ मामले दर्ज होने की आशंका बनी हुई है। उन्होंने बताया कि संगठन इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट के वकीलों के संपर्क में है। CJP की आगामी रणनीति बैठक ऐसे समय हो रही है, जब संगठन छात्र मुद्दों को लेकर देशभर में अपनी पहुंच बढ़ाने की तैयारी कर रहा है। अब देखना होगा कि बैठक के बाद संगठन अपने अभियान को किस दिशा में आगे बढ़ाता है।