'मंगल मिलन' में जुटा एनडीए, पीएम मोदी की मौजूदगी में संसद की रणनीति पर मंथन; एंटी पेपर लीक बिल पर रही खास चर्चा
संसद के मानसून सत्र के बीच एनडीए की ‘मंगल मिलन’ बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह और कई वरिष्ठ नेताओं ने हिस्सा लिया। बैठक में एंटी पेपर लीक बिल और संसद की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई।;
एंटी पेपर लीक बिल पर रणनीति बनी
बैठक ऐसे समय आयोजित की गई, जब केंद्र सरकार लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 को संसद से पारित कराने की तैयारी में जुटी है। सोमवार को केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने यह विधेयक लोकसभा में पेश किया था, लेकिन विपक्ष के हंगामे के कारण इस पर चर्चा नहीं हो सकी।
अब सरकार मंगलवार को इस विधेयक पर विस्तृत बहस कराने की तैयारी कर रही है। एनडीए की बैठक में सांसदों को विधेयक के प्रमुख बिंदुओं और चर्चा के दौरान अपनाई जाने वाली रणनीति से अवगत कराया गया।
विपक्ष के तेवरों पर भी हुई चर्चा
सूत्रों के अनुसार बैठक में विपक्ष की रणनीति पर भी विचार-विमर्श किया गया। विपक्ष छात्र आंदोलनों के दौरान कथित पुलिस कार्रवाई, परीक्षा प्रणाली में गड़बड़ियों और अन्य मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी कर रहा है। ऐसे में एनडीए नेताओं ने सदन में समन्वित तरीके से जवाब देने और महत्वपूर्ण विधायी कार्यों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया।
बैठक में विभिन्न सहयोगी दलों के नेताओं को संसद में बोलने की जिम्मेदारियां भी तय की गईं, ताकि विधेयक पर सरकार का पक्ष प्रभावी ढंग से रखा जा सके।
विधेयक में हैं सख्त प्रावधान
लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 का उद्देश्य सार्वजनिक परीक्षाओं में पेपर लीक, नकल और संगठित परीक्षा अपराधों पर सख्त रोक लगाना है। प्रस्तावित संशोधनों के तहत दोषियों के लिए अधिकतम 10 वर्ष तक की सजा, भारी आर्थिक दंड, गंभीर मामलों में संपत्ति जब्त करने जैसे प्रावधान शामिल किए गए हैं। साथ ही परीक्षा से जुड़े मामलों के त्वरित निपटारे के लिए समयबद्ध व्यवस्था का भी प्रस्ताव है।
सरकार का कहना है कि इन प्रावधानों से परीक्षा प्रणाली अधिक पारदर्शी, विश्वसनीय और सुरक्षित बनेगी तथा छात्रों का भविष्य बेहतर तरीके से संरक्षित किया जा सकेगा।
क्या है ‘मंगल मिलन’ बैठक का उद्देश्य?
‘मंगल मिलन’ एनडीए संसदीय दल की नियमित साप्ताहिक रणनीति बैठक का नया नाम है। इसका उद्देश्य संसद सत्र के दौरान गठबंधन के सभी सहयोगी दलों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना और प्रमुख विधेयकों पर साझा रणनीति तैयार करना है।
इन बैठकों में शिवसेना, जनता दल (यूनाइटेड), तेलुगु देशम पार्टी, लोक जनशक्ति पार्टी और अन्य सहयोगी दलों के सांसद भी शामिल होते हैं। संसद में बहस के दौरान किस सांसद को किस विषय पर बोलना है और किन मुद्दों पर सरकार का पक्ष रखना है, इस पर भी चर्चा की जाती है।
माना जा रहा है कि एंटी पेपर लीक विधेयक पर होने वाली बहस से पहले आयोजित यह बैठक आगामी संसदीय रणनीति तय करने के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण रही।