गोधरा कांड: गुजरात उच्च न्यायालय ने 11 दोषियों की फांसी सजा को उम्रकैद में बदला
गुजरात उच्च न्यायालय ने बहुचर्चित गोधरा कांड में निचली अदलत की ओर से 11 दोषियों की फांसी सजा को आज उम्रकैद में बदल दी
अहमदाबाद। गुजरात उच्च न्यायालय ने बहुचर्चित गोधरा कांड में निचली अदलत की ओर से 11 दोषियों की फांसी सजा को आज उम्रकैद में बदल दी।
उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति ए एस दवे और न्यायमूर्ति जी आर उधवानी की खंडपीठ ने आज 11 दोषियों की फांसी की सजा को उम्रकैद में तब्दील कर दी। इसके साथ ही निचली अदालत द्वारा 20 लोगों को उम्रकैद और 63 लोगों को बरी किये जाने के फैसले को बरकरार रखा है।
खंडपीठ ने राज्य सरकार और रेलवे को प्रत्येक मृतक के परिजनों को 10-10 लाख रुपये मुआवजा देने के निर्देश दिये हैं। गौरतलब है कि गोधरा कांड 27 फरवरी 2002 को हुआ था जिसमें एक रेलगाड़ी में आग लगा दी गई थी जिसमें 59 लोग जलकर मर गए थे।
इस घटना के बाद हुई सांप्रदायिक हिंसा में 1000 लोग मारे गए थे। इस कांड में 2011 में एक विशेष अदालत ने 11 को फांसी और 20 को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।