सुप्रीम कोर्ट ने श्री श्री रविशंकर की संस्था को दी बड़ी राहत, डीडीए लौटाएगा 5 करोड़ रुपये जुर्माना

सुप्रीम कोर्ट ने आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन पर लगा 5 करोड़ रुपये का जुर्माना रद्द कर दिया। डीडीए को राशि वापस करने और यमुना फ्लड प्लेन की बहाली जारी रखने का निर्देश दिया।;

Update: 2026-08-22 07:19 GMT
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने यमुना के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में वर्ष 2016 में आयोजित कार्यक्रम को लेकर श्री श्री रविशंकर की संस्था व्यक्ति विकास केंद्र–आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन को बड़ी राहत दी है। अदालत ने संस्था पर लगाए गए 5 करोड़ रुपये के जुर्माने को रद्द कर दिया है। साथ ही दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) को निर्देश दिया है कि संस्था द्वारा जमा की गई यह राशि वापस की जाए।

नुकसान के लिए सीधे जिम्मेदारी साबित नहीं हुई

सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि किसी संस्था या व्यक्ति को पर्यावरणीय नुकसान के लिए जिम्मेदार ठहराने से पहले यह साबित करना जरूरी है कि संबंधित नुकसान उसी के कारण हुआ है। अदालत के मुताबिक, इस मामले में कार्यक्रम और यमुना के बाढ़ क्षेत्र को हुए नुकसान के बीच सीधा संबंध स्थापित करने वाला पर्याप्त प्रमाण सामने नहीं आया।

कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि किसी व्यक्ति या संस्था की वजह से प्रदूषण अथवा पर्यावरण को नुकसान साबित हो जाए तो कानून के तहत कार्रवाई होनी चाहिए। लेकिन मौजूदा मामले में ऐसी सीधी जिम्मेदारी साबित नहीं होने के कारण 5 करोड़ रुपये का जुर्माना बरकरार नहीं रखा जा सकता।

डीडीए की भूमिका पर भी उठे सवाल

सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में डीडीए की भूमिका पर भी गंभीर टिप्पणी की। अदालत ने कहा कि यमुना के सक्रिय बाढ़ मैदान और इको-सेंसिटिव क्षेत्र की सुरक्षा करना डीडीए की जिम्मेदारी थी। ऐसे क्षेत्र में कार्यक्रम की अनुमति देने का निर्णय प्राधिकरण की ओर से उचित प्रक्रिया का पालन न किए जाने को दर्शाता है।

अदालत के मुताबिक, आयोजन स्थल की स्थिति पहले से ही खराब थी। ऐसे में पूरे पर्यावरणीय नुकसान का जिम्मा केवल कार्यक्रम आयोजित करने वाली संस्था पर डालना उचित नहीं होगा।

एनजीटी की प्रक्रिया पर भी टिप्पणी

मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) की प्रक्रिया को लेकर भी टिप्पणी की। अदालत ने कहा कि अपीलकर्ताओं को अपना पक्ष रखने का पर्याप्त अवसर नहीं मिला था। इसी आधार पर भी मामले में पहले हुई कार्रवाई की समीक्षा जरूरी थी।

यमुना फ्लड प्लेन की बहाली जारी

सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि यमुना के बाढ़ क्षेत्र को फिर से पर्यावरणीय रूप से बहाल करने की प्रक्रिया जारी रहेगी। डीडीए को एनजीटी के निर्देशों के अनुसार यमुना बाढ़-मैदान का पुनर्स्थापन का काम आगे बढ़ाना होगा। यानी संस्था को जुर्माने से राहत मिलने के बावजूद यमुना के पर्यावरण संरक्षण और बहाली से जुड़े निर्देश प्रभावी रहेंगे।

Tags:    

Similar News