'हमारे पास हजारों सुसाइड बॉम्बर', जैश-ए-मोहम्मद चीफ मसूद अजहर का नया ऑडियो आया सामने
वायरल ऑडियो में मसूद अजहर को अपने कैडर की ताकत के बारे में बड़े-बड़े दावे करते सुना जा सकता है। वह कह रहा है कि उसके पास एक, दो, सौ या एक हजार नहीं, बल्कि इससे कहीं अधिक फिदायीन हैं। वह आगे कहते हैं कि असली संख्या का खुलासा कर देने से पूरी दुनिया में हड़कंप मच जाएगा।
इस्लामाबाद। पाकिस्तान स्थित प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने एक बार फिर अपनी ताकत का दावा करते हुए सनसनी फैला दी है। संगठन के संस्थापक और प्रमुख मौलाना मसूद अजहर की कथित आवाज में एक नया ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस ऑडियो में अजहर कहते नजर आ रहा है कि उसके पास हजारों सुसाइड बॉम्बर (फिदायीन) तैयार हैं।
संयुक्त राष्ट्र द्वारा वैश्विक आतंकवादी घोषित किए गए मसूद अजहर का यह दावा ऐसे समय में आया है, जब भारत ने पुलवामा, पठानकोट और हाल के पहलगाम हमले के बाद जैश के ठिकानों पर लगातार सख्त कार्रवाई की है। हालांकि, इस वायरल ऑडियो की प्रामाणिकता की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और यह जांच का विषय बना हुआ है।
एक हजार से अधिक आत्मघाती हमलावर तैयार: मसूद अजहर
वायरल ऑडियो में मसूद अजहर को अपने कैडर की ताकत के बारे में बड़े-बड़े दावे करते सुना जा सकता है। वह कह रहा है कि उसके पास एक, दो, सौ या एक हजार नहीं, बल्कि इससे कहीं अधिक फिदायीन हैं। वह आगे कहते हैं कि असली संख्या का खुलासा कर देने से पूरी दुनिया में हड़कंप मच जाएगा। इन हमलावरों को न कोई भौतिक पुरस्कार चाहिए, न वीजा, न कोई व्यक्तिगत लाभ; वे केवल शहादत मांगते हैं। ऑडियो के अनुसार, मसूद अजहर पर उसके कैडर द्वारा भारत में घुसपैठ की अनुमति देने का दबाव डाला जा रहा है।
ऑपरेशन सिंदूर में जैश के ठिकानों को बड़ा नुकसान
बता दें कि पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में भारत द्वारा चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर में जैश-ए-मोहम्मद के कई ठिकानों को बड़ा नुकसान हुआ था। इस ऑपरेशन में मसूद अजहर के कई करीबी, रिश्तेदार और आतंकी मारे गए थे। गौरतलब है कि 2019 के बाद से मसूद अजहर को सार्वजनिक रूप से नहीं देखा गया है। उसी साल बहावलपुर स्थित उनके ठिकाने पर एक शक्तिशाली विस्फोट हुआ था, जिसमें वह बाल-बाल बच गया था। उसके बाद से वे लगभग गायब-सा हो गया है।
संयुक्त राष्ट्र द्वारा वैश्विक आतंकवादी घोषित
मसूद अजहर भारत में हुए कई घातक हमलों का मास्टरमाइंड रहा है, जिनमें 2016 का पठानकोट वायुसेना हमला और 2019 का पुलवामा आत्मघाती बम हमला (जिसमें 44 CRPF जवान शहीद हुए) शामिल हैं। हाल के महीनों की खुफिया जानकारी से संकेत मिलते हैं कि वह बहावलपुर से दूर पाकिस्तान के कब्जे वाले क्षेत्रों में सक्रिय हो सकता है।