लोकतांत्रिक परंपराओं से हुई भारत की तरक्की : हसीना
बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने शनिवार को कहा कि लोकतांत्रिक परंपराओं को अपनाने के कारण भारत की तरक्की हुई है
आसनसोल। बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने शनिवार को कहा कि लोकतांत्रिक परंपराओं को अपनाने के कारण भारत की तरक्की हुई है। बांग्लादेश की प्रधानमंत्री ने पड़ोसी देशों से अपने देश के युवाओं को टकराव, आतंकवाद और नशीली दवाओं के सेवन के अभिशाप से छुटकारा दिलाने में सहयोग की मांग की।
पश्चिम बंगाल के पश्चिम बर्दमान जिले में स्थित काजी नजरुल यूनिवर्सिटी की ओर से डॉक्टरेट ऑफ लिटरेचर की उपाधि ग्रहण करने के बाद उन्होंने कहा, "हम भारत की तरह भाग्यशाली नहीं हैं जिसने लोकतांत्रिक परंपरा अपना कर तरक्की की है।"
उन्होंने कहा कि उनके देश में युवाओं को बेहतर व सार्थक जीवन की राह पर लाने की जरूरत है।
उन्होंने कहा, "हम अपने देश के युवाओं को टकराव, हिंसा, आतंकवाद और नशीली दवाओं के सेवन के अभिशाप से बचाना चाहते हैं। हम चाहते हैं कि युवा बेहतर व सार्थक जीवन की राह पर चलें। हम अपने पड़ोसी देशों से इस दिशा में सहयोग की अपेक्षा करते हैं।"
उन्होंने कहा कि उनका देश चाहता है कि भारतीय उपमहाद्वीप भूख और गरीबी की विपदा से मुक्त हो।
हसीना ने कहा, "शुरुआत में बांग्लादेश को अपने पड़ोसी देश से काफी परेशानी थी, लेकिन हमने उनका समाधान कर लिया है और लगातार समाधान की दिशा में बढ़ रहे हैं। हमें मानव कल्याण के बारे में सोचना चाहिए और जीवन स्तर को सुधारना चाहिए।"
हसीना ने भारत की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के प्रति आभार जताया और कहा, "भारत की तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी हमारे साथ खड़ी रहीं।"
कांग्रेस अध्यक्ष ने साथ ही सरकार को जुमलेबाज(मास्टर कम्युनिकेटर) और महत्वपूर्ण मुद्दों पर फिसड्डी बताया।
राहुल ने ट्वीट में कहा, "चार वर्ष का रिपोर्ट कार्ड- कृषि- एफ, विदेश नीति-एफ, तेल की कीमत- एफ, रोजगार सृजन- एफ, नारा सृजन- ए प्लस, आत्मप्रचार- ए प्लस, योग- बी माइनस।"
राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय सुरक्षा पर अपने वादे को निभाने में विफल रहे और सुरक्षा बलों को नीचा दिखाया।
आजाद ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, "कश्मीर वह राज्य था, जिसे मोदी ने चुनाव के दौरान सबसे अधिक भुनाया था। जम्मू एवं कश्मीर में 1996 के बाद मोदी सरकार के चार वर्षो के कार्यकाल के दौरान सबसे ज्यादा नागरिक और सुरक्षा बल मारे गए हैं।"
आजाद ने कहा, "राष्ट्रीय सुरक्षा वह क्षेत्र हैं, जिसपर प्रधानमंत्री ने चुनावी अभियान के दौरान भाषण दिया था। उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा की महत्ता को रेखांकित किया था और उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा के नाम पर अधिकतम वोट मिले।"
कांग्रेस के नेता ने कहा, "राष्ट्रीय सुरक्षा का मतलब है जहां लोग सुरक्षित रहते हैं। इसका मतलब है जहां अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और प्रेस की सुरक्षा मौजूद होती है। लेकिन मोदी सरकार के अंतर्गत, कोई भी सुरक्षित नहीं है। सभी अपनी रातें जाग कर बिता रहे हैं।"
कांग्रेस ने कहा कि मोदी ने विज्ञापन के क्षेत्र में बीते चार वर्षो में 4,600 करोड़ रुपये खर्च किए हैं।