जयपुर: चर्चित नीरज शर्मा हत्याकांड (Neeraj Sharma Murder Case) की जांच लगातार नए खुलासों की ओर बढ़ रही है। पहले जहां मामला तेज रफ्तार स्कॉर्पियो से हुई कथित सुनियोजित हत्या तक सीमित था, वहीं अब मृतका के पति विजय कुमार शर्मा की मौत भी जांच के दायरे में आ गई है। परिवार की ओर से लगाए गए नए आरोपों के बाद पुलिस ने इस पहलू की भी जांच शुरू करने की बात कही है। मामले में संपत्ति और अनुकंपा नियुक्ति को कथित साजिश का मुख्य कारण माना जा रहा है।
संपत्ति के लालच का आरोप
मृतका नीरज शर्मा के भाई राकेश शर्मा ने पुलिस को दिए ज्ञापन में गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि करीब 14 से 15 करोड़ रुपये की संपत्ति हासिल करने के उद्देश्य से पूरे घटनाक्रम की साजिश रची गई। उन्होंने आरोप लगाया कि परिवार की संपत्ति और सरकारी नौकरी पर कब्जा करने की मंशा से योजनाबद्ध तरीके से घटनाओं को अंजाम दिया गया। राकेश शर्मा का दावा है कि मामले की जांच केवल नीरज शर्मा की मौत तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उनके पति विजय कुमार शर्मा की मृत्यु की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
पिता की मौत को लेकर भी उठे सवाल
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि आयुषी शर्मा ने अपने पिता विजय कुमार शर्मा को अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद करीब तीन महीने तक किसी अज्ञात स्थान पर रखा। इस दौरान परिवार के अन्य सदस्यों को उनकी स्थिति की जानकारी नहीं दी गई। बाद में जब उनकी तबीयत अधिक बिगड़ गई तो उन्हें दोबारा अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। हालांकि, इन आरोपों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस ने कहा है कि सभी तथ्यों की जांच के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा।
तीन जुलाई को हुई थी नीरज शर्मा की मौत
गौरतलब है कि 3 जुलाई को जयपुर में नीरज शर्मा की तेज रफ्तार स्कॉर्पियो की टक्कर से मौत हो गई थी। शुरुआती तौर पर यह मामला सड़क दुर्घटना माना गया था, लेकिन पुलिस जांच में कई ऐसे तथ्य सामने आए, जिनके आधार पर इसे कथित तौर पर सुनियोजित साजिश का हिस्सा माना गया। इसके बाद हत्या और आपराधिक षड्यंत्र के विभिन्न पहलुओं पर जांच शुरू की गई।
सात आरोपी गिरफ्तार, मुख्य आरोपी अब भी फरार
जयपुर पुलिस के अनुसार, इस मामले में अब तक आयुषी शर्मा, उसके चाचा मोहन स्वरूप सहित सात आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। वहीं, पुलिस मुख्य आरोपी बताए जा रहे बलराम शर्मा की तलाश में लगातार दबिश दे रही है। उसकी गिरफ्तारी के लिए विभिन्न स्थानों पर छापेमारी की जा रही है। जांच एजेंसियां आरोपियों के बीच हुई बातचीत, वित्तीय लेन-देन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच कर रही हैं, ताकि पूरे घटनाक्रम की कड़ियां स्पष्ट हो सकें।
डीसीपी ने क्या कहा
डीसीपी रंजीता शर्मा ने बताया कि मृतका के भाई की शिकायत प्राप्त होने के बाद पुलिस ने सभी आरोपों का संज्ञान लिया है। उन्होंने कहा कि ज्ञापन में उठाए गए प्रत्येक बिंदु की विस्तृत जांच कराई जाएगी। साथ ही विजय कुमार शर्मा की मौत से जुड़े आरोपों को भी सक्षम अधिकारियों के समक्ष रखा गया है, ताकि आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के तहत जांच आगे बढ़ाई जा सके। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने से पहले किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा और सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच की जाएगी।
अनुकंपा नियुक्ति भी जांच के केंद्र में
पुलिस जांच में यह तथ्य भी सामने आया है कि विजय कुमार शर्मा की मृत्यु के बाद नीरज शर्मा को अनुकंपा के आधार पर लोअर डिवीजन क्लर्क (एलडीसी) के पद पर नियुक्ति मिली थी। जांच एजेंसियां इस पहलू की भी पड़ताल कर रही हैं कि क्या इस सरकारी नौकरी को हासिल करने की कथित मंशा घटनाक्रम की वजह बनी। पुलिस के अनुसार, आरोप है कि आयुषी शर्मा स्वयं यह नौकरी प्राप्त करना चाहती थी। इसी कारण संपत्ति और सरकारी नौकरी को लेकर कथित विवाद बढ़ा। हालांकि, इस संबंध में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
जांच जारी, कई सवालों के जवाब बाकी
नीरज शर्मा हत्याकांड अब केवल एक कथित सड़क दुर्घटना का मामला नहीं रह गया है, बल्कि यह संपत्ति, पारिवारिक विवाद और अनुकंपा नियुक्ति जैसे कई पहलुओं से जुड़ा संवेदनशील मामला बन चुका है। अब विजय कुमार शर्मा की मौत पर उठे सवालों ने जांच को नया आयाम दे दिया है। पुलिस का कहना है कि सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच की जाएगी और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पूरे मामले पर सभी की नजरें पुलिस जांच के अगले निष्कर्षों पर टिकी हुई हैं।