बारबाडोस से इंग्लैंड तक का सफर: जानें भारत के खिलाफ सेमीफाइनल में ऐतिहासिक पारी खेलने वाले जैकब बेथल की दिलचस्प कहानी

23 अक्तूबर 2003 को बारबाडोस के ब्रिजटाउन शहर में जन्मे बेथल का बचपन क्रिकेट के माहौल में बीता। यही वह धरती है जिसने दुनिया को महान ऑलराउंडर सर गारफील्ड सोबर्स जैसे दिग्गज दिए हैं। बचपन में गली क्रिकेट, क्लब मैच और परिवार के साथ अभ्यास उनकी दिनचर्या का हिस्सा थे।

Update: 2026-03-06 10:07 GMT
नई दिल्‍ली: Jacob Bethell क्रिकेट की दुनिया में कई कहानियां ऐसी होती हैं जो किसी फिल्म की पटकथा जैसी लगती हैं। इंग्लैंड के युवा ऑलराउंडर जैकब बेथल की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। कैरेबियाई देश बारबाडोस में जन्मा यह खिलाड़ी आज इंग्लैंड की जर्सी पहनकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी पहचान बना रहा है। 23 अक्तूबर 2003 को बारबाडोस के ब्रिजटाउन शहर में जन्मे बेथल का बचपन क्रिकेट के माहौल में बीता। यही वह धरती है जिसने दुनिया को महान ऑलराउंडर सर गारफील्ड सोबर्स जैसे दिग्गज दिए हैं। बचपन में गली क्रिकेट, क्लब मैच और परिवार के साथ अभ्यास उनकी दिनचर्या का हिस्सा थे। शायद उस समय किसी ने नहीं सोचा होगा कि यही लड़का एक दिन वेस्टइंडीज के बजाय इंग्लैंड के लिए खेलेगा और विश्व मंच पर भारत जैसी मजबूत टीम को चुनौती देगा। 

भारत के खिलाफ सेमीफाइनल में ऐतिहासिक पारी

टी20 वर्ल्ड कप 2026 का सेमीफाइनल मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में भारत और इंग्लैंड के बीच खेला गया। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए सात विकेट पर 253 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। इतने बड़े लक्ष्य का पीछा करना लगभग असंभव माना जा रहा था। लेकिन जैकब बेथल ने मैदान पर आते ही दिखा दिया कि वह दबाव से घबराने वाले खिलाड़ियों में से नहीं हैं। उन्होंने सिर्फ 48 गेंदों में 105 रन की विस्फोटक पारी खेली। इस दौरान उनके बल्ले से आठ चौके और सात छक्के निकले। बेथल ने लगभग हर भारतीय गेंदबाज पर हमला किया और तेजी से रन बटोरे।उनकी पारी की शुरुआत भी शानदार रही। क्रीज पर आते ही उन्होंने जसप्रीत बुमराह की गेंद पर फाइन लेग की दिशा में छक्का जड़ दिया। उनकी पूरी पारी में आक्रामकता और आत्मविश्वास साफ नजर आया। बेथल ने अपना शतक सिर्फ 45 गेंदों में पूरा किया, जो उस समय टी20 विश्व कप इतिहास का दूसरा सबसे तेज शतक था। उनका स्ट्राइक रेट लगभग 218 रहा।

रन आउट ने तोड़ी इंग्लैंड की उम्मीदें

मैच के दौरान जब इंग्लैंड के बाकी बल्लेबाज लगातार आउट हो रहे थे, तब भी बेथल डटे रहे और टीम को मुकाबले में बनाए रखा। मैच आखिरी ओवर तक पहुंच गया। इंग्लैंड को तेज रन चाहिए थे और बेथल स्ट्राइक अपने पास रखना चाहते थे। इसी कोशिश में उन्होंने दूसरा रन लेने की कोशिश की, लेकिन दुर्भाग्य से रन आउट हो गए। उनके आउट होते ही इंग्लैंड की जीत की उम्मीदें लगभग खत्म हो गईं। अंत में इंग्लैंड सात विकेट पर 246 रन ही बना पाया और भारत ने यह मुकाबला सात रन से जीत लिया। हालांकि हार के बावजूद बेथल की पारी को इस टूर्नामेंट की सबसे यादगार पारियों में से एक माना जा रहा है।

परिवार से मिला क्रिकेट का जुनून

जैकब बेथल के लिए क्रिकेट सिर्फ एक खेल नहीं बल्कि पारिवारिक विरासत है। उनके पिता ग्राहम बेथल बारबाडोस में क्लब क्रिकेट खेल चुके हैं और शुरुआती दिनों में वही उनके कोच भी रहे। वहीं उनके दादा आर्थर बेथल बारबाडोस के लिए फर्स्ट क्लास क्रिकेट खेल चुके थे और प्रसिद्ध पिकविक क्लब के कप्तान भी रह चुके हैं। उनकी मां गिसेल बेथल ने भी बेटे के क्रिकेट करियर में अहम भूमिका निभाई। अक्सर वह घर के आंगन में गेंदबाजी करके जैकब को अभ्यास करवाती थीं। ऐसे माहौल में पले-बढ़े बेथल के लिए क्रिकेट बचपन से ही जिंदगी का अहम हिस्सा बन गया।





