शुभेंदु अधिकारी होंगे पश्चिम बंगाल के अगले मुख्यमंत्री, BJP विधायक दल की बैठक में लगी मुहर; कल शपथ
शुभेंदु अधिकारी पश्चिम बंगाल के अगले मुख्यमंत्री होंगे। शुभेंदु ने इस बार दो सीटों से चुनाव लड़ा और दोनों पर ही जीत हासिल की। नंदीग्राम के अलावा, उन्होंने भवानीपुर सीट से ममता बनर्जी को 15 हजार से ज्यादा वोटों से हराया।;
कोलकाता। भाजपा विधायक शुभेंदु अधिकारी पश्चिम बंगाल के अगले मुख्यमंत्री होंगे। कोलकाता में अमित शाह की मौजूदगी में भाजपा विधायक दल की बैठक में शुभेंदु के नाम पर मुहर लगी। उन्हें विधायक दल का नेता चुना गया। गृह मंत्री अमित शाह ने शुभेंदु के नाम का ऐलान किया। कल नए मुख्यमंत्री के लिए शपथ ग्रहण समारोह होगा।
बंगाल में इस बार भाजपा ने पहली बार बहुमत हासिल किया है। पार्टी ने बंपर जीत हासिल करते हुए 207 सीटें जीती हैं, जबकि टीएमसी 80 सीटों पर सिमट गई।विधायक दल की बैठक में शुभेंदु अधिकारी को नेता चुना गया। इसका ऐलान अमित शाह ने किया और कहा, ‘’अभी कुछ समय पहले ही चुनाव की प्रक्रिया पूरी हुई है। लगभग आठ प्रस्ताव और समर्थन प्राप्त हुए और सभी एक ही नाम के मिले। उसके बाद दूसरे नाम के लिए भी सबको समय दिया गया, लेकिन कोई दूसरा नाम नहीं आया।''
शुभेंदु ने इस बार दो सीटों से चुनाव लड़ा और दोनों पर ही जीत हासिल की। नंदीग्राम के अलावा, उन्होंने भवानीपुर सीट से ममता बनर्जी को 15 हजार से ज्यादा वोटों से हराया। पिछले विधानसभा चुनाव में भी शुभेंदु ने नंदीग्राम से ममता बनर्जी को पराजित किया था। इससे पहले, अमित शाह शुक्रवार सुबह कोलकाता पहुंचे और भाजपा विधायक दल की बैठक में शामिल हुए।
शुभेंदु अधिकारी समेत अन्य भाजपा नेताओं ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर शाह का स्वागत किया। हवाई अड्डे से वह न्यू टाउन स्थित एक होटल गए। दोपहर में शाह विश्व बांग्ला कन्वेंशन सेंटर में भाजपा विधायक दल की बैठक में शामिल हुए। शनिवार को ब्रिगेड परेड ग्राउंड में शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन होगा। इस समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) शासित सभी राज्यों के मुख्यमंत्री भी मौजूद रहेंगे।
राज्यपाल ने भंग की विधानसभा
पश्चिम बंगाल के राज्यपाल आरएन रवि ने राज्य में विधानसभा के चुनाव सम्पन्न होने के बाद पिछली विधानसभा को गुरुवार को भंग कर दिया था। सरकारी नोटिफकेशन के अनुसार राज्यपाल ने संविधान के अनुच्छेद 174 के तहत प्राप्त अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए विधानसभा को भंग कर दिया है। इसके साथ ही ममता बनर्जी मंत्रिपरिषद का कार्यकाल समाप्त हो गया है और नई सरकार के गठन का मार्ग प्रशस्त हो गया है।
समझा जाता है कि नई सरकार के गठन तक शासन का काम लोक भवन से संचालित होगा। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री बनर्जी ने विधानसभा चुनाव में अपनी पार्टी तृणमूल कांग्रेस की हार के बावजूद पद से इस्तीफा देने से मना कर दिया है। आम तौर पर विधानसभाओं के आम चुनाव सम्पन्न होने के बाद हारने या जीतने- दोनों ही स्थितियों में राज्य सरकार इस्तीफा दे देती है और राज्यपाल मुख्यमंत्री को नई सरकार के गठन तक सरकार का काम संभाले रहने का अनुरोध करते हैं।