नवाचारी संस्कृति साझा प्रयास है : राष्ट्रपति

राष्ट्रपति कोविंद ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित नवाचारी व उद्यमिता महोत्सव के समापन पर बुधवार को भारत में उद्यमिता विकास के मकसद से 'इंडिया इनोवेशन ग्रोथ प्रोग्राम -2' के 2018 संस्करण की शुरुआत की

Update: 2018-03-22 01:33 GMT

नई दिल्ली। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित नवाचारी व उद्यमिता महोत्सव (एफआईएनई) के समापन पर बुधवार को भारत में उद्यमिता विकास के मकसद से 'इंडिया इनोवेशन ग्रोथ प्रोग्राम (आईआईजीपी)-2' के 2018 संस्करण की शुरुआत की। इस मौके पर उन्होंने कहा कि नवाचारी संस्कृति विज्ञान और प्रौद्योगिकी तक ही सीमित नहीं है बल्कि यह साझा प्रयास है। भारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी), लॉकहीड मार्टिन कॉरपोरेशन और टाटा ट्रस्ट के सहयोग से संचालित यह कार्यक्रम 2017 में आरंभ हुआ था। इस कार्यक्रम के माध्यम से पूरे भारत में नवाचार के मौके प्रदान किए जाते हैं। 

नवाचार, उद्यामिता और प्रौद्योगिकी वाणिज्यीकरण के प्रमुख हरकेश मित्तल ने कहा, "डीएसटी के साझेदार के तौर पर आईआईजीपी के साथ काम कर रहा है। मुझे उम्मीद है कि इस साल भी आईआईजीपी-2 सफल उद्यमों के लिए नवाचारी संकल्पनाएं विकसित करने और उनके जरिये बदलाव लाने में बेहतर प्रदर्शन करेगा।"

लॉकहीड मार्टिन इंडिया के चीफ एग्जिक्यूटिव फिल शॉ ने कहा, "लॉकहीड मार्टिन इंडिया इनोवेटिव ग्रोथ कार्यक्रम का 2007 से प्रायोजक और समर्थक रहा है और आईआईजीपी ने भारत के नवोन्मेषकों की संभावनाओं को निखारने में सरकार और उद्योग के साथ काम करने का एक मानक मॉडल के रूप में खुद को स्थापित किया है।"

टाटा ट्रस्ट के उद्यमिता व नवाचार के प्रमुख मनोज कुमार ने कहा, "हम हमेशा जीवन की गुणवत्ता में सुधार के इच्छुक नवोन्मेषकों और उद्यमियों की तलाश में रहते हैं। आईआईजीपी ने युवा और उत्साही नवोन्मेषकों की खोज करने में क्रांतिकारी भूमिका निभाई है। " 

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