आतंकवादियों के साथ मंच साझा कर पाकिस्तान के पूर्व मंत्री शेख रशीद ने भारत को दी धमकी
पूर्व पाकिस्तानी गृह मंत्री शेख रशीद का कथित वीडियो सामने आया है, जिसमें वह हाफिज सईद की तारीफ करते और भारत के खिलाफ भड़काऊ बयान देते नजर आ रहे हैं।;
हाफिज सईद को लेकर दिया बयान
वीडियो में शेख रशीद कथित तौर पर हाफिज सईद की तारीफ करते हुए खुद को उसका ‘गुलाम’ बताते सुनाई देते हैं। कार्यक्रम में उनके साथ खालिद मसूद संधू और कारी मुहम्मद याकूब शेख भी दिखाई देते हैं। दोनों के संबंध पाकिस्तान में सक्रिय उन संगठनों से बताए जाते हैं, जिनके खिलाफ भारत और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आतंकवाद से जुड़े आरोप लगाए जाते रहे हैं।
हालांकि, वीडियो के स्वतंत्र सत्यापन और कार्यक्रम की पूरी पृष्ठभूमि की पुष्टि अलग-अलग स्रोतों से किया जाना जरूरी है।
भारत के खिलाफ भड़काऊ बयान
कार्यक्रम के दौरान शेख रशीद ने भारत को लेकर भी बेहद आक्रामक भाषा का इस्तेमाल किया। उन्होंने दावा किया कि यदि भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कोई कदम उठाया तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। उन्होंने धार्मिक प्रतीकों का जिक्र करते हुए भारत के खिलाफ आपत्तिजनक और भड़काऊ टिप्पणी भी की।
रशीद ने अपने भाषण में पाकिस्तान और हाफिज सईद के प्रति समर्थन जताने की बात कही। उनके इस बयान को भारत विरोधी बयानबाजी के तौर पर देखा जा रहा है। सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आने के बाद इसे लेकर पाकिस्तान की राजनीति और सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं।
अमेरिका से जुड़े दावे का भी जिक्र
शेख रशीद ने अपने भाषण में अमेरिका से जुड़ा एक पुराना दावा भी दोहराया। उन्होंने कहा कि कथित तौर पर उनके मोबाइल फोन में हाफिज सईद का नंबर मिलने के बाद अमेरिकी अधिकारियों ने उन्हें देश से बाहर कर दिया था। इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
कौन हैं शेख रशीद अहमद?
शेख रशीद पाकिस्तान के चर्चित राजनेताओं में शामिल रहे हैं। वह इमरान खान सरकार में गृह मंत्री का पद संभाल चुके हैं और आवामी मुस्लिम लीग (एएमएल) के प्रमुख हैं। रावलपिंडी से राजनीति करने वाले रशीद अपने तीखे और अक्सर विवादित बयानों के लिए जाने जाते हैं।
उनका नाम पहले भी लश्कर-ए-तैयबा और हाफिज सईद से जुड़े विवादों में सामने आता रहा है। अतीत में उन्हें आतंकवादी संगठनों से कथित संबंधों को लेकर सवालों का सामना