 13 साल की उम्र में आया जिंदगी का बड़ा मोड़

जैकब बेथल की जिंदगी का सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब उन्हें इंग्लैंड के प्रतिष्ठित रग्बी स्कूल में क्रिकेट स्कॉलरशिप मिली। महज 13 साल की उम्र में उन्होंने बारबाडोस छोड़कर इंग्लैंड जाने का फैसला किया। यह फैसला आसान नहीं था, क्योंकि उन्हें नई जगह, नई संस्कृति और नई चुनौतियों का सामना करना था। लेकिन यही फैसला उनके करियर के लिए निर्णायक साबित हुआ। इंग्लैंड पहुंचने के बाद उन्होंने काउंटी क्रिकेट में हिस्सा लेना शुरू किया और जल्द ही वार्विकशायर अकादमी से जुड़ गए। उनकी प्रतिभा जल्दी ही सामने आ गई और महज 17 साल की उम्र में उन्होंने प्रोफेशनल कॉन्ट्रैक्ट साइन कर लिया। इसके बाद 2021 में उन्होंने टी20 ब्लास्ट से अपना पेशेवर डेब्यू किया।

आईपीएल में विराट कोहली के साथ साझेदारी

जैकब बेथल को वैश्विक पहचान तब और मिली जब उन्होंने 2025 में आईपीएल में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की ओर से खेलना शुरू किया। आरसीबी के लिए खेलते हुए उन्हें भारतीय क्रिकेट के दिग्गज विराट कोहली के साथ बल्लेबाजी करने का मौका मिला। एक मुकाबले में दोनों ने ओपनिंग करते हुए 97 रन की शानदार साझेदारी की थी। उस अनुभव को याद करते हुए बेथल ने कहा था कि विराट कोहली के साथ खेलना उनके लिए बेहद खास रहा। उन्होंने बताया कि बड़े मैचों में कोहली की तैयारी और मानसिकता से उन्हें बहुत कुछ सीखने को मिला। आईपीएल के अगले सीजन में भी बेथल आरसीबी के लिए खेलते नजर आएंगे।

आक्रामक बल्लेबाज और उपयोगी गेंदबाज

जैकब बेथल को एक बैटिंग ऑलराउंडर के रूप में देखा जाता है। वह बाएं हाथ के स्टाइलिश बल्लेबाज हैं जो परिस्थिति के अनुसार किसी भी क्रम पर बल्लेबाजी कर सकते हैं। इसके अलावा उनकी लेफ्ट-आर्म स्पिन गेंदबाजी भी टीम के लिए उपयोगी साबित होती है। फील्डिंग के मामले में भी बेथल बेहद चुस्त खिलाड़ी हैं। चाहे इनर सर्कल हो या बाउंड्री लाइन, उनकी फुर्ती अक्सर दर्शकों को प्रभावित करती है। मैदान पर उनका आत्मविश्वास और ऊर्जा उन्हें बाकी खिलाड़ियों से अलग बनाता है।

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में शानदार शुरुआत

जैकब बेथल ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी असली पहचान तब बनाई जब उन्होंने वेल्स के कार्डिफ में खेले गए एक मुकाबले में शानदार प्रदर्शन किया। उस समय उनकी उम्र सिर्फ 20 साल थी और वह इंग्लैंड के लिए अपना दूसरा ही मैच खेल रहे थे। लेकिन मैदान पर उनका आत्मविश्वास किसी अनुभवी खिलाड़ी से कम नहीं था। उस मैच में उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज स्पिनर एडम जैम्पा के एक ओवर में 20 रन बना दिए। इसके बाद उन्होंने लियम लिविंगस्टोन के साथ मिलकर 47 गेंदों में 90 रन की साझेदारी की। इंग्लैंड ने उस मुकाबले में 194 रन के मुश्किल लक्ष्य का सफल पीछा किया और बेथल ने टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई।

शानदार प्रदर्शन से जीता टीम का भरोसा

इसके बाद कैरेबियाई दौरे पर भी बेथल का बल्ला लगातार चला। उन्होंने तीन अर्धशतक लगाए और तीनों ही बार नाबाद रहे। उनके इस प्रदर्शन ने चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा और उन्हें जल्द ही न्यूजीलैंड दौरे के लिए इंग्लैंड की टेस्ट टीम में शामिल कर लिया गया। इस टेस्ट सीरीज में उन्हें तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी का मौका मिला। उन्होंने तीनों टेस्ट मैचों में अर्धशतक लगाकर टीम मैनेजमेंट का भरोसा सही साबित किया।

इंग्लैंड के सबसे युवा टी20 कप्तान बने

लगातार शानदार प्रदर्शन के बाद इंग्लैंड क्रिकेट में नंबर तीन की पोजिशन को लेकर बहस शुरू हो गई। धीरे-धीरे टीम में बदलाव होने लगे और 2025-26 एशेज से पहले कई फैसले लिए गए। इसी बीच सितंबर में आयरलैंड दौरे के लिए जब इंग्लैंड की टी20 टीम का एलान हुआ, तो एक बड़ा सरप्राइज सामने आया। जैकब बेथल को टीम का कप्तान बना दिया गया। उस समय उनकी उम्र 21 साल 329 दिन थी। इसके साथ ही वह इंग्लैंड के इतिहास के सबसे युवा टी20 कप्तान बन गए। युवा उम्र में इतनी बड़ी जिम्मेदारी मिलना इस बात का संकेत था कि इंग्लैंड क्रिकेट भविष्य में उन्हें टीम का प्रमुख खिलाड़ी मानकर चल रहा है।

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