होर्मुज में तबाही का खतरा! ईरान ने बिछाईं 4 तरह की घातक समुद्री सुरंगें, एक धमाके में डूब जाएगा पूरा जहाज

होर्मुज के आसपास ईरान ने घातक समुद्री सुरंगों का जाल बिछाया है। अगर इसकी चपेट में कोई बड़ा तेल-गैस का जहाज आता है तो बड़े धमाके के साथ तबाही हो सकती है।

Update: 2026-04-14 06:13 GMT

नई दिल्ली। ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट के आसपास बारूदी सुरंगों का जाल बिछा होने का दावा किया है, जो वहां से गुजरने वाले तेल-गैस से लदे जहाजों के लिए बड़ा खतरा है। ईरान की टोल न चुकाने वाले जहाजों को उड़ाने की धमकी के बीच अमेरिका ने भी नाकेबंदी का ऐलान कर दिया है। अमेरिका ने नाकेबंदी के अलावा वहां माइंस स्वीपिंग जहाजों से बारूदी सुरंगों को हटाने का अभियान भी छेड़ा है.ईरान के पास 5000 से 6000 के बीच समुद् बारूदी सुरंगें होने की रिपोर्ट है। ईरान ने अपनी भौगोलिक स्थिति और होर्मुज जलडमरूमध्य में पानी की कम गहराई का फायदा उठाने के लिए कई तरह की बारूदी सुरंगें तैयार की हैं।

1. घातक सी माइंस

सेंटर फॉर स्ट्रेटजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज (CSIS) के मुताबिक, ईरान के पास महाम-3 और महाम-7 बारूदी सुरंगें हैं। महाम-3 एक मूर्ड माइन' (Moored Mine) है, जो समुद्र की सतह से बंधी होती है और पानी के नीचे तैरती रहती है। महाम-7 एक लिम्पेट माइन (Limpet Mine) है। समुद्री गोताखोर इसे जहाज के निचले हिस्से पर चिपका सकते हैं।

2. सदाफ बारूदी सुरंगें

यूनाइटेड स्टेट्स नेवल इंस्टीट्यूट्स (USNI) की रिपोर्ट के अनुसार, सदाफ-02 (SADAF-02) यह एक पारंपरिक माइन है। यह जहाज के संपर्क में आते ही बड़े धमाके के साथ फट जाती है। 1988 में ऐसी ही माइन ने अमेरिकी युद्धपोत USS Samuel B. Roberts को लगभग डुबो दिया था। होर्मुज स्ट्रेट में भी ऐसा ही खतरा है।

3. इन्फ्लुएंस माइंस

ये समुद्री बारूदी सुरंग (Influence Mines) जहाज को छुए बिना ही धमाका कर सकती है। इनके पास मैग्नेटिक यानी चुंबकीय), एकोस्टिक (ध्वनि) और प्रेशर (दबाव) वाले सेंसर होते हैं। ये पास से गुजरने वाले जहाज की हलचल को पहचान लेते हैं।

4. बॉटम माइन्स

ये समुद्र की तलहटी (Seabed) पर बैठ जाती हैं और रेत या कीचड़ में दब जाती हैं, जिससे इन्हें खोजना लगभग नामुमकिन हो जाता है। इन्हें सबसे ज्यादा खतरनाक माना जाता है.।

समुद्र से बारूदी सुरंग हटाना खतरनाक?

समुद्री माइंस को हटाना (Minesweeping) दुनिया के सबसे खतरनाक कामों में से एक है। नाटो शिपिंग सेंटर की मानें तो ये माइंस अक्सर गहरे पानी में या कीचड़ में दबी होती हैं। आधुनिक माइंस को इस तरह डिजाइन किया जाता है कि वे साधारण सोनार (Sonar) की पकड़ में न आएं। माइन स्वीपिंग (Minesweeping) में जहाज अपने पीछे एक लंबी तार खींचते हैं, जो मूर्ड माइंस की रस्सी को काट देती है। इससे माइन सतह पर आ जाती है और उसे बंदूक से उड़ा दिया जाता है।

चकमा देने में माहिर माइंस

कुछ माइंस शिप काउंटर्स से लैस होती हैं, यानी वो पहले 2-3 जहाजों को जाने देती हैं और आगे आने वाले जहाज पर फटती हैं। समुद्र की लहरें और तेज बहाव माइन्स को उनकी मूल जगह से दूर ले जाते हैं, जिससे सुरक्षित रास्ता भी जोखिम भरा हो जाता है

समुद्री सुरंगों को हटाने का खतरा

माइन हंटिंग में विशेष जहाजों का उपयोग किया जाता है, जिनका हल (Hull) लोहे का नहीं बल्कि ग्लास या फाइबर या लकड़ी का होता है ताकि चुंबकीय समुद्री सुरंगें न फटें। ये जहाज हाई रेजोल्यूशन सोनार तरंगों से माइंस खोजते हैं। आजकल पानी के नीचे चलने वाले Mk 18 Knifefish जैसे ड्रोन का इस्तेमाल किया जाता है। ये रोबोट माइन के पास जाकर उसे छोटे बम से उड़ा देते हैं, जिससे इंसानी जान का खतरा नहीं रहता।

समुद्री सुरंग हटाने का खर्च

साधारण समुद्री माइन बनाने में 2000 से 20 हजार डॉलर का खर्च होता है, लेकिन उसे सुरक्षित तरीके से खोजने और हटाने में 10 लाख डॉलर या इससे ज्यादा खर्च हो जाते हैं। एक माइन स्वीपर जहाज का एक दिन का ऑपरेशन खर्च ही हजारों डॉलर में होता है। पूरे इलाके को सुरक्षित घोषित करने में हफ्तों या महीनों का वक्त लगता है।

Tags:    

Similar News