भारत में जल्द शुरू हो सकता है 10 व 20 रुपये के प्लास्टिक नोट, RBI ने पॉलीमर बैंकनोट के लिए बढ़ाए कदम

भारत में पॉलीमर (प्लास्टिक) बैंक नोट लाने की तैयारी तेज। RBI ने पॉलीमर सब्सट्रेट शीट के लिए ग्लोबल EOI जारी किया। 10 और 20 रुपये के नोटों से पायलट प्रोजेक्ट शुरू होने की संभावना।;

Update: 2026-07-17 08:59 GMT

नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) देश की मुद्रा व्यवस्था को अधिक सुरक्षित और टिकाऊ बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर रहा है। जानकारी के अनुसार, केंद्रीय बैंक जल्द ही पॉलीमर (प्लास्टिक) बैंक नोटों का पायलट प्रोजेक्ट शुरू कर सकता है। यदि यह प्रयोग सफल रहता है तो आने वाले वर्षों में देशभर में चरणबद्ध तरीके से प्लास्टिक नोटों का प्रचलन बढ़ाया जाएगा। इसके लिए नोट निर्माण में इस्तेमाल होने वाली पॉलीमर सब्सट्रेट शीट की आपूर्ति हेतु वैश्विक स्तर पर अभिरुचि आमंत्रण (EOI) भी जारी किया गया है।

10 और 20 रुपये के नोटों से होगी शुरुआत

सूत्रों के मुताबिक, पायलट प्रोजेक्ट के तहत सबसे पहले 10 रुपये और 20 रुपये के पॉलीमर नोट जारी किए जा सकते हैं। शुरुआती परीक्षण के बाद अन्य मूल्यवर्ग के नोटों को भी इस नई तकनीक के तहत लाने पर विचार किया जाएगा। यदि सभी चरण सफल रहते हैं, तो बड़े पैमाने पर पॉलीमर नोटों का विस्तार अगले कुछ वर्षों में किया जा सकता है।

क्या होंगे पॉलीमर नोटों के फायदे?

विशेषज्ञों के अनुसार, पॉलीमर बैंक नोट पारंपरिक कागजी नोटों की तुलना में अधिक टिकाऊ होते हैं। ये जल्दी फटते नहीं हैं, पानी और नमी से कम प्रभावित होते हैं तथा लंबे समय तक उपयोग में रह सकते हैं। इसके अलावा इनमें आधुनिक सुरक्षा फीचर्स शामिल किए जा सकते हैं, जिससे नकली नोटों की पहचान आसान होगी और जालसाजी पर प्रभावी नियंत्रण लगाने में मदद मिलेगी।

क्या बंद हो जाएंगे मौजूदा कागजी नोट?

प्लास्टिक नोटों को लेकर लोगों के मन में यह सवाल भी है कि क्या मौजूदा कागजी नोट बंद कर दिए जाएंगे। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, ऐसा नहीं होगा। वर्तमान में प्रचलन में मौजूद सभी कागजी बैंक नोट पूरी तरह वैध बने रहेंगे और उनका उपयोग पहले की तरह जारी रहेगा। पॉलीमर नोटों को केवल अतिरिक्त विकल्प के रूप में धीरे-धीरे मुद्रा प्रणाली में शामिल किया जाएगा।

RBI की तैयारी और ग्लोबल EOI

इस परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक की नोट मुद्रण इकाई ने पॉलीमर सब्सट्रेट शीट की आपूर्ति के लिए वैश्विक अभिरुचि आमंत्रण (Global Expression of Interest) जारी किया है। इसके माध्यम से अंतरराष्ट्रीय कंपनियों को पॉलीमर सामग्री उपलब्ध कराने के लिए आमंत्रित किया गया है। इच्छुक कंपनियों के लिए आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 18 अगस्त निर्धारित की गई है।

हालांकि, इस पूरे प्रोजेक्ट की समय-सीमा और रोलआउट को लेकर भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से विस्तृत आधिकारिक घोषणा का इंतजार है। माना जा रहा है कि पायलट प्रोजेक्ट के परिणामों के आधार पर आगे की रणनीति तय की जाएगी।

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