सरकार जम्मू कश्मीर के मामले में स्थिति स्पष्ट करे : माकपा
(माकपा) ने जम्मू कश्मीर में 25 हज़ार सैनिकों को तैनात किए जाने और अमरनाथ यात्रा स्थगित करने एवं पर्यटकों को वापस बुलाने पर गहरी चिंता व्यक्त की हैं
नई दिल्ली। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने जम्मू कश्मीर में 25 हज़ार सैनिकों को तैनात किए जाने और अमरनाथ यात्रा स्थगित करने एवं पर्यटकों को वापस बुलाने पर गहरी चिंता व्यक्त की हैं और इसके पीछे सरकार की गलत मंशा होने की आशंका व्यक्त की है।
माकपा पोलित ब्यूरो ने शनिवार को एक बयान जारी कर कहा कि अभी संसद का सत्र चल रहा है और सरकार ने सदन में इसकी घोषणा न कर संसदीय परम्परा का उल्लंघन किया है और किसी भी राजनीति दल को पहले विश्वास में नही लिया है।
पार्टी ने कहा है कि सरकार ने यह अप्रत्याशित कदम क्यों उठाया है इसका उसे खुलासा करना चाहिए क्योंकि यह आशंका व्यक्त की जा रही है कि सरकार संविधान के अनुछेद 370 और 35 ए के बारे में कोई कदम उठाना चाहती है।
पार्टी ने कहा है कि सरकार को जम्मू कश्मीर के मामले में राजनीतिक दुसाहस नहीं प्रदर्शित करना चाहिए , बल्कि उसे राजनीतिक दलों से इस मसले पर विचार विमर्श करना चाहिए।