वाशिंगटन/ढाका। बांग्लादेश को अमेरिका के साथ हुए नए व्यापार समझौते के तहत अहम राहत मिली है। अमेरिका ने बांग्लादेश से आयात होने वाले उत्पादों पर टैरिफ (आयात शुल्क) घटाकर 19 प्रतिशत कर दिया है। इससे पहले यह दर प्रस्तावित रूप से 37 प्रतिशत तक पहुंच गई थी, जिसे अगस्त 2025 में घटाकर 20 प्रतिशत किया गया था। अब इसे और कम कर 19 प्रतिशत कर दिया गया है। सबसे महत्वपूर्ण प्रावधान यह है कि अमेरिका में निर्मित कच्चे माल जैसे कपास और मानव-निर्मित फाइबर से तैयार किए गए कुछ बांग्लादेशी रेडीमेड कपड़े और टेक्सटाइल उत्पादों को अमेरिकी बाजार में शून्य टैरिफ पर प्रवेश मिलेगा।
नौ महीने की बातचीत के बाद समझौता
बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद युनूस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए बताया कि यह समझौता अप्रैल 2025 से चल रही करीब नौ महीने की बातचीत का परिणाम है। युनूस के अनुसार, अमेरिका ने ऐसी व्यवस्था पर सहमति दी है जिसके तहत अमेरिकी कपास और सिंथेटिक फाइबर से बने बांग्लादेशी परिधानों पर कोई जवाबी टैरिफ नहीं लगाया जाएगा। हालांकि, अमेरिका के वित्त मंत्रालय या तत्कालीन प्रशासन की ओर से इस पर कोई औपचारिक बयान जारी नहीं किया गया है। इसके बावजूद बांग्लादेश में इस समझौते को एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक और आर्थिक सफलता के रूप में देखा जा रहा है।
रेडीमेड गारमेंट्स को सबसे अधिक लाभ
बांग्लादेश के वाणिज्य सचिव महबूबुर रहमान ने कहा कि इस समझौते से सबसे अधिक फायदा रेडीमेड गारमेंट्स (आरएमजी) क्षेत्र को होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका से आयातित कपास और मानव-निर्मित फाइबर से तैयार कपड़े अब अमेरिकी बाजार में बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के निर्यात किए जा सकेंगे। समझौते पर वॉशिंगटन में बांग्लादेश के वाणिज्य सलाहकार शेख बशीर उद्दीन और अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर ने हस्ताक्षर किए। व्यापार विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से बांग्लादेशी निर्यातकों की प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति मजबूत होगी, खासकर ऐसे समय में जब वैश्विक बाजार में लागत और आपूर्ति शृंखला से जुड़ी चुनौतियां बनी हुई हैं।
समझौते के अन्य प्रमुख प्रावधान
कपास और फाइबर से जुड़े प्रावधानों के अलावा इस व्यापार समझौते में कई अन्य बिंदु भी शामिल हैं:
अमेरिका से गेहूं, सोयाबीन और एलएनजी (तरलीकृत प्राकृतिक गैस) आयात बढ़ाने पर सहमति
ई-कॉमर्स पर नए टैरिफ नहीं लगाने का वादा
अमेरिकी बौद्धिक संपदा अधिकार (आईपीआर) मानकों का पालन
विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) में सुधार से जुड़े अमेरिकी प्रस्तावों का समर्थन
इसके अतिरिक्त, बांग्लादेश ने अमेरिकी विमानन कंपनी बोइंग से 25 विमान खरीदने पर भी सहमति जताई है। इन विमानों की अनुमानित लागत 30,000 से 35,000 करोड़ टका बताई जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह खरीद समझौते का हिस्सा होने के साथ-साथ अमेरिका के साथ व्यापारिक संतुलन सुधारने की रणनीति का भी हिस्सा है।
अमेरिका: बांग्लादेश का सबसे बड़ा निर्यात बाजार
निर्यात संवर्धन ब्यूरो के आंकड़ों के अनुसार, अमेरिका बांग्लादेश का सबसे बड़ा निर्यात गंतव्य बना हुआ है। देश के कुल निर्यात में अमेरिकी बाजार की हिस्सेदारी उल्लेखनीय है। आरएमजी सेक्टर अकेले बांग्लादेश के कुल निर्यात का 80 प्रतिशत से अधिक योगदान देता है। यह उद्योग लगभग 40 लाख लोगों को रोजगार प्रदान करता है, जिनमें अधिकांश महिलाएं हैं। इसके अलावा, देश की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में इस क्षेत्र का योगदान करीब 10 प्रतिशत है। ऐसे में टैरिफ में कमी को बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है।
15% की उम्मीद, 19% पर समझौता
बांग्लादेशी नीति-निर्माताओं को उम्मीद थी कि टैरिफ दर को 15 प्रतिशत तक लाया जा सकेगा। हालांकि, 19 प्रतिशत की नई दर को भी सकारात्मक कदम माना जा रहा है, क्योंकि इससे निर्यातकों पर दबाव कम होगा और अमेरिकी बाजार में उनकी प्रतिस्पर्धा क्षमता बढ़ेगी। विश्लेषकों का कहना है कि अमेरिकी कच्चे माल का उपयोग बढ़ने से दोनों देशों के बीच आपूर्ति शृंखला और मजबूत हो सकती है, जिससे द्विपक्षीय व्यापार संबंधों को दीर्घकालिक लाभ मिल सकता है।
चुनावी माहौल में आया समझौता
यह समझौता ऐसे समय पर हुआ है, जब बांग्लादेश में 12 फरवरी को आम चुनाव होने जा रहे हैं। इन चुनावों के बाद देश में नई सरकार का गठन होगा और 18 महीने से चल रही मोहम्मद युनूस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार का कार्यकाल समाप्त हो जाएगा। अंतरिम सरकार ने शेख हसीना की अवामी लीग सरकार के पतन के बाद सत्ता संभाली थी। चुनाव से ठीक पहले इस समझौते को सरकार की एक अहम उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम आर्थिक स्थिरता और अंतरराष्ट्रीय भरोसे के संकेत के तौर पर मतदाताओं के बीच सकारात्मक संदेश दे सकता है।
तात्कालिक राहत
टैरिफ में कमी और शून्य शुल्क प्रावधान से बांग्लादेश के कपड़ा उद्योग को तात्कालिक राहत मिल सकती है। हालांकि, दीर्घकालिक लाभ इस बात पर निर्भर करेगा कि उद्योग कितनी तेजी से अमेरिकी कच्चे माल का उपयोग बढ़ाता है और उत्पादन क्षमता में सुधार करता है। कुल मिलाकर, अमेरिका-बांग्लादेश व्यापार समझौता दोनों देशों के आर्थिक संबंधों में एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है, जो न सिर्फ निर्यात को बढ़ावा देगा बल्कि क्षेत्रीय और वैश्विक व्यापार संतुलन में भी अहम भूमिका निभा सकता है।