बोपन्ना-जीवन पहली बार बने चेन्नई ओपन चैंपियन
चेन्नई ! रोहन बोपन्ना और जीवन नेदुनचेझियन की भारतीय जाेड़ी ने हमवतन पूरव राजा और दिविज शरण को रविवार को लगातार सेटाें में 6-3, 6-4 से पीटकर 447480 डाॅलर की पुरस्कार राशि वाले चेन्नई ओपन टेनिस;
चेन्नई ! रोहन बोपन्ना और जीवन नेदुनचेझियन की भारतीय जाेड़ी ने हमवतन पूरव राजा और दिविज शरण को रविवार को लगातार सेटाें में 6-3, 6-4 से पीटकर 447480 डाॅलर की पुरस्कार राशि वाले चेन्नई ओपन टेनिस टूर्नामेंट का युगल खिताब जीत लिया।
बोपन्ना और जीवन ने पहली बार यह खिताब जीता है। बोपन्ना-जीवन ने यह मुकाबला एक घंटे छह मिनट में जीता। भारत को टूर्नामेंट में चार साल बाद जाकर युगल खिताब मिला है। लिएंडर पेस ने यांको टिप्सारेविच के साथ 2012 में आखिरी बार यह खिताब जीता था।
चेन्नई में ओपन में 11 साल के अंतराल के बाद फाइनल खेल रहे बोपन्ना ने आखिर यह खिताब जीतने में कामयाबी हासिल की। बोपन्ना 2006 में प्रकाश अमृतराज के साथ फाइनल में पहुंचे थे लेकिन तब उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। पेस 2015 में रावेन क्लासेन के साथ खेलते हुए फाइनल में हारे थे।
टूर्नामेंट के इतिहास में यह सातवां मौका है जब भारतीय खिलाड़ी ने यह खिताब जीता है। अनुभवी बोपन्ना और जीवन ने शानदार प्रदर्शन किया और पूरव तथा दिविज के स्वप्निल अभियान को फाइनल में थाम दिया। निश्चित रूप से यह एक बेहतरीन प्रदर्शन था और बोपन्ना ने पहली बार यह खिताब जीतकर एक तरह से अखिल भारतीय टेनिस संघ को करारा जवाब दिया जिसने उन्हें फरवरी में न्यूजीलैंड के खिलाफ हाेने वाले डेविस कप मुकाबले के लिए नहीं चुना है।
36 वर्षीय बोपन्ना के करियर का यह 15वां खिताब है जबकि 28 वर्षीय चेन्नई के खिलाड़ी जीवन ने अपना पहला खिताब जीतने में कामयाबी हासिल की। साल के इस पहले एटीपी टूर्नामेंट में भारत के लिए बोपन्ना और जीवन का खिताब जीतना एक बड़ी उपलब्धि रही।