बद्रीनाथ धाम चढ़ावा चोरी मामला: बीकेटीसी के सेवानिवृत्त अधिकारी राजेंद्र सिंह चौहान गिरफ्तार, SIT की जांच तेज

बद्रीनाथ धाम चढ़ावा चोरी मामले में SIT ने बीकेटीसी के सेवानिवृत्त टेंपल अधिकारी राजेंद्र सिंह चौहान को गिरफ्तार किया। मामले में दूसरी गिरफ्तारी, CCTV फुटेज और दान गिनती में अनियमितताओं की जांच जारी।;

Update: 2026-07-17 10:57 GMT

देहरादून। उत्तराखंड के प्रसिद्ध बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे की गिनती के दौरान कथित अनियमितताओं और चोरी के मामले में विशेष जांच दल (SIT) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बदरी-केदार मंदिर समिति (BKTC) के सेवानिवृत्त टेंपल अधिकारी राजेंद्र सिंह चौहान को गिरफ्तार कर लिया है। चौहान से शुक्रवार को करीब चार घंटे तक गहन पूछताछ की गई, जिसके बाद उन्हें हिरासत में लेकर औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया गया। वह 30 जून 2026 को ही अपने पद से सेवानिवृत्त हुए थे।

इस हाई-प्रोफाइल मामले में यह दूसरी गिरफ्तारी है। इससे पहले मंदिर समिति के निजी सहायक (PA) प्रमोद नौटियाल को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि कोषाध्यक्ष संदीप मेहता को उनके पद से हटाया गया था।

सोशल मीडिया पर वीडियो आने के बाद खुला मामला

बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे की गिनती के दौरान कथित गड़बड़ियों का मामला सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो और आरोपों के बाद सामने आया था। आरोप लगाया गया कि दान की गिनती और रिकॉर्डिंग की प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं हुईं। इसके बाद 'भैरव सेना' नामक संगठन ने प्रशासन से शिकायत करते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी।

शिकायत के बाद उत्तराखंड सरकार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए और तीन सदस्यीय समिति का गठन किया। इस समिति की अध्यक्षता गढ़वाल मंडल के आयुक्त कर रहे हैं।

18 पन्नों की रिपोर्ट में कई सुधारात्मक सुझाव

जांच समिति ने अपनी 18 पन्नों की प्रारंभिक रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपते हुए मंदिर की दान गिनती व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण सिफारिशें की हैं।

रिपोर्ट में दान गिनने वाले कर्मचारियों के लिए अनिवार्य ड्रेस कोड लागू करने, गिनती केंद्र और परिसर में अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाने, निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने तथा श्रद्धालुओं की सहभागिता बढ़ाने जैसे सुझाव शामिल किए गए हैं। समिति का मानना है कि इन कदमों से भविष्य में किसी भी प्रकार की अनियमितता पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकेगा।

एफआईआर के बाद तेज हुई कार्रवाई

एसएसपी सुरजीत सिंह पंवार के अनुसार, मंदिर समिति के अधिकारी युधवीर फरस्वान की शिकायत के आधार पर 8 जुलाई को बद्रीनाथ थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। इसके बाद SIT ने साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई।

प्रारंभिक जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर पहले प्रमोद नौटियाल को निलंबित किया गया और बाद में 13 जुलाई को उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। वहीं, चढ़ावे के रजिस्टर में ओवरराइटिंग और रिकॉर्ड संबंधी अनियमितताओं के चलते कोषाध्यक्ष संदीप मेहता का तबादला भी किया गया।

पुराने CCTV फुटेज की हो रही जांच

विशेष जांच दल अब यह पता लगाने में जुटा है कि इस कथित गड़बड़ी में और कौन-कौन लोग शामिल थे। जांच एजेंसियां मंदिर परिसर के पुराने सीसीटीवी फुटेज की भी गहन पड़ताल कर रही हैं। जिन फुटेज के कथित रूप से डिलीट होने की आशंका है, उन्हें तकनीकी सहायता से रिकवर करने का प्रयास किया जा रहा है।

SIT का मानना है कि डिजिटल साक्ष्य और दस्तावेजी रिकॉर्ड से मामले के कई अहम पहलुओं का खुलासा हो सकता है। जांच पूरी होने के बाद संबंधित लोगों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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