बीएचयू में ​​​​​​​छात्राओं पर लाठीचार्ज बेहद दुखद : माले

भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (माले) ने कहा है कि छह महीने पूरे होने पर प्रदेश में जंगल राज खत्म होने की घोषणा कर योगी सरकार ने खुद की पीठ थपथपाई लेकिन बीएचयू की घटना ने उन्हें आईना दिखा दिया है

Update: 2017-09-24 19:03 GMT

लखनऊ। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (माले) ने कहा है कि छह महीने पूरे होने पर प्रदेश में जंगल राज खत्म होने की घोषणा कर योगी सरकार ने खुद की पीठ थपथपाई लेकिन बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) की घटना ने उन्हे आईना दिखा दिया है।

पार्टी राज्य सचिव सुधाकर यादव ने आज यहां कहा कि बीएचयू में छेड़खानी से सुरक्षा मांग रही छात्राओं पर कल रात लाठीचार्ज किया गया। उन्होंने कहा कि सुरक्षा मांग रही छात्राओं पर लाठीचार्ज करना बहुत ही दुखद है।

आंदोलनकारी छात्राओं को न्याय, सुरक्षा और आजादी जैसी मांगें पूरा करना विश्वविद्यालय और जिला प्रशासन की जवाबदेही बनती है।

श्री यादव ने कहा कि योगी सरकार ने अपने छह महीने पूरे होने पर प्रदेश में जंगल राज खत्म होने की घोषणा कर खुद की पीठ थपथपाई।

बीएचयू की घटना ने योगी सरकार को आईना दिखा दिया है। छात्रा के साथ छेड़खानी हुई, शिकायत पर पीड़िता को ही नीचा दिखाने की कोशिश हुई।

शोहदों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। सुरक्षा की मांग करने पर छात्राओं को लाठियां मिलीं। यह योगीजी के ‘कानून का राज’ है।

राज्य सचिव ने कहा कि अपने चुनाव क्षेत्र (वाराणसी) के दौरे पर आये प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जब स्वच्छता और बहू-बेटियों की इज्जत रक्षा पर क्षेत्रवासियों को संबोधित कर रहे थे उसी समय बीएचयू की बेटियां अपनी इज्जत की रक्षा को लेकर लंका में विश्वविद्यालय के गेट पर दो दिनों से धरना दे रही थीं।

उनसे मिलने और उनके जख्मों पर मरहम लगाने की बजाय प्रधानमंत्री ने अपना रास्ता (रुट) ही बदल लिया।

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