डोनाल्ड ट्रंप ने कहा- बिना शर्त आत्मसमर्पण करे ईरान, तेहरान ने किया पलटवार, जानें क्‍या हुआ युद्ध के सातवें दिन

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने संकेत दिया कि कुछ देश युद्ध समाप्त कराने के लिए मध्यस्थता की कोशिश कर रहे हैं। इसे संघर्ष खत्म करने के लिए संभावित कूटनीतिक पहल का शुरुआती संकेत माना जा रहा है।

Update: 2026-03-06 22:10 GMT
तेहरान/वॉशिंगटन। US Iran War: अमेरिका और इजरायल द्वारा शुरू किए गए युद्ध के एक सप्ताह बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान से बिना शर्त आत्मसमर्पण करने को कहा है। इससे पश्चिम एशिया का संघर्ष और तीखा हो गया है। ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ कोई भी बातचीत या समझौता तभी संभव होगा जब वह पूरी तरह आत्मसमर्पण करे। इससे पहले उन्होंने यह भी कहा था कि ईरान के अगले सर्वोच्च नेता के चयन में भी अमेरिका को शामिल किया जाना चाहिए। ईरान ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे अपनी संप्रभुता में हस्तक्षेप बताया है।

बह रहे खून के लिए अमेरिका जिम्मेदार

ईरान के उप विदेश मंत्री सईद खतीबजादेह ने नई दिल्ली में आयोजित रायसीना डॉयलाग में कहा कि ईरान ने कसम खाई है कि देश आखिरी गोली और आखिरी सैनिक तक प्रतिरोध करेगा। उधर, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि पश्चिम एशिया में बह रहे खून के लिए अमेरिका जिम्मेदार है।

कूटनीतिक पहल का शुरुआती संकेत


दूसरी ओर, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने संकेत दिया कि कुछ देश युद्ध समाप्त कराने के लिए मध्यस्थता की कोशिश कर रहे हैं। इसे संघर्ष खत्म करने के लिए संभावित कूटनीतिक पहल का शुरुआती संकेत माना जा रहा है। ट्रंप की आत्मसमर्पण की मांग के बाद वैश्विक वित्तीय बाजारों में भी हलचल देखी गई। यूरोपीय शेयर बाजारों में गिरावट आई और वाल स्ट्रीट भी कमजोर खुला। युद्ध के सातवें दिन अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर भीषण बमबारी की, जबकि ईरान ने पश्चिम एशिया में कई अमेरिकी सैन्य ठिकानों के साथ-साथ इजरायल पर भी मिसाइल और ड्रोन हमले किए। लेबनान पर भी इजरायली हमले तेज हो गए हैं। भारत ने कोच्चि में ईरानी जहाज आइरिश लावण को आपातकालीन स्थिति में रुकने की अनुमति दी है। इस पर 183 चालक दल के सदस्य सवार हैं।

ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी सैन्य अभियान से ईरान को भारी सैन्य नुकसान हुआ है। ट्रंप ने कहा कि ईरान अब समझौते की बात कर रहा है, लेकिन उसने बहुत देर कर दी है। ट्रंप ने दुनियाभर में तैनात ईरानी राजनयिकों से शरण लेने और नए ईरान के निर्माण में सहयोग करने की अपील की।

पश्‍चिम एशिया में सातवें दिन भी घमासान

इजरायल डिफेंस फोर्स ने शुक्रवार को तेहरान में एक भूमिगत बंकर को निशाना बनाया। बताया गया कि यह बंकर ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के आवासीय परिसर के नीचे बनाया गया था और युद्धकालीन कमांड सेंटर के रूप में इस्तेमाल के लिए तैयार किया गया था। करीब 50 इजरायली लड़ाकू विमानों ने इस अभियान में हिस्सा लिया। इसके अलावा शिराज, इश्फहान, तबरीज और केरमानशाह सहित कई शहरों के मिसाइल अड्डों और भूमिगत ठिकानों पर भी हमले किए गए। कुल मिलाकर 400 हमले शुक्रवार को किए गए।

इजरायल ने बेरूत और दक्षिणी लेबनान में 115 ठिकानों पर हमले किए हैं। इन हमलों में अब तक 217 नागरिकों की मौत और 798 लोग घायल होने की खबर है। वहीं हिजबुल्ला ने इजरायल की ओर करीब 70 राकेट दागे। लेबनान में एक लाख से अधिक लोग विस्थापित हो चुके हैं।

युद्ध को लेकर अमेरिका के दावे

अमेरिकी रक्षा मंत्रालय ने दावा किया है कि अब तक की कार्रवाई में ईरान के करीब 30 युद्धपोत नष्ट किए जा चुके हैं, जिनमें एक ड्रोन ले जाने वाला पोत भी शामिल है। व्हॉइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलीन लेविट ने दावा किया कि जल्दी ही ईरान के हवाई क्षेत्र पर अमेरिका का नियंत्रण हो जाएगा। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर ने कहा कि ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल हमलों में 90 प्रतिशत और ड्रोन हमलों में 83 प्रतिशत तक गिरावट आई है। पिछले 72 घंटों में अमेरिकी विमानों ने ईरान के लगभग 200 ठिकानों पर बमबारी की है। बी-2 स्पिरिट बमवर्षक विमानों ने 2000 पाउंड के कई बम गिराए, जिनसे अनेक बैलिस्टिक मिसाइल लांचर नष्ट हो गए। पश्चिम एशिया में करीब 50,000 अमेरिकी सैनिकों की तैनाती बताई जा रही है।

ईरान की जवाबी कार्रवाई

ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई तेज करने का दावा किया है। रिवोल्यूशनरी गॉर्ड्स ने कहा कि उसने तेल अवीव पर खैबर मिसाइलों और ड्रोन से हमला किया। बहरीन की एक तेल रिफाइनरी पर मिसाइल गिरने से आग लग गई, जिसे बाद में काबू में कर लिया गया। वहीं अमेरिकी सेना ने आरोप लगाया कि ईरान ने नागरिक और रिहायशी ठिकानों को निशाना बनाते हुए सात हमले किए। इनका करारा जवाब दिया जाएगा।


ड्रोन से निशाना बनाया


ईरान ने रमत डेविड एयरबेस, अल अदिरी कैंप और इरबिल स्थित अमेरिकी ठिकानों को ड्रोन से निशाना बनाने का दावा किया है। वहीं कतर स्थित अल उदैद एयर बेस पर हमले को कतर की रक्षा प्रणाली ने विफल कर दिया। ईरानी हमलों में 10 इजरायली नागरिकों के मारे जाने की खबर है। ईरानी अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में और अधिक शक्तिशाली हथियारों का इस्तेमाल किया जा सकता है।

कुर्द मिलिशिया को लेकर नया विवाद

ट्रंप ने इराक स्थित कुर्द मिलिशिया को ईरान पर हमला करने की सलाह दी है। बताया गया कि कुर्दिश बल अमेरिकी अधिकारियों से संभावित सैन्य कार्रवाई पर चर्चा कर रहे हैं। हालांकि इराक के प्रधानमंत्री मोहम्मद शिया अल-सुदानी और कुर्दिस्तान क्षेत्र के नेता नेचिरवान बरजानी ने संयुक्त बयान जारी कर कहा कि उनके क्षेत्र का उपयोग पड़ोसी देशों पर हमले के लिए नहीं किया जाएगा। वहीं ईरान ने कुर्द मिलिशिया को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि उसके खिलाफ हमला हुआ तो इराक का पूरा कुर्द क्षेत्र हमलों की जद में आ सकता है।

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