पहल संस्था के खिलाफ होगी जांच

रायगढ़ जिले के लैलूंगा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम अमलीडीह में बीते कई सालों से संचालित मूकबधिर संस्था के नाम से कथित चंदा और नाच गाना करवाने के मामले में घरघोड़ा पुलिस ने जांच शुरू कर दी

Update: 2017-10-06 13:38 GMT

रायगढ़।  रायगढ़ जिले के लैलूंगा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम अमलीडीह में बीते कई सालों से संचालित मूकबधिर संस्था के नाम से कथित चंदा और नेत्रहिन बच्चों को नेताओं के अलावा विभिन्न कार्यक्रमों में बुलाकर नाच गाना करवाने के मामले में घरघोड़ा पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। 

इस संबंध में घरघोड़ा थाना प्रभारी अरूण नेताम ने बताया कि कुछ दिन पहले एनएसयूआई के जिला अध्यक्ष उस्मान बेग ने जिला कलेक्टर को एक लिखित शिकायत के जरिए यह बताया था कि अमलीडीह में नेत्रहिन बच्चों के नाम से पहल संस्था द्वारा समय-समय पर चंदा लिख जाता रहा है और नेत्रहिन बच्चों को अलग-अलग कार्यक्रमों में बुलाकर गीत संगीत के अलावा अपनी प्रस्तुती देने का दबाव घरघोड़ा नगर पंचायत की अध्यक्ष कविता शर्मा एवं उनके पति नीरज शर्मा द्वारा किया जाता रहा है और इस नेत्रहिन संस्था के नाम से इनके द्वारा बनाई गई पहल संस्था वसूली अभियान भी चला रही है जिसका कोई हिसाब किताब नही है।

उस्मान बेग ने जो शिकायत की थी उस शिकायत का पत्र पुलिस अधीक्षक बद्रीनारायण मीणा के पास कलेक्टर ने भेजा था। उसके आधार पर घरघोड़ा थाने द्वारा जांच की जा रही है और उसमें शिकायत कर्ता उस्मान बेग के अलावा नेत्रहिन बच्चों के संचालक  वरूण प्रधान का भी बयान लिया जा रहा है और उसके बाद जो भी कार्रवाई होगी वह की जाएगी। 

वहीं इस पूरे मामले में नेत्रहीन बच्चों की देखरेख करने वाले वरूण प्रधान से जब हमने बात की तो उनका कहना था कि समय-समय पर अमलीडीह में नेत्रहिन बच्चों के पास कविता शर्मा व नीरज शर्मा सहित अन्य कई लोग आते थे और उनके द्वारा पहल संस्था के नाम से कुछ सहायता राशि भी दी जाती थी। साथ ही साथ कई बार इन लोगों ने उन्हें घरघोड़ा तथा आसपास के क्षेत्रों में नेत्रहिन बच्चों को ले जाकर उनके कार्यक्रम भी करवाए थे। वह यह बताता है कि नेत्रहिन बच्चों की देखरेख व स्वयं करता है और पहल संस्था अलग से बनाई गई है। जिससे उनका कोई लेना देना नही है।

वरूण प्रधान ने यह आरोप लगाया कि कई बार नेत्रहिन बच्चों की फोटो खींचने पर भी मना किया था लेकिन इन लोगों द्वारा कहा जाता था कि अगर फोटो नही खींचेंगे तो पैसा कैसे मिलेगा। शिकायतकर्ता उस्मान बेग का यह आरोप है कि लंबे समय से संचालित पहल संस्था की मुख्य कविता शर्मा व नीरज शर्मा ने न तो इसका पंजीयन कराया है और न ही कोई हिसाब किताब उनके पास है। जबकि अमलीडीह की नेत्रहिन संस्था में जाकर वहां के बच्चों को नाच गाने के लिए उपयोग करके चंदा इकत्रित करना घृणित कृत्य है और इसके लिए उन्होंने जिला कलेक्टर शम्मी आबिदी को लिखित शिकायत की थी और एक पत्र मुख्यमंत्री के पास भी भेजा है ताकि नेत्रहिन बच्चों के नाम से चंदा इक के साथ-साथ उनका गलत तरीके से उनका उपयोग करके नेत्रहिन बच्चों को मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने में लगे है और इस मामले में कार्रवाई की मांग वे करते आ रहें है। 

पहल संस्था के कार्यकर्ता नीरज शर्मा ने उस्मान बेग द्वारा लगाए गए आरोपों को गलत बताते हुए कहा कि नेत्रहिन बच्चों के लिए जो भी किया है बकायदा उनके पास पूरा हिसाब किताब है और वहां के बच्चों के लिए अच्छी पहल करना एक सामाजिक कार्य है और जबरन कुछ लोग इस मामले को तूल देने में लगे है। बहरहाल मामला पुलिस में आने के बाद जांच शुरू हो गई है और देखना यह है कि नेत्रहिन बच्चों के नाम से चंदा वसूली व उनके गलत तरीके से उपयोग पर क्या कार्रवाई होती है। 

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