बांग्लादेश चुनाव में हिंसा की छाया: खुलना में बीएनपी नेता की मौत, कई जिलों में बम धमाके
खुलना के एक वोटिंग सेंटर के बाहर कथित तौर पर BNP और जमात-ए-इस्लामी कार्यकर्ताओं के बीच तीखी झड़प हुई। इसी दौरान BNP नेता मोहिबुज्जमान कोच्चि की मौत हो गई।
ढाका/खुलना: बांग्लादेश में आम चुनाव के दौरान कई जगहों से हिंसा, झड़प और धमाकों की खबरों ने चुनावी माहौल को तनावपूर्ण बना दिया है। खुलना में एक मतदान केंद्र के बाहर जमात-ए-इस्लामी कार्यकर्ताओं के साथ झड़प में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के स्थानीय नेता मोहिबुज्जमान कोच्चि की मौत हो गई। उनकी मौत को लेकर BNP और जमात-ए-इस्लामी के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। इसी बीच मुंशीगंज और गोपालगंज में देसी बम फेंके जाने की घटनाओं से सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे हैं।
खुलना में झड़प, BNP नेता की मौत
खुलना के एक वोटिंग सेंटर के बाहर कथित तौर पर BNP और जमात-ए-इस्लामी कार्यकर्ताओं के बीच तीखी झड़प हुई। इसी दौरान BNP नेता मोहिबुज्जमान कोच्चि की मौत हो गई। BNP का आरोप है कि झड़प के दौरान जमात के एक नेता ने मोहिबुज्जमान को जोर से धक्का दिया, जिससे वह पास के एक पेड़ से टकरा गए और गंभीर रूप से घायल हो गए। पार्टी का दावा है कि इसी चोट के कारण उनकी मौत हुई। वहीं, जमात-ए-इस्लामी के एक स्थानीय नेता ने इस आरोप को खारिज करते हुए कहा कि हंगामे के दौरान मोहिबुज्जमान की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। उनके मुताबिक, उन्हें हार्ट अटैक आया और इसी वजह से उनकी मृत्यु हुई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जिससे मौत के वास्तविक कारण का पता चल सके।
मुंशीगंज और गोपालगंज में बम धमाके
चुनाव के दिन मुंशीगंज-3 और गोपालगंज सदर क्षेत्र में वोटिंग सेंटर के बाहर देसी बम फेंके जाने की घटनाएं सामने आईं। मुंशीगंज-3 में धमाके के बाद कुछ समय के लिए मतदान प्रक्रिया रोक दी गई थी। हालांकि, हालात सामान्य होने के बाद दोबारा मतदान शुरू कर दिया गया। गोपालगंज सदर इलाके में हुए विस्फोट में दो अंसार जवान (अर्द्धसैनिक बल के सदस्य) और एक 14 वर्षीय लड़की घायल हो गई। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। प्रशासन ने सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी है और संदिग्धों की तलाश की जा रही है! इन घटनाओं ने चुनावी प्रक्रिया की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं।
मौलवीबाजार में हिंदू युवक की हत्या, तनाव बढ़ा
इसी बीच मौलवीबाजार जिले से अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के एक युवक की हत्या का मामला सामने आया है। आम चुनाव से एक दिन पहले 28 वर्षीय रतन शुवो कर का शव बरामद किया गया। रतन इस्लामपुर यूनियन के चंपारा चाय बागान में काम करता था। पुलिस के अनुसार, उसका शव हाथ-पैर बंधी हुई अवस्था में मिला। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि उसके शरीर पर चोट के कई निशान थे। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। अल्पसंख्यक समुदाय के खिलाफ हिंसा की यह घटना चुनावी माहौल में संवेदनशीलता को और बढ़ा रही है।
12.7 करोड़ मतदाता, युवाओं की अहम भूमिका
बांग्लादेश में इस बार करीब 12.7 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं। देशभर में लगभग 33 हजार मतदान केंद्र बनाए गए हैं। चुनाव आयोग के शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, अब तक लगभग 33 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया है। इस चुनाव में युवाओं की भूमिका बेहद अहम मानी जा रही है। लगभग आधे मतदाता 18 से 37 वर्ष की आयु वर्ग के हैं। इनमें से करीब 45.7 लाख मतदाता पहली बार वोट डाल रहे हैं। महिलाओं की भागीदारी भी उल्लेखनीय बताई जा रही है, और कई क्षेत्रों में महिलाओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं।
निष्पक्षता पर बयानबाजी
जमात-ए-इस्लामी के नेता शफीकुर रहमान ने कहा है कि यदि चुनाव निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से होते हैं, तो उनकी पार्टी परिणाम स्वीकार करेगी। वहीं, BNP अध्यक्ष तारिक रहमान ने चुनाव परिणाम जल्द घोषित करने की मांग की है। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि मतदाताओं को अपने वोट का परिणाम समय पर जानने का अधिकार है। तारिक रहमान ने कहा, “चुनाव आयोग को ऐसे कदम उठाने चाहिए, जिससे लोगों को जल्दी पता चल सके कि उन्होंने जिसे वोट दिया, उसका क्या परिणाम रहा।” उन्होंने चेतावनी दी कि यदि परिणाम घोषित करने में अनावश्यक देरी होती है तो इससे भ्रम और असंतोष की स्थिति पैदा हो सकती है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अगर मतदान निष्पक्ष हुआ तो परिणाम स्वीकार किए जाएंगे, लेकिन किसी भी तरह की गड़बड़ी या छेड़छाड़ की स्थिति में पार्टी परिणाम नहीं मानेगी।
तीन सीटों पर मतदान स्थगित करने की मांग
जमात-ए-इस्लामी ने चुनाव में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए कुमिला-8, शरियतपुर-2 और पटुआखाली-1 सीटों पर मतदान स्थगित करने की मांग की है। गुरुवार दोपहर गठबंधन का एक प्रतिनिधिमंडल चुनाव आयोग के मुख्यालय पहुंचा और मुख्य चुनाव आयुक्त एएमएम नासिर उद्दीन से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। उनका कहना है कि इन क्षेत्रों में मतदान प्रक्रिया में गंभीर गड़बड़ियां हुई हैं और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए मतदान रोकना आवश्यक है। चुनाव आयोग ने इन आरोपों पर तत्काल कोई सार्वजनिक टिप्पणी नहीं की है, लेकिन सूत्रों के अनुसार शिकायतों की जांच की जा रही है।
चुनावी माहौल पर हिंसा की छाया
बांग्लादेश में चल रहे आम चुनाव के बीच सामने आई हिंसक घटनाओं ने राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया है। खुलना में BNP नेता की मौत, विभिन्न जिलों में बम धमाके और मौलवीबाजार में हिंदू युवक की हत्या जैसी घटनाओं ने सुरक्षा और निष्पक्षता को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब नजरें चुनाव आयोग और प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं। आने वाले दिनों में पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, जांच के निष्कर्ष और चुनाव परिणाम इस पूरे घटनाक्रम की दिशा तय करेंगे। फिलहाल, देश की लोकतांत्रिक प्रक्रिया हिंसा और आरोप-प्रत्यारोप के बीच आगे बढ़ रही है।