एनआरएचएम घोटाले में पूर्व सीएमओ की याचिका खारिज

 एनआरएचएम घोटाले में आजमगढ़ के पूर्व सीएमओ समेत चार आरोपियों का डिस्चार्ज आवेदन शुक्रवार को सीबीआई के विशेष जज पवन कुमार तिवारी की अदालत ने खारिज कर दिया

Update: 2017-09-16 14:07 GMT

गाजियाबाद। एनआरएचएम घोटाले में आजमगढ़ के पूर्व सीएमओ समेत चार आरोपियों का डिस्चार्ज आवेदन शुक्रवार को सीबीआई के विशेष जज पवन कुमार तिवारी की अदालत ने खारिज कर दिया। आरोप दवा खरीद में 35 लाख रुपए घोटाले का है। एनआरएचएम घोटाले के इस मामले में कुल पांच आरोपी हैं। सीबीआई के लोक अभियोजक अनुराग मोदी ने बताया कि मामला 2010-11 का है। 

एनआरएचएम घोटाले में आरोपी आजमगढ़ के पूर्व सीएमओ (परिवार कल्याण) डा. राम अधार, फार्मासिस्ट सीएमओ कार्यालय रामप्रीत भारती, दवा कारोबारी सुरेंद्र चौधरी व एजेंट राजेश शुक्ला ने सीबीआई की विशेष अदालत में डिस्चार्ज आवेदन किया था। शुक्रवार को मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने चारों का डिस्चार्ज आवेदन खारिज कर दिया। 

लोक अभियोजक ने बताया कि सीबीआई ने आरोप पत्र में पूर्व सीएमओ के अलावा उपरोक्त तीन आरोपियों और फार्मासिस्ट एचएन सिंह के खिलाफ आपराधिक षड्यंत्र के तहत दवा खरीद में घोर अनियमिता बरतने और क्रय संबंधी नियमों को दरकिनार कर अधिक मूल्यों पर दवा खरीदकर 35 लाख का घोटाला करने की बात कही है। इस मामले में पांचवें आरोपी एनएच नेई डिस्चार्ज के लिए आवेदन नहीं किया था। डिस्चार्ज आवेदन खारिज होने के बाद पांचों आरोपियों पर आरोप तय होने का रास्ता साफ हो गया है।

मामले में सीबीआई निरीक्षक की हुई गवाही 
एनआरएचएम घोटाले के एक मामले में शुक्रवार को सीबीआई के विशेष जज पवन कुमार तिवारी की अदालत में सीबीआई निरीक्षक शिव गोपाल गुप्ता की गवाही हुई। यह मामला आजमगढ़ में हुए एनआरएचएम घोटाले का है। इसमें पूर्व सीएमओ केएम अग्रवाल व अन्य आरोपी हैं।

सीबीआई के वरिष्ठ लोक अभियोजक बीके ङ्क्षसह ने बताया कि मामले के जांच अधिकारी व सीबीआई निरीक्षक शिव गोपाल गुप्ता ने अदालत को बताया कि जांच के बाद ही उन्होंने इस केस में केएम अग्रवाल और फार्मासिस्ट एचएन ङ्क्षसह के खिलाफ शिकायत दर्ज की थी। मामला वर्ष 2009-10 का है। इस मामले में एनआरएचएम घोटाले के तहत दवा खरीद में चार लाख 79 रुपए के घोटाले का आरोप है।

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