नागपुर में कस्तूरचंद पार्क मेट्रो स्टेशन के पास बनेगा 350 बेड वाला हॉस्पिटल, मरीजों को मिलेगी राहत

नागपुर में जल्द ही एक नया आधुनिक हॉस्पिटल बनेगा। क्वालिटी केयर इंडिया लिमिटेड (क्यूसीआईएल) को नागपुर में 350 से अधिक बेड वाला स्टेट-ऑफ-द-आर्ट मल्टी-स्पेशियलिटी हॉस्पिटल बनाने का लेटर ऑफ एक्सेप्टेंस (एलओए) मिल गया है

Update: 2026-02-19 10:35 GMT

नागपुर। नागपुर में जल्द ही एक नया आधुनिक हॉस्पिटल बनेगा। क्वालिटी केयर इंडिया लिमिटेड (क्यूसीआईएल) को नागपुर में 350 से अधिक बेड वाला स्टेट-ऑफ-द-आर्ट मल्टी-स्पेशियलिटी हॉस्पिटल बनाने का लेटर ऑफ एक्सेप्टेंस (एलओए) मिल गया है। यह महाराष्ट्र और मध्य भारत में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने वाला एक बड़ा कदम है।

यह परियोजना पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर आधारित है और महाराष्ट्र मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (महा-मेट्रो) के साथ हुई है। 7 फरवरी को आयोजित हो चुके 'एडवांटेज विदर्भ समिट' के दौरान महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी की मौजूदगी में महा-मेट्रो और क्यूसीआईएल के बीच एलओए का आदान-प्रदान हुआ। केयर हॉस्पिटल्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. पवन कुमार भी इस मौके पर मौजूद थे।

हॉस्पिटल कस्तूरचंद पार्क मेट्रो स्टेशन के पास महा-मेट्रो की जमीन पर बनेगा, जो नागपुर का एक प्रमुख शहरी और ट्रांसपोर्ट हब है। क्यूसीआईएल इस प्रोजेक्ट में लगभग 600 करोड़ का निवेश करेगी। जमीन 7202 वर्ग मीटर की है और इसमें 3.50 लाख वर्ग फुट से ज्यादा का विकास संभव है। पहले से ही फाउंडेशन और पार्किंग का काम हो चुका है, इसलिए निर्माण तीन साल में पूरा होने की उम्मीद है।

यह हॉस्पिटल में हृदय विज्ञान, कैंसर रोग (ऑन्कोलॉजी), पाचन तंत्र रोग (गैस्ट्रोएंटरोलॉजी), आघात देखभाल (ट्रॉमा केयर) और तंत्रिका विज्ञान (न्यूरोसाइंस) जैसे क्षेत्रों में विशेष उत्कृष्टता केंद्र होंगे। इससे विदर्भ क्षेत्र के मरीजों को उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा सुविधा पास में मिलेगी, जिससे उन्हें बड़े शहरों या बाहर जाने की जरूरत कम पड़ेगी।

परियोजना से प्रत्यक्ष रोजगार के 1500 से 1800 तक अवसर पैदा होंगे और अप्रत्यक्ष रोजगार भी बढ़ेगा। महा-मेट्रो को 60 साल की लीज पर कुल 1850 करोड़ से ज्यादा की कमाई होगी, जिसमें शुरुआती प्रीमियम, वार्षिक फीस और अन्य शुल्क शामिल हैं।

क्यूसीआईएल के ग्रुप मैनेजिंग डायरेक्टर वरुण खन्ना ने कहा कि यह परियोजना संरचित सार्वजनिक-निजी भागीदारी की महत्वपूर्णता दिखाती है, जो सुलभ, एकीकृत और टिकाऊ स्वास्थ्य प्रणाली बनाती है। स्वास्थ्य ढांचे को शहरी विकास से जोड़कर स्केलेबल मॉडल तैयार किए जा सकते हैं। नागपुर जैसे शहरों के लिए यह क्षेत्रीय स्वास्थ्य क्षमता बढ़ाने और टियर-2, टियर-3 बाजारों की लंबी जरूरतों को पूरा करने में बहुत जरूरी है।

केयर हॉस्पिटल्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. पवन कुमार ने बताया कि संगठित स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ाने के लिए ऐसी भागीदारी आवश्यक है, जो समुदाय की जरूरतों के अनुरूप मजबूत और प्रतिक्रियाशील हो। नागपुर में यह निवेश टियर-2 शहरों में मल्टी-स्पेशलिटी क्षमता विकसित करने का सोचा-समझा प्रयास है। हॉस्पिटल उच्च नैदानिक मानकों के साथ शहर के सामाजिक-आर्थिक ढांचे में योगदान देगा। उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के समर्थन की सराहना की तथा महा-मेट्रो के साथ साझेदारी पर उत्साह जताया।

क्यूसीआईएल ब्लैकस्टोन के समर्थन से चल रही है और केयर हॉस्पिटल्स के अलावा एवरकेयर बांग्लादेश तथा केआईएमएस हेल्थ केरल भी संचालित करती है। केयर हॉस्पिटल्स 1997 में स्थापित हुआ और हैदराबाद मुख्यालय है। यह भारत के छह राज्यों के सात शहरों में 17 सुविधाएं चलाता है, जिनमें 3000 से ज्यादा बेड हैं। यह 33 से अधिक क्लिनिकल स्पेशियलिटी में सेवाएं देता है। नागपुर का यह नया हॉस्पिटल क्यूसीआईएल की गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य पहुंच को विकेंद्रीकृत करने और क्षेत्रीय चिकित्सा पारिस्थितिकी को मजबूत करने की प्रतिबद्धता को और पुख्ता करेगा।

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