वोटिंग के बीच हिंसा से दहला पीओके, फायरिंग और झड़पों में 19 की मौत , भींबर में बैलेट बॉक्स जलाया गया

पीओके विधानसभा चुनाव के पहले चरण की वोटिंग के दौरान कई इलाकों में हिंसा, रावलाकोट में 19 लोगों की मौत का दावा, भींबर में बैलेट बॉक्स जलाया गया। चुनावी प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठे।;

Update: 2026-07-28 02:44 GMT

मुजफ्फराबाद। पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान के दौरान व्यापक हिंसा और तनाव देखने को मिला। सोमवार को हुई वोटिंग के बीच कई स्थानों पर राजनीतिक दलों के समर्थकों के बीच झड़पें, मतदान केंद्रों पर हंगामा और सुरक्षा बलों की कार्रवाई की खबरें सामने आईं। स्थानीय सूत्रों और विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार, रावलाकोट में सुरक्षा बलों की फायरिंग में 19 प्रदर्शनकारियों की मौत होने का दावा किया गया है, जबकि कई अन्य घायल बताए जा रहे हैं। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

करीब 38 लाख मतदाता इस चुनाव में मतदान के पात्र हैं। पहली बार विधानसभा चुनाव तीन चरणों में कराए जा रहे हैं। हाल के महीनों में लगातार विरोध प्रदर्शनों और कानून-व्यवस्था की चुनौती को देखते हुए पहले चरण के मतदान के दौरान सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे।

भींबर में बैलेट बॉक्स में लगाई गई आग

मतदान के दौरान सबसे बड़ी घटना भींबर जिले में सामने आई, जहां एक मतदान केंद्र पर दो राजनीतिक दलों के समर्थकों के बीच हिंसक झड़प हो गई। रिपोर्टों के अनुसार, हंगामे के दौरान एक बैलेट बॉक्स छीन लिया गया और बाद में उसमें आग लगा दी गई, जिससे उसमें रखे मतपत्र जल गए।

चुनाव अधिकारियों ने कहा कि पूरे मामले की जांच की जाएगी और रिपोर्ट के आधार पर यह निर्णय लिया जाएगा कि संबंधित मतदान केंद्र पर दोबारा मतदान कराया जाए या नहीं। घटना के बाद चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।

कोटली में भी हुई हिंसा

कोटली जिले के नकयाल क्षेत्र से भी हिंसा की खबर सामने आई। पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) ने दावा किया कि उसके कार्यकर्ता मुख्तार यूनुस की झड़प के दौरान मौत हो गई। पार्टी ने इसके लिए अपने राजनीतिक विरोधियों को जिम्मेदार ठहराया, जबकि दूसरे पक्ष ने इन आरोपों को खारिज कर दिया।

इसके अलावा पीपीपी ने चुनाव आयोग से शिकायत करते हुए आरोप लगाया कि मीरपुर क्षेत्र के कुछ मतदान केंद्रों पर हथियारबंद लोगों ने मतगणना प्रक्रिया में हस्तक्षेप किया। पार्टी ने चुनाव सामग्री की सुरक्षा बढ़ाने और अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात करने की मांग की।

जेएएसी ने सुरक्षा बलों पर लगाए गंभीर आरोप

जम्मू-कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) ने आरोप लगाया कि रावलाकोट में प्रदर्शन कर रहे नागरिकों पर सुरक्षा बलों ने गोलीबारी की। संगठन का कहना है कि यह कार्रवाई उस समय हुई जब बड़ी संख्या में लोग 'मुजफ्फराबाद चलो' मार्च की तैयारी कर रहे थे।

जेएएसी ने सवाल उठाया कि हिंसा, प्रतिबंधों और लगातार तनाव के माहौल में चुनाव को स्वतंत्र और निष्पक्ष कैसे माना जा सकता है। संगठन लंबे समय से प्रशासनिक सुधार, आर्थिक मुद्दों और राजनीतिक अधिकारों को लेकर आंदोलन चला रहा है।

भारत पहले भी जता चुका है चिंता

भारत लगातार यह कहता रहा है कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के पूरे केंद्र शासित प्रदेश उसके अभिन्न और अविभाज्य हिस्से हैं तथा पाकिस्तान ने उनके कुछ क्षेत्रों पर अवैध कब्जा कर रखा है। हाल के दिनों में भारत ने पीओके में जारी विरोध प्रदर्शनों और वहां प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कथित कार्रवाई पर भी चिंता जताई थी।

अब चुनाव के दौरान सामने आई हिंसा और गंभीर आरोपों ने एक बार फिर पीओके की सुरक्षा व्यवस्था और चुनावी प्रक्रिया पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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