महानदी का संरक्षण करें सरकार: धनेन्द्र

भनपुर विधायक धनेन्द्र साहू ने प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह को एक पत्र लिखकर अपील की है कि नर्मदा नदी नदी की तर्ज पर महानदी का संरक्षण एवं संवर्धन किया जाए.....

Update: 2017-05-26 12:36 GMT

रायपुर। अभनपुर विधायक धनेन्द्र साहू ने प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह को एक पत्र लिखकर अपील की है कि नर्मदा नदी नदी की तर्ज पर महानदी का संरक्षण एवं संवर्धन किया जाए। ताकि छत्तीसगढ़ की पावन नदी महानदी का वास्तविक स्वरूप बना रह सके। छत्तीसगढ़ प्रदेश की सबसे प्रमुख लंबी और बड़ी नदी  महानदी है । इस नदी से करोड़ों लोगो का भाग्य जुड़ा हुआ है महानदी से जहां कई लाखों एकड़ भूमि में सिंचाई होती है । वही अनेकों महानगरों एवं हजारों गॉवों के पेयजल एवं निस्तारी भी इन महानदी से पूरे प्रदेश में होती है कई हजार वर्षो से लोग वर्षा ऋतु के बाद नदी में पानी के कम हो जाने के बाद नदी के भीतर लाखो लोग सब्जी बाड़ी की किसानी करते आ रहे थे, काफी पूर्व में राजिम से लेकर महानदी जलमार्ग के माध्यम से व्यवसाय भी संचालित होता था, महानदी के किनारे-किनारे कई हजार वर्ष प्राचीन सभ्यताओं का अवशेष एवं जीवन्त प्रमाण आज भी मिलते है ।

महानदी के उद्गम श्रृंगी ऋषि सिहावा से लेकर राजिम, आरंग, सिरपुर, शिवरीनारायण आदि बहुत से प्राचीन धार्मिक केन्द्र ब्यवस्थित है छत्तीसगढ़ का प्रयाग राज के रूप में विख्यात संगम महानदी, पैरी नदी,और सोढ़ुर नदी का संगम यहां हुआ है जो कि छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा धार्मिक क्षेत्र है।   परन्तु यह दुर्भाग्य है कि छत्तीसगढ़ शासन के अदुरदर्शिता पूर्ण खनिज नीति एवं पर्यावरण नीति के कारण महानदी का अस्तित्व दिनो-दिन समाप्त होते जा रहा है, महानदी के अंदर हजारो स्थानो पर बिना समुचित संरक्षण के रेत खदानों का संचालन करने की अनुमति दे दि गई है बिना अनुमति के भी सैकड़ों स्थानों पर रेत मे अवैध उत्खनन किया जाता है। बड़े पैमाने पर अवैध रूप से बिना अनुमति भारी मशीनो से रेत का उत्खनन किया जा रहा है स्वीकृत रकबा एवं मात्रा से  भी सैकड़ों गुणा अधिक रकबा एवं मात्रा में रेत का अवैध उत्खनन एवं परिवहन किया जा रहा है।

 नदी के भीतर सैकड़ो स्थानों पर रेत परिवहन करने वाली ट्रको के आने जाने के लिए नदी में पर्यावरण को बर्बाद करने वाली सामाग्रीयों जैसे- बेशरम, झाड़िया, मिट्टी, मुरूम आदि से सड़के बना-बना कर पूरे नदी के पर्यावरण को बिगाड़ दिया गया है। जिससे महानदी मे जलप्रवाह में परिवर्तन हो रहा है नदी के भीतर बड़ी पैमाने पर झाड़ियॉ उग रहे है एवं नदी के तट का कटाव बड़े पैमाने पर हो रहा है तथा अधिक गहराई तक रेत का उत्खनन किए जाने के कारण यह नदी रेत विहीन होते जा रहा है , महानदी में पहले ग्रीष्म काल में भी एक दो फीट रेत हटाने पर पानी निकल आता था, लेकिन रेत खदाने संचालित होने से पानी का सतह काफी नीचे चला गया है। मध्यप्रदेश की सरकार के द्वारा जिस तरह नर्मदा नदी के संरक्षण एव संवर्धन  के लिए कार्य किया जा रहा है, जिसकी प्रशंसा पूरे प्रदेश भर में हो रही है तथा सरकार ने नर्मदा नदी पर रेत खदान के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु राष्टीय स्तर के संस्था को अधिकृत करने का निर्णय लिया है, जो की अत्यंत ही सराहनीय है।

 इसी तरह से छग में भी महानदी के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए छ0ग0 सरकार का भी इसे अत्यंत प्राथमिकता लेते हुए गम्भीरता पूर्वक महानदी के संरक्षण के लिए कार्य करें और पूरी तरह से महानदी कों संरक्षण एवं संवर्धन करें। तथा महानदी में रेत खदानो की स्वीकृति दिया जाना बंद किया जावे तथा रेत उत्खनन एवं भराई कार्यो में मषीनों पर पूर्णत: रोक लगाई जावे। साथ ही महानदी पर आश्रित लाखो गरीब परिवार जिनका जीवन यापन इस महानदी से जुड़ा है उनके लिए रोजगार की सुविधा उपलब्ध कराई जावें।
 

Tags:    

Similar News