कपड़ा मिल में भारी पुलिस बल तैनात

मोदीनगर  चेयरमैन रामआसरे शर्मा के आत्मदाह की घोषणा के चलते कपड़ा मिल परिसर में मंगलवार सुबह से भी भारी पुलिसबल तैनात रही

Update: 2019-07-24 12:21 GMT

गाजियाबाद । मोदीनगर  चेयरमैन रामआसरे शर्मा के आत्मदाह की घोषणा के चलते कपड़ा मिल परिसर में मंगलवार सुबह से भी भारी पुलिसबल तैनात रही। हालांकि, अपनी घोषणा के मुताबिक, कोई भी श्रमिक या पूर्व चेयरमैन कपड़ा मिल में नहीं पहुंचे। सीओ कार्यालय में उन्होंने सीओ व एसडीएम से बैठकर बातचीत की। अधिकारियों के मुताबिक, कपड़ा मिल का स्क्रैप महाशिवरात्रि तक नहीं निकलने का आश्वासन देकर पूर्व चेयरमैन के आत्मदाह के निर्णय को वापस कराया गया है। उधर, कपड़ा मिल प्रबंधन ने भी एसडीएम को ज्ञापन देकर कांवड़ मेले के चलते 30 जुलाई तक स्क्रैप नहीं निकालने की स्थिति से अवगत कराया है। पूर्व चेयरमैन रामआसरे शर्मा ने 23 जुलाई को कपड़ा मिल के सामने श्रमिकों के साथ आत्मदाह करने की घोषणा की थी। आत्मदाह करने की घोषणा से जुड़े हजारों पंफलेट भी पूरे क्षेत्र में पूर्व चेयरमैन ने बंटवा दिए थे। उनकी इस घोषणा से पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ एलआइयू भी अलर्ट हो गई थी। मंगलवार सुबह से ही कपड़ा मिल परिसर को छावनी में तब्दील कर दिया गया था। करीब साढ़े दस बजे के आसपास सीओ और एसएचओ ने भी कपड़ा मिल परिसर की स्थिति का जायजा लिया। 

सीओ केपी मिश्रा और एसएचओ संजीव कुमार शर्मा कपड़ा मिल से सीधे तहसील परिसर में सीओ कार्यालय पहुंचे। वहां एसडीएम की मौजूदगी में पूर्व चेयरमैन रामआसरे शर्मा, श्रमिक नेता रामदास शर्मा, नवाब सोनी आदि लोगों में दरवाजा बंद कर आपस में लंबी बातचीत हुई। किसी को भी अंदर नहीं आने दिया गया। पूर्व चेयरमैन वहां से बिना किसी से बातचीत किए निकल गए। शाम को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर पूर्व चेयरमैन ने बताया कि एसडीएम ने डीएम को पत्र भेजकर जिला स्तरीय कमेटी बनाने की घोषणा की है। वह अपनी निगरानी में अब कपड़ा मिल के प्रकरण को निस्तारित कराएगी।

इस दौरान किसी भी तरह का कोई स्क्रैप मिल से नहीं निकलेगा। इसी के चलते उन्होंने आत्मदाह का नोटिस वापस ले लिया है। उधर, कपड़ा मिल प्रबंधन ने भी एसडीएम को ज्ञापन देकर अवगत कराया कि वे कांवड़ मेले के चलते 30 जुलाई तक किसी भी तरह का कोई स्क्रैप वहां से नहीं निकालेंगे।

इस बारे में एसडीएम डीपी सिंह का कहना है कि जिलाधिकारी को जिलास्तरीय कमेटी का गठन कराने के लिए पत्र लिख दिया गया है। प्रबंधन ने खुद भी लिखकर दिया है कि वे 30 जुलाई तक वहां से कोई स्क्रैप नहीं निकालेंगे। साथ ही प्रशासन भी उन्हें ऐसा न करने के आदेश दिए हैं। फिलहाल रामआसरे शर्मा पक्ष ने आत्मदाह का निर्णय वापस ले लिया है। एसडीएम ने बताया कि कांवड़ के बाद ही अब इस मुददे पर आगे का निर्णय लिया जाएगा। 
 

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