जीडीए की आवासीय योजना लटकी
आशियाना पाने का सपना संयोए लोगों को अब निराश होना पड़ेगा
गाजियाबाद। आशियाना पाने का सपना संयोए लोगों को अब निराश होना पड़ेगा। क्योंकि जीडीए ने स्वतंत्रता दिवस पर शहरवासियों को आवास देने की जीडीए की योजना में विराम लग गया है। जीडीए स्वतंत्रता दिवस पर शहरवासियों के लिए आवासीय योजना का तोहफा देना चाहता था, मगर कंप्लीशन प्रमाण पत्र नहीं मिल पाने के चलते योजना लटक गई है।
रियल एस्टेट रेग्यूलेटरी अथॉरिटी (रेरा) का असर जीडीए पर भी पड़ा। स्वतंत्रता दिवस पर जीडीए जिन फ्लैटों की स्कीम ला रहा है। वह मधुबन-बापूधाम और मोदीनगर के संजयपुरी कॉलोनी में स्थित है। बिल्डरों ने जीडीए से प्रस्तावित इंटीग्रेेटिड और हाईटेक टाउनशिप योजनाओं के लिए पहले से निर्धारित जमीन देने की मांग की है। शहरवासियों को आवास का तोहफा देने के मद्देनजर जीडीए ने 15 अगस्त को स्कीम निकालने की योजना बनाई थी।
इसके तहत मधुबन-बापूधाम और मोदीनगर स्थित संजयपुरी कॉलोनी में विभिन्न श्रेणी के 952 फ्लैट चिन्हित किए गए थे। खुद प्रणाम पत्र देने का अधिकार होने के बावजूद विकास प्राधिकरण रेरा कानून के चलते ऐसा नहीं कर पा रहा है। ऐसे में कंप्लीशन सर्टिफिकेट नहीं होने के कारण अब आवासीय योजना लांच नहीं हो पाएगी। प्राधिकरण ने इस लांचिंग स्कीम में जिन फ्लैट को शामिल किया है।
उनके प्रोजेक्ट का जीडीए ने कंपलीशन प्रमाण पत्र नहीं लिया है। ऐसे में रेरा लागू होने के बाद यह प्रोजेक्ट्स भी इसके दायरे में आ गए हैं। इन प्रोजेक्ट्स का जब तक रेरा में पंजीकरण कराके फीस जमा नहीं कराई जाती है, तब तक स्कीम को लांच नहीं किया जा सकता है। ऐसे में जीडीए को अब पहले इन प्रोजेक्ट को रेरा में पंजीकरण कराके फीस जमा करानी होगी। इसमें समय भी लग सकता है। रेरा के नियमों का उल्लंघन करने वाले प्राधिकरण या बिल्डर पर सीधे तौर पर कार्रवाई हो सकती है। प्राधिकरण व बिल्डर के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जा सकता है। स्यह सभी फ्लैट रेडी-टू-मूव हैं और पूर्व में लांच की गई योजनाओं के बचे हुए हैं। इन प्रोजेक्ट्स का कंपलीशन प्रमाण पत्र जारी नहीं हुआ है। रेरा लागू होने के चलते जिन प्रोजेक्ट्स के कंपलीशन के लिए आवेदन नहीं किया गया है वे सभी रेरा में दायरे में आएंगे।
ऐसे सभी प्रोजेक्ट्स को रेरा में रजिस्टर्ड कराने और फीस जमा करने के बाद ही लांच किया जा सकता है। अगर जीडीए रेरा में रजिस्ट्रेशन और फीस जमा कराए बिना स्कीम स्कीम लांच करता है तो यह सीधे तौर पर रेरा के नियमों का उल्लंघन होगा। ऐसे मामलों में सीधे तौर पर संबंधित संस्था व फर्म के खिलाफ मुकदमा दर्ज किए जाने का प्रावधान है। नियमों का पालन करते हुए प्रोजेक्ट्स का रेरा में रजिस्ट्रेशन कराने व फीस जमा करने में समय लगेगा। इसके चलते आवासीय स्कीम के 15 अगस्त के बाद ही लांच किए जाने की संभावना है हालांकि जीडीए अफसर मामले में मंथन और रेरा की सारी प्रक्रिया जल्द पूरी करने की कवायद में जुट गए हैं।