राहुल गांधी पर भाजपा नेता का तीखा हमला: ‘140 करोड़ भारतीयों का अपमान’
भाजपा नेता रोहन गुप्ता ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के बयान पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने 140 करोड़ भारतीयों का अपमान किया है
रोहन गुप्ता बोले – भारत माता को कोई बेच नहीं सकता
- ‘मीडिया से सवाल पर हमला करते हैं राहुल’, भाजपा का आरोप
- लोकसभा गतिरोध पर भाजपा नेता का बयान: ‘विपक्ष के पास मुद्दा नहीं’
- वंदे मातरम पर राजनीति से हैरान रोहन गुप्ता, कहा – राष्ट्रगीत धरोहर है
अहमदाबाद। भाजपा नेता रोहन गुप्ता ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के बयान पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने 140 करोड़ भारतीयों का अपमान किया है। वह कैसे कह सकते हैं कि भारत माता को बेच दिया गया? क्या कोई बेच सकता है?
अहमदाबाद में भाजपा नेता रोहन गुप्ता ने कहा कि पहले वे देश का अपमान करते हैं, और जब इस बारे में सवाल पूछे जाते हैं तो वे मीडिया का अपमान करते हैं। वे कैसे कह सकते हैं कि भारत माता को बेच दिया? क्या कोई बेच सकता है? नेता विपक्ष ने 140 करोड़ भारतीयों का अपमान किया है।
उन्होंने कहा कि जब मीडिया राहुल गांधी से सवाल करता है तो वे मीडिया पर हमला करते हैं, और जब सही सवाल पूछे जाते हैं तो चले जाते हैं। वे संवैधानिक पद पर हैं, और सवाल का जवाब देने के बजाय वहां से उठाकर चले जाते हैं। विपक्ष का स्तर इतना गिर गया है कि विरोध करते-करते देश का विरोध करने लगे हैं। ऐसी मानसिकता को देश स्वीकार नहीं करेगा।
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला का जिक्र करते हुए भाजपा नेता ने कहा कि संसद में बहुत करुण दृश्य देखा गया। महिला कांग्रेस सांसदों ने पीएम की कुर्सी को घेर लिया। गतिरोध टालने के लिए ओम बिरला के कहने पर पीएम मोदी नहीं आए। ओम बिरला को लेकर विपक्ष का जो रवैया है, वह पूरा देश देख रहा है। राहुल गांधी ने पूरे सत्र को खराब कर दिया। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर वे बोलना ही नहीं चाहते थे। भारत माता का अपमान करते हैं, यह कैसी मानसिकता है।
उन्होंने पूछा कि देश की संसद इसीलिए बनी है। विपक्ष का रवैया कोई भी स्वीकार नहीं करेगा। इससे साफ हो गया कि सरकार के खिलाफ बोलने के लिए विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं है।
वंदे मातरम पर केंद्र सरकार की नई गाइडलाइंस पर हो रहे विरोध पर भाजपा नेता रोहन गुप्ता ने कहा कि मुझे हैरानी है कि इस मुद्दे पर भी राजनीति की जा रही है। भारत शायद अकेला ऐसा देश है जहां राष्ट्रीय गीत पर आपत्ति हो सकती है। 'वंदे मातरम' राष्ट्र की धरोहर है, सांस्कृतिक धरोहर है। राष्ट्रीय गीत के खिलाफ विरोध नहीं होना चाहिए। राष्ट्रगीत न किसी धर्म का होता है, न किसी जाति का। सबसे पहले देश होना चाहिए, उसके बाद धर्म आता है।