ईरान जंग के बाद NATO से अलग हो सकता है अमेरिका, ट्रंप बोले- गंभीरता से विचार कर रहा हूं, यह कागजी शेर
नाटो के खिलाफ ईरान जंग में ट्रंप लगातार मुखर थे, लेकिन पहली बार उन्होंने इस संगठन से निकलने के लिए गंभीर समीक्षा करने की बात कही है। ट्रंप ने नाटो को कागजी शेर बताया है। ट्रंप ने कहा कि ईरान जंग के बाद नाटो के भविष्य पर फैसला होगा।
वाशिंगटन। अमेरिका दुनिया की सबसे मजबूत रक्षा संधि नाटो (नॉर्थ अटलांटिक ट्रीटी ऑर्गेनाइजेशन) से खुद को अलग कर सकता है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार (1 अप्रैल) को एक इंटरव्यू में इसको लेकर बयान दिया। ट्रंप ने कहा कि मैं नाटो छोड़ने पर गंभीरता से विचार कर रहा हूं। ईरान जंग खत्म होने के बाद इस पर फैसला करूंगा। एक दिन पहले अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने नाटो और अमेरिका के संबंधों की समीक्षा करने की बात कही थी।
ट्रंप ने कहा कि मुझे नाटो कभी पसंद नहीं था। मैं इसे छोड़ने पर गंभीरता से विचार कर रहा हूं। इस पर ज्यादा विचार करने की भी जरूरत नहीं है। मैं ईरान जंग खत्म होने के बाद इस पर फैसला सुनाऊंगा। ट्रंप ने इस दौरान नाटो को कागजी शेर बताया।
यूक्रेन में साथ रहे, लेकिन ईरान में अकेले पड़ गए- ट्रंप
राष्ट्रपति ट्रंप ने एक सवाल के जवाब में कहा- यूक्रेन जंग अमेरिका का कोई युद्ध नहीं था। यह यूरोप का युद्ध था। फिर भी अमेरिका ने यूक्रेन का सहयोग किया। हम वहां मौजूद रहे, लेकिन जब हमारी बारी आई तो सब साइड हो गए। सबने हमें वहां अकेले छोड़ दिया।
ट्रंप ने आगे कहा कि पुतिन भी इस संगठन की शक्ति जानते हैं। इसलिए रूस भी इसे गंभीरता से नहीं लेता है। इंटरव्यू के दौरान ट्रंप ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर पर भी निशाना साधा। ट्रंप ने कहा कि ब्रिटेन के पास नेवी ही नहीं है। पुरानी हो चुकी है। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री सिर्फ ऊर्जा बचाने में लगे हैं। उससे कुछ नहीं होने वाला है। मैं उन्हें अब कोई सलाह नहीं दूंगा। उन्हें जो करना है, करें।
ईरान हमारा युद्ध नहीं- ब्रिटेन के पीएम
इधर, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने देश को संबोधित करते हुए कहा कि यह हमारा युद्ध नहीं है। मैं बतौर प्रधानमंत्री अपने देश की जनता के बारे में सोचूंगा। मैं अपने लोगों को किसी ऐसे युद्ध में नहीं घसीटना चाहूंगा, जिससे हमारा कोई संबंध नहीं है।
ब्रिटेन के अलावा नाटो मेंबर फ्रांस, जर्मनी, इटली जैसे देश अमेरिका को झटका दे चुके हैं। इन देशों ने इस युद्ध को इजराइल का युद्ध बताकर खुद को अलग कर लिया।