“दलितों के मंदिर प्रवेश पर अब भी रोक”– कांग्रेस सांसद मनोज कुमार का सवाल

कांग्रेस सांसद मनोज कुमार ने बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के फैसले पर कहा कि भारत में अधिकतर मंदिरों में दलितों के प्रवेश पर प्रतिबंध है, इसे कब ठीक किया जाएगा

Update: 2026-01-28 04:12 GMT

बीकेटीसी फैसले पर विवाद, मनोज कुमार बोले– भेदभाव कब खत्म होगा?

  • “हम हिंदू हैं, फिर भी भेदभाव क्यों?”– संसद में गूंजा दलित अधिकारों का मुद्दा
  • महंगाई-बेरोजगारी पर भी बोले मनोज कुमार, बजट से राहत की उम्मीद जताई

नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद मनोज कुमार ने बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के फैसले पर कहा कि भारत में अधिकतर मंदिरों में दलितों के प्रवेश पर प्रतिबंध है, इसे कब ठीक किया जाएगा?

कांग्रेस सांसद ने कहा कि बीकेटीसी गैर-हिंदुओं की बात कर रही है, लेकिन मैं दलित समाज से आता हूं। मैं बताना चाहता हूं कि आज भी कई मंदिरों में दलितों के प्रवेश पर प्रतिबंध है। इस प्रतिबंध को हटाने का काम कब किया जाएगा। अगर कोई दलित मंदिर में चला जाए तो उसे धोया जाता है। यह हमारे साथ भेदभाव क्यों?

उन्होंने कहा कि जहां तक गैर-हिन्दुओं की बात है तो मुसलमान केदारनाथ क्यों जाएगा? मुसलमान मस्जिद जाएगा, ईसाई गिरजाघर जाएगा, सिख गुरुद्वारा जाएगा।

कांग्रेस सांसद मनोज कुमार ने कहा कि दलितों के साथ हजारों साल से भेदभाव चल रहा है। नाम के लिए सब हिंदू या सनातनी कहलाते हैं, लेकिन व्यवहार में भेदभाव जारी है। हम तो गैर-हिंदू नहीं हैं, हम तो हिंदू हैं, तो हमारे साथ यह भेदभाव क्यों? इसे कब ठीक किया जाएगा?

उन्होंने संसद के बजट सत्र 2026 को लेकर कहा कि बजट सत्र शुरू होने वाला है। हम सब उत्साहित हैं और जनता भी उत्साहित है। देश महंगाई की चरम सीमा पर है। ऐसे में बजट सत्र के दौरान लोगों को राहत मिलने की उम्मीद होगी। पूरे देश की नजर इस सत्र पर टिकी है। युवाओं की नजर होगी कि बेरोजगारी जो चरम पर है उससे निजात मिलेगी। इस बार बजट में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। रेलवे विभाग में लाखों पद खाली हैं, बैंकों में पद खाली हैं, विभिन्न मंत्रालयों में पद खाली हैं-उन्हें भरा जाएगा। पढ़े-लिखे युवाओं को भरोसा है कि इस बजट से बेरोजगारी से निजात मिलेगी। उन्होंने कहा कि हमारे देश के किसानों को भी उम्मीद है कि उन्हें राहत मिलेगी।

कांग्रेस सांसद ने बिहार के किसानों का जिक्र करते कहा कि किसानों को खाद के लिए भटकना पड़ा, धान बेचने के लिए भटकना पड़ा। उन्होंने शिक्षा और स्वास्थ्य की स्थिति भी सुधरेगी। एम्स जैसे अस्पतालों में मरीज बिना कंबल के सोते हैं। सभी को आशा है कि यह बजट आम जनता के हित में होगा और राहत प्रदान करेगा।

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