आन्दोलनरत कर्मचारियों ने नववर्ष के मौके पर किया प्रदर्शन

 नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के तत्वावधान में 22 दिनों से आन्दोलन कर रहे गुस्साए कर्मचारियों ने नववर्ष के मौके पर शहर के मुख्य मार्ग बीके नीलम चौक पर जोरदार प्रदर्शन करते हुए जुलूस निकाला

Update: 2018-01-02 13:52 GMT

फरीदाबाद। नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के तत्वावधान में 22 दिनों से आन्दोलन कर रहे गुस्साए कर्मचारियों ने नववर्ष के मौके पर शहर के मुख्य मार्ग बीके नीलम चौक पर जोरदार प्रदर्शन करते हुए जूलूस निकाला व गगनवेदी आवाज में प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने हरियाणा सरकार मुर्दाबाद व चाईना की कंपनी इको ग्रीन मुर्दाबाद के नारे लगाये।

भोजनावकाश के समय निगम के सफाई कर्मचारी, सीवरमैन, बेलदार, ड्राईवर, वॉटर सप्लाई विंग कार्यालय सहित फील्ड के अन्य सैकड़ों कर्मचारी निगम मुख्यालय पर एकत्रित हुए। जहां डाइवर यूनियन के प्रधान वेद भडाना की अध्यक्षता में विशाल सभा का आयोजन किया तथा मंच का संचालन जिला सचिव नानकचंद खैरालिया ने किया।

गौरतलब है कि निगम मुख्यालय पर पिछले 22 दिनों से 688 कर्मचारियों को निगम रोल पर रखने, इको ग्रीन कंपनी के द्वारा घर-घर से कूड़ा उठाने का काम शुरू करने के बाद बेरोजगार हुए सफाई कर्मचारियों को नौकरी देने, ईएसआई, ईपीएफ का लाभ देनेदैनिक वेतन भोगी व अनुबंधित आधार पर लगे कर्मचारियों को नियमित करने, समान काम-समान वेतन देने, 14.29 प्रतिशत बढ़ोत्तरी का एरियर देने, 22 टयूबवैल ऑपरेटर व सीवरमैनों को डयूटी पर लेने, सफाई कर्मचारी व सीवरमैनों की भर्ती करने, सांतवे वेतन आयोग का एरियर देने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे है लेकिन निगम के अधिकारी नववर्ष के मौके पर भी कार्यालय से नदारद थे।

कर्मचारियों ने कार्यालय परिसर में भी निगम अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कर्मचारियों को संबोधित करते हुए नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के राज्य प्रधान नरेश कुमार शास्त्री ने हरियाणा सरकार पर चाईनिज कंपनी के साथ सांठ-गांठ कर घर-घर से कूड़ा उठाने का काम देकर  पीढ़ियों से सफाई करने वाले बाल्मीकि बिरादरी के लोगों को बेरोजगार कर दिया है। वैसे तो सरकार अन्तोदय का नारा देती है लेकिन समाज के सबसे निचले पायदान पर खड़ा सफाई कर्मचारी को ठेकेदारों का शोषण सहन करने को मजबूर किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि भाजपा ने विधानसभा 2014 के चुनावों के दौरान प्रदेश के पालिका परिषदों और निगमों के सफाई कर्मचारियों से सफाई के काम में ठेकेदारी समाप्त करने, कर्मचारियों को पक्का करने  व 15 हजार रूप्ये वेतन देने का वायदा किया था लेकिन 3 वर्ष से अधिक समय बीतने के बाद भी एक भी वायदे को पूरा नहीं किया है।

कर्मचारियों को संबोधित करते हुए जिला वरिष्ठ उपप्रधान गुरचरण खांड़िया, सफाई कर्मचारी यूनियन के प्रधान बलवीर सिंह बालगुहेर, सोमपाल झिंझोटिया, सतीश पहलवान, परसराम अधाना, राजू मढ़ोतिया ने निगम प्रशासन पर वायदाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि निगम प्रशासन कर्मचारियों से कई दौर की वार्ता करने के बाद भी उनकी न्यायोचित मांगों को कार्यान्वित करने को तैयार नहीं है इसलिए कर्मचारियों को मजबूरन ठंड के मौसम में आन्दोलन करने को मजबूर किया जा रहा है।

शहर में विकास कार्यों एवं सीवरेज सफाई व्यवस्था के प्रभावित होने से जनता को हो रही परेशानी का जिम्मेदार भी निगम प्रशासन है क्योकि निगम आयुक्त के बाद अतिरिक्त निगम आयुक्त पार्थ गुप्ता एवं संबंधित अधिकारियों का दायित्व बनता है कि वो कर्मचारियों की मानी हुई मांगों का तुरन्त प्रभाव से समाधान करें लेकिन निगम में यह आलम है कि अधिकारी कार्यालय में बैठते ही नहीं इसलिए मजबूर होकर अब कर्मचारियों ने अधिकारियों के आवासों की ओर रूख कर लिया है।

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