Dubai Airport: दुबई एयरपोर्ट के पास हमले की कोशिश, सुरक्षा बलों ने नष्ट किए दो ड्रोन; एक भारतीय समेत चार घायल

दुबई मीडिया ऑफिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए बताया कि सुरक्षा एजेंसियों ने एयरपोर्ट के आसपास उड़ रहे दो संदिग्ध ड्रोन को मार गिराया। इसके बाद दोनों ड्रोन एयरपोर्ट के नजदीक जमीन पर गिर गए, जिससे आसपास मौजूद लोगों को चोटें आईं।

Update: 2026-03-11 08:46 GMT
दुबई। West Asia Crisis: पश्चिम एशिया में जारी तनाव और सैन्य गतिविधियों के बीच दुबई से एक अहम खबर सामने आई है। दुबई के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (डीएक्सबी) के पास दो ड्रोन गिराए जाने की घटना में एक भारतीय नागरिक सहित चार लोग घायल हो गए। दुबई मीडिया ऑफिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए बताया कि सुरक्षा एजेंसियों ने एयरपोर्ट के आसपास उड़ रहे दो संदिग्ध ड्रोन को मार गिराया। इसके बाद दोनों ड्रोन एयरपोर्ट के नजदीक जमीन पर गिर गए, जिससे आसपास मौजूद लोगों को चोटें आईं।

चार लोग घायल, भारतीय नागरिक को मध्यम चोट

अधिकारियों के अनुसार इस घटना में कुल चार लोग घायल हुए हैं। इनमें एक भारतीय नागरिक, दो घाना के नागरिक और एक बांग्लादेशी नागरिक शामिल हैं। बताया गया है कि घाना और बांग्लादेश के नागरिकों को मामूली चोटें आई हैं, जबकि भारतीय नागरिक को मध्यम स्तर की चोट लगी है। सभी घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज किया जा रहा है। दुबई प्रशासन ने कहा है कि सभी घायलों की स्थिति स्थिर है और उन्हें आवश्यक चिकित्सकीय सहायता दी जा रही है।

उड़ानों पर नहीं पड़ा असर

दुबई प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि इस घटना के बावजूद दुबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उड़ानों का संचालन सामान्य रूप से जारी है। अधिकारियों के मुताबिक यात्रियों और विमान सेवाओं पर किसी तरह का बड़ा प्रभाव नहीं पड़ा है और एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया गया है। फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि ये ड्रोन कहां से आए थे और इन्हें किस उद्देश्य से उड़ाया गया था। जांच में तकनीकी और सुरक्षा विशेषज्ञों को भी शामिल किया गया है।

क्षेत्र में बढ़ता तनाव

यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब पश्चिम एशिया में इजरायल और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। दोनों देशों के बीच हाल के दिनों में कई बार हमले और जवाबी कार्रवाई की खबरें सामने आई हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। 

ईरान के नए सुप्रीम लीडर के घायल होने की खबर

इसी बीच ईरान से भी एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई संघर्ष के दौरान घायल हो गए हैं। इस बात की पुष्टि ईरान के राष्ट्रपति के बेटे यूसुफ पेजेशकियन ने की है। यह बयान ऐसे समय सामने आया है जब खामेनेई की सेहत और उनके ठिकाने को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं। पेजेशकियन ने अपने टेलीग्राम चैनल पर पोस्ट करते हुए कहा कि उन्होंने इस बारे में अपने कुछ परिचितों से जानकारी ली है और उन्हें बताया गया है कि मोजतबा खामेनेई सुरक्षित हैं। उन्होंने लिखा, “मुझे खबर मिली थी कि मिस्टर मोजतबा खामेनेई घायल हो गए हैं। मैंने कुछ दोस्तों से पूछा जिनका उनसे संपर्क है। उन्होंने बताया कि खुदा का शुक्र है, वह सुरक्षित और ठीक हैं।”

बताया जा रहा है कि मोजतबा खामेनेई ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमलों के शुरुआती दिनों में घायल हुए थे। उन्होंने हाल ही में अपने पिता अली खामेनेई की मौत के बाद सुप्रीम लीडर का पद संभाला है।

कतर ने मध्यस्थता से किया इनकार

इसी बीच खाड़ी क्षेत्र के एक प्रमुख देश कतर ने भी मौजूदा हालात को लेकर अहम बयान दिया है। कतर ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान स्थिति में वह ईरान और पश्चिमी देशों के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाने में सक्षम नहीं है। कतर के विदेश मामलों के राज्य मंत्री मोहम्मद बिन अब्दुलअजीज अल-खुलैफी ने एक साक्षात्कार में कहा कि जब उनका देश खुद संभावित हमलों का सामना कर रहा है, तब वह शांति वार्ता कराने की स्थिति में नहीं है। उन्होंने कहा कि कतर और ओमान लंबे समय से ईरान और पश्चिमी देशों के बीच संवाद बनाए रखने की कोशिश करते रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद इन देशों को भी हमलों का सामना करना पड़ा है।

नागरिकों को जारी की चेतावनी

तनावपूर्ण हालात के बीच कतर सरकार ने अपने नागरिकों के लिए सुरक्षा चेतावनी भी जारी की है। बुधवार सुबह जारी इस एडवाइजरी में संभावित ईरानी हमलों को लेकर सतर्क रहने को कहा गया है। अल-खुलैफी ने कहा कि क्षेत्र के देश ईरान के दुश्मन नहीं हैं, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में ईरान को यह समझना होगा कि लगातार बढ़ते तनाव का असर पूरे क्षेत्र पर पड़ रहा है।

सुरक्षा एजेंसियां सतर्क

दुबई में ड्रोन गिराए जाने की घटना और पश्चिम एशिया में जारी सैन्य तनाव के बीच क्षेत्र के कई देशों ने अपनी सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना शुरू कर दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा हालात में हवाई सुरक्षा और संवेदनशील प्रतिष्ठानों की निगरानी और भी महत्वपूर्ण हो गई है। फिलहाल दुबई में ड्रोन गिराए जाने की घटना की जांच जारी है और सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इसके पीछे कौन जिम्मेदार हो सकता है।

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