अनिवार्य उपस्थिति मामले में शिक्षकों ने दिया छात्रों का साथ
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) शिक्षक संघ ने कक्षा में छात्रों की अनिवार्य उपस्थिति के मुद्दे पर चल रहे टकराव को बातचीत के जरिये तत्काल दूर करने की प्रशासन से अपील की है।
नयी दिल्ली। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) शिक्षक संघ ने कक्षा में छात्रों की अनिवार्य उपस्थिति के मुद्दे पर चल रहे टकराव को बातचीत के जरिये तत्काल दूर करने की प्रशासन से अपील की है।
शिक्षक संघ ने कल अपनी कार्यकारिणी की बैठक में यह फैसला किया। शिक्षक संघ की अध्यक्ष सोंझरिया मिंज और सचिव सुधीर के सुतार द्वारा आज यहां जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि कल कार्यकारिणी की बैठक में छात्रों की क्लास में उपस्थिति को अनिवार्य बनाये जाने के फैसले पर आपत्ति दर्ज की गयी और इस मुद्दे पर शिक्षकों ने छात्रों का साथ देने का फैसला किया।
शिक्षक संघ ने प्रशासन से अपील की कि वह छात्रों तथा शिक्षकों से बातचीत कर इस समस्या का हल निकाले। बयान में कहा गया है कि पहले भी विश्वविद्यालय के केंद्रों और विभागों ने प्रशासन से अपनी कई समस्याओं से अवगत कराया था और शिकायतें दर्ज की थी पर प्रशासन ने उन्हें सुलझाने की बजाए मनमाने फैसले लेने शुरू कर दिए और अपने फैसलों को जबरदस्ती लागू करवाने लगा।
बयान में कहा गया कि शिक्षक संघ की अध्यक्ष और सचिव ने पहले भी दो बार कुलपति को मिलने के लिए पत्र लिखा है और अब वे एक बार फिर पत्र लिखेंगे की कुलपति उन्हें समय दें। बयान के अनुसार अगर प्रशासन ने समस्या को नहीं सुलझस्या तो 16 फरवरी को शिक्षक संघ की आमसभा में भविष्य की लड़ाई की रणनीति तय की जाएगी। गौरतलब है कि उपस्थिति को अनिवार्य बनाये जाने के मुद्दे पर छात्रों तथा प्रशासन के बीच जबरदस्त टकराव चल रहा है और छात्र आंदोलन कर रहे हैं।