ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा का पहला बयान- खाड़ी देशों पर हमले नहीं रुकेंगे, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज भी बंद रखेंगे

उन्होंने कहा कि ईरान अपने नागरिकों और युद्ध में मारे गए लोगों का बदला जरूर लेगा और क्षेत्र में दुश्मनों के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाता रहेगा। हालांकि यह संदेश एक रिकॉर्डेड बयान के रूप में जारी किया गया और खामेनेई कैमरे पर दिखाई नहीं दिए।

Update: 2026-03-12 14:05 GMT
तेहरान। West Asia Tension: मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध अब एक ऐसे मोड़ पर पहुंच गया है जहां तनाव लगातार बढ़ता दिखाई दे रहा है। इसी बीच ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने पद संभालने के बाद अपने पहले सार्वजनिक संदेश में अमेरिका और इजरायल को कड़ा चेतावनी भरा संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि ईरान अपने नागरिकों और युद्ध में मारे गए लोगों का बदला जरूर लेगा और क्षेत्र में दुश्मनों के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाता रहेगा। हालांकि यह संदेश एक रिकॉर्डेड बयान के रूप में जारी किया गया और खामेनेई कैमरे पर दिखाई नहीं दिए। इससे पहले इजरायली खुफिया एजेंसियों ने दावा किया था कि युद्ध की शुरुआती गोलाबारी के दौरान मोजतबा खामेनेई घायल हो गए थे।

अल्लाह के नाम से शुरू किया संबोधन

अपने संदेश की शुरुआत खामेनेई ने अल्लाह का नाम लेकर की और कहा कि ईरान न्याय, शांति और संप्रभुता की रक्षा के सिद्धांतों पर चलता रहेगा। उन्होंने कहा कि देश युद्ध नहीं चाहता, लेकिन अगर उस पर हमला किया जाता है तो वह जवाबी कार्रवाई से पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने कहा कि मौजूदा संघर्ष में ईरान को मजबूर किया गया है और देश अपने लोगों की सुरक्षा और सम्मान की रक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाएगा।

‘शहीदों का खून व्यर्थ नहीं जाएगा’

अपने संबोधन में मोजतबा खामेनेई ने युद्ध में मारे गए लोगों का जिक्र करते हुए कहा कि ईरान उनके बलिदान को कभी नहीं भूलेगा। उन्होंने कहा कि खासतौर पर मिनाब इलाके में मारे गए लोगों और बच्चों की मौत ने पूरे देश को झकझोर दिया है। उन्होंने कहा, हम अपने शहीदों के खून को व्यर्थ नहीं जाने देंगे। जिन बच्चों और निर्दोष लोगों की जान गई है, उनका बदला लिया जाएगा। खामेनेई के इस बयान को क्षेत्र में जारी संघर्ष को और तेज करने वाले संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

होर्मुज जलडमरूमध्य पर सख्त रुख

अपने संबोधन में ईरानी सुप्रीम लीडर ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस रणनीतिक समुद्री मार्ग को बंद रखा जाना चाहिए। होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है। इसी रास्ते से दुनिया के करीब 20 प्रतिशत तेल की आपूर्ति गुजरती है। इसलिए इस मार्ग को लेकर दिया गया कोई भी बयान वैश्विक ऊर्जा बाजार पर बड़ा असर डाल सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस मार्ग में बाधा आती है तो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल और गैस की कीमतों में भारी उछाल आ सकता है।

खाड़ी में अमेरिकी सैन्य अड्डों पर निशाना

मोजतबा खामेनेई ने अपने संदेश में मिडिल ईस्ट में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर भी कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य अड्डों को बंद किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि इन ठिकानों का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के लिए किया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर यह स्थिति जारी रहती है तो ईरान इन ठिकानों को निशाना बनाना जारी रखेगा। उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर ईरान अपनी अन्य सैन्य और क्षेत्रीय क्षमताओं को भी सक्रिय कर सकता है।

पड़ोसी देशों के साथ दोस्ती की बात

हालांकि अपने बयान में खामेनेई ने यह भी कहा कि ईरान खाड़ी क्षेत्र के पड़ोसी देशों के साथ दोस्ताना संबंध बनाए रखना चाहता है। उन्होंने कहा कि ईरान का उद्देश्य क्षेत्र में स्थिरता और सहयोग बनाए रखना है, लेकिन अगर किसी देश की जमीन का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के लिए किया जाएगा तो तेहरान उसे नजरअंदाज नहीं करेगा।

सेना और जनता का धन्यवाद

अपने संबोधन में खामेनेई ने ईरानी सेना और सुरक्षा बलों की सराहना की। उन्होंने कहा कि देश की रक्षा के लिए उनके प्रयास सराहनीय हैं और उन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी मजबूती से मोर्चा संभाला है। उन्होंने देश के नागरिकों से भी अपील की कि वे एकजुट रहें और देशभर में आयोजित होने वाली रैलियों और सार्वजनिक कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में हिस्सा लें।

‘यह सिर्फ युद्ध नहीं, सम्मान की लड़ाई’

अपने संबोधन के अंत में ईरान के सुप्रीम लीडर ने कहा कि मौजूदा संघर्ष केवल सैन्य लड़ाई नहीं है, बल्कि यह देश के राष्ट्रीय सम्मान और सुरक्षा से जुड़ा हुआ मुद्दा है। उन्होंने कहा कि ईरान को इस संघर्ष में अपने दुश्मनों का सामना करना होगा और देश किसी भी बाहरी दबाव के सामने झुकने वाला नहीं है। मिडिल ईस्ट में बढ़ते इस टकराव के बीच खामेनेई का यह बयान संकेत देता है कि आने वाले दिनों में क्षेत्र में तनाव और बढ़ सकता है, जिसका असर वैश्विक राजनीति और ऊर्जा बाजार दोनों पर पड़ने की संभावना है।

Tags:    

Similar News