सिडनी से गूंजी पीएम मोदी की तारीफ, कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी बोले- 25 साल में एक दिन भी छुट्टी नहीं

कार्नी ने अपने भारत दौरे के दौरान पीएम मोदी से हुई मुलाकात का भी जिक्र किया और कहा कि मोदी के साथ बातचीत के दौरान उन्हें उनकी कार्यशैली और अनुशासन को करीब से समझने का अवसर मिला। उनके अनुसार, मोदी एक ऐसे नेता हैं जिनकी प्राथमिकता हमेशा देश और उसके नागरिक होते हैं।

Update: 2026-03-05 05:27 GMT
सिडनी। ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय सेमिनार में कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी (Mark Carney) ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) की खुलकर प्रशंसा की। अपने संबोधन में कार्नी ने मोदी को एक असाधारण और समर्पित नेता बताया। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी का कार्य करने का तरीका और जनता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता दुनिया के कई नेताओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

कार्नी ने अपने भारत दौरे के दौरान पीएम मोदी से हुई मुलाकात का भी जिक्र किया और कहा कि मोदी के साथ बातचीत के दौरान उन्हें उनकी कार्यशैली और अनुशासन को करीब से समझने का अवसर मिला। उनके अनुसार, मोदी एक ऐसे नेता हैं जिनकी प्राथमिकता हमेशा देश और उसके नागरिक होते हैं।

25 वर्षों से बिना छुट्टी लगातार काम

सेमिनार में बोलते हुए कार्नी ने पीएम मोदी के कार्य के प्रति समर्पण को विशेष रूप से रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि पिछले 25 वर्षों में मोदी ने एक भी दिन की छुट्टी नहीं ली है। चाहे वह गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में काम कर रहे हों या भारत के प्रधानमंत्री के तौर पर देश का नेतृत्व कर रहे हों, उन्होंने लगातार बिना रुके काम किया है। कार्नी के मुताबिक, किसी भी सार्वजनिक जीवन में इतने लंबे समय तक बिना छुट्टी लिए काम करना बेहद दुर्लभ है। यह दिखाता है कि मोदी अपने दायित्वों को कितनी गंभीरता से लेते हैं और देश की प्रगति के लिए कितने समर्पित हैं।

चुनाव प्रचार में भी दिखता है जबरदस्त उत्साह

कार्नी ने पीएम मोदी की चुनावी सक्रियता का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि मोदी हर सप्ताहांत चुनाव प्रचार के लिए विभिन्न राज्यों में जाते हैं और वहां विशाल जनसभाओं को संबोधित करते हैं। कार्नी के अनुसार, मोदी की रैलियों में अक्सर ढाई लाख से अधिक लोग जुटते हैं। यह दर्शाता है कि देश की जनता के साथ उनका गहरा जुड़ाव है। उन्होंने कहा कि इतने बड़े पैमाने पर लोगों का किसी नेता को सुनने के लिए एकत्र होना उनकी लोकप्रियता और जनविश्वास का प्रमाण है।

गांवों और आम लोगों पर खास ध्यान

कनाडाई प्रधानमंत्री ने पीएम मोदी की नीतियों और प्राथमिकताओं की भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि मोदी का ध्यान विशेष रूप से ग्रामीण भारत और वहां रहने वाले लोगों की जरूरतों पर रहता है। कार्नी के मुताबिक, मोदी की सरकार ने कई ऐसी योजनाएं शुरू की हैं जिनका उद्देश्य सरकारी लाभ को सीधे गरीब और जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था पारदर्शिता और दक्षता दोनों को बढ़ाती है।

कार्नी ने यह भी कहा कि मोदी की सोच का केंद्र यह है कि विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। यही वजह है कि भारत में कई योजनाएं सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों तक पहुंचाई जा रही हैं।

यूपीआई और डिजिटल भुगतान प्रणाली की सराहना

अपने भाषण में कार्नी ने भारत की डिजिटल क्रांति, विशेष रूप से यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि यूपीआई ने भारत में भुगतान प्रणाली को पूरी तरह बदल दिया है। कार्नी के अनुसार, यह एक ऐसा प्लेटफॉर्म है जिसे दुनिया के कई देश अपनाने की दिशा में सोच रहे हैं। इस तकनीक की खासियत यह है कि इसके माध्यम से पैसा सीधे एक खाते से दूसरे खाते में पहुंच जाता है और इसमें किसी बिचौलिए की जरूरत नहीं होती। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था ने भ्रष्टाचार और हेराफेरी की संभावनाओं को काफी हद तक कम कर दिया है। साथ ही इससे करोड़ों लोग औपचारिक अर्थव्यवस्था का हिस्सा बन पाए हैं।

भारत-कनाडा संबंधों को सुधारने की कोशिश

कार्नी का हालिया भारत दौरा दोनों देशों के बीच पिछले कुछ समय से चले आ रहे तनावपूर्ण संबंधों को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस दौरान दोनों देशों के बीच तकनीक, संस्कृति और आर्थिक सहयोग से जुड़े कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। कार्नी ने इसे भारत और कनाडा के रिश्तों में साझेदारी के एक नए दौर की शुरुआत बताया। उन्होंने कहा कि दोनों देश लोकतांत्रिक मूल्यों और आर्थिक सहयोग के आधार पर मजबूत साझेदारी बना सकते हैं।

ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग का भरोसा

कार्नी ने यह भी कहा कि कनाडा भारत की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में सहयोग देने के लिए तैयार है। इस दिशा में कनाडा की प्रमुख कंपनी कैमेको (Cameco) और भारत के बीच यूरेनियम की आपूर्ति को लेकर एक दीर्घकालिक समझौता किया गया है। इस समझौते के तहत कनाडा भारत के परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम के लिए यूरेनियम की आपूर्ति करेगा। इससे भारत को स्वच्छ और स्थिर ऊर्जा उत्पादन में मदद मिलेगी।

रक्षा सहयोग को भी मिलेगा नया रूप

भारत और कनाडा के बीच रक्षा सहयोग को लेकर भी बातचीत चल रही है। दोनों देश अपने पुराने रक्षा समझौते को आधुनिक जरूरतों के अनुरूप नया रूप देने पर विचार कर रहे हैं। कार्नी ने कहा कि सुरक्षा और रणनीतिक सहयोग दोनों देशों के संबंधों को और मजबूत बना सकते हैं। इस दिशा में भविष्य में कई नई पहल की जा सकती हैं।

भारतीय मूल के लोगों की बड़ी भूमिका

कार्नी ने अपने भाषण में कनाडा में रहने वाले भारतीय मूल के लोगों का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि लगभग 20 लाख भारतीय मूल के लोग कनाडा में रहते हैं और वे वहां के समाज, अर्थव्यवस्था और संस्कृति में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि हर साल हजारों लोग भारत और कनाडा के बीच यात्रा करते हैं। इससे दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और पारिवारिक संबंध और मजबूत होते हैं। कार्नी के अनुसार, भारतीय समुदाय दोनों देशों के बीच एक मजबूत पुल का काम करता है और यही रिश्तों की असली ताकत है।

सकारात्मक संकेत


सिडनी में दिए गए अपने भाषण में कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने न केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कार्यशैली और नेतृत्व की सराहना की, बल्कि भारत की आर्थिक और तकनीकी प्रगति को भी दुनिया के लिए एक महत्वपूर्ण उदाहरण बताया। उनकी टिप्पणियों को भारत और कनाडा के बीच संबंधों में सकारात्मक संकेत के रूप में देखा जा रहा है, जो आने वाले समय में दोनों देशों के सहयोग को और मजबूत कर सकते हैं।

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