टीएमसी में बढ़ा सियासी संकट, बागी सांसदों के NDA समर्थन के दावों में यूसुफ पठान का नाम भी चर्चा में
टीएमसी में कथित बगावत की चर्चाओं के बीच यूसुफ पठान का नाम NDA समर्थक सांसदों में सामने आया है। 20 सांसदों के अलग रुख अपनाने के दावों से पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।;
नई दिल्ली। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में कथित बगावत की खबरों ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल मचा दी है। पार्टी के कुछ सांसदों द्वारा राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) को समर्थन देने की चर्चाओं के बीच पूर्व भारतीय क्रिकेटर और टीएमसी सांसद यूसुफ पठान का नाम भी सामने आया है। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम पर यूसुफ पठान की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
बताया जा रहा है कि टीएमसी के भीतर एक ऐसा गुट सक्रिय है, जो पार्टी नेतृत्व से असंतुष्ट है और NDA के समर्थन पर विचार कर रहा है। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी दिल्ली में INDIA गठबंधन की बैठक में शामिल होने पहुंची थीं।
काकोली घोष दस्तीदार ने दिए संकेत
टीएमसी सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने मीडिया से बातचीत में दावा किया कि पार्टी के करीब 20 सांसद अलग रुख अपना चुके हैं। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर वह सभी सांसदों के नाम सार्वजनिक कर सकती हैं, हालांकि फिलहाल ऐसा नहीं करना चाहतीं। उनके इस बयान के बाद पार्टी के भीतर असंतोष की अटकलें और तेज हो गई हैं।
महुआ मोइत्रा ने साधा निशाना
टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने भी सोशल मीडिया पर अप्रत्यक्ष रूप से यूसुफ पठान को लेकर टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को जनता ने भारी समर्थन देकर संसद भेजा है, उन्हें अपने मतदाताओं और पार्टी के प्रति जिम्मेदारी निभानी चाहिए। उनके बयान को पार्टी के भीतर चल रहे विवाद से जोड़कर देखा जा रहा है।
बहरामपुर सीट को लेकर पहले भी रही थी चर्चा
कुछ समय पहले ऐसी खबरें सामने आई थीं कि टीएमसी नेतृत्व बहरामपुर लोकसभा सीट से सांसद यूसुफ पठान को इस्तीफा देने के लिए मनाने का प्रयास कर रहा था, ताकि ममता बनर्जी वहां से उपचुनाव लड़ सकें। रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया था कि पूर्व भारतीय क्रिकेटर सौरव गांगुली की मदद लेने की कोशिश हुई थी। हालांकि बाद में गांगुली ने इन दावों का खंडन कर दिया था।
NDA को समर्थन देने की तैयारी?
सूत्रों के मुताबिक, बागी सांसदों का गुट लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर NDA को समर्थन देने की जानकारी दे सकता है। हालांकि, इन सांसदों ने फिलहाल टीएमसी छोड़ने या भाजपा में शामिल होने का फैसला नहीं किया है। माना जा रहा है कि वे अलग समूह के रूप में काम कर सकते हैं, जिससे दलबदल विरोधी कानून से जुड़े कानूनी पहलुओं से बचा जा सके।
टीएमसी के पास वर्तमान में लोकसभा में 28 सांसद हैं। यदि 20 सांसद अलग रुख अपनाते हैं, तो यह पार्टी के लिए बड़ा राजनीतिक झटका साबित हो सकता है। हालांकि, इन दावों और चर्चाओं पर अभी तक टीएमसी नेतृत्व की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।