तेलंगाना में खेत की खुदाई में मिला सोने का खजाना! करोड़ों के गहनों पर मचा विवाद, कई लोगों ने ठोका मालिकाना हक

तेलंगाना के वारंगल में खेत की खुदाई के दौरान सोने के गहने मिलने से सनसनी फैल गई। करोड़ों के खजाने पर मालिकाना हक को लेकर विवाद शुरू, पुलिस और प्रशासन जांच में जुटे।;

Update: 2026-07-02 08:34 GMT
वारंगल। तेलंगाना के वारंगल जिले में एक खेत की खुदाई के दौरान सोने के गहने मिलने की घटना ने पूरे इलाके में हलचल मचा दी है। खेत में काम कर रही एक महिला मजदूर को मिट्टी के भीतर चमकती धातु दिखाई दी। जब उसने आसपास की मिट्टी हटाई तो वहां से सोने के आभूषण निकलने लगे। इस खबर के फैलते ही गांव में लोगों की भीड़ जुट गई और अब मिले खजाने पर मालिकाना हक को लेकर विवाद खड़ा हो गया है।

खेत में घास हटाते समय मिला सोना

जानकारी के अनुसार, 24 जून को चेन्नाराओपेट मंडल के कोपाकुलापाडु गांव में छह एकड़ के खेत में सफाई का काम चल रहा था। इसी दौरान महिला मजदूर को मिट्टी में चमकती वस्तु दिखाई दी। उसने खुदाई की तो वहां से सोने के कई आभूषण मिले। ग्रामीणों का दावा है कि बरामद सोना करीब 50 तोला तक हो सकता है। हालांकि प्रशासन ने अभी तक सोने की मात्रा या उसकी अनुमानित कीमत की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

मालिकाना हक को लेकर शुरू हुआ विवाद

घटना के बाद बताया गया कि खेत में काम कर रहे मजदूरों ने मिले गहने खेत के मौजूदा मालिक को सौंप दिए। लेकिन मामला तब विवादित हो गया जब जमीन के पूर्व मालिक के बेटे ने पुलिस में शिकायत दर्ज करा दी। उसका कहना है कि यह जमीन पहले उसके परिवार की थी और यदि खेत से कोई कीमती वस्तु मिली है तो उस पर उसके परिवार का भी अधिकार बनता है।

शिकायतकर्ता का आरोप है कि मौजूदा जमीन मालिक और मजदूरों ने उसे इस पूरे मामले की जानकारी नहीं दी और कथित रूप से गहनों का बंटवारा भी कर लिया। पुलिस ने शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और सभी पक्षों से पूछताछ की जा रही है।

पुलिस करेगी कानूनी स्थिति स्पष्ट

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच में यह पता लगाया जाएगा कि गहने किस परिस्थिति में मिले और कानून के अनुसार उनका वास्तविक मालिक कौन है। यदि यह साबित होता है कि बरामद सामग्री ऐतिहासिक धरोहर है, तो मामला पुरातत्व विभाग को भी सौंपा जा सकता है।

वारंगल का इतिहास फिर चर्चा में

सोना मिलने की खबर के बाद वारंगल के ऐतिहासिक अतीत की चर्चा भी तेज हो गई है। कभी ओरुगल्लू के नाम से प्रसिद्ध यह क्षेत्र काकतीय राजवंश की राजधानी रहा है। काकतीय शासकों के समय यह इलाका अपनी समृद्धि, सोने-चांदी के भंडार और भव्य मंदिरों के लिए जाना जाता था। वारंगल किला, हजार स्तंभ मंदिर और रामप्पा मंदिर आज भी उस गौरवशाली इतिहास की पहचान हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बरामद गहनों का संबंध किसी प्राचीन काल से निकलता है, तो उनकी ऐतिहासिक और पुरातात्विक जांच कराई जाएगी। फिलहाल प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और जांच पूरी होने तक धैर्य बनाए रखने की अपील की है।

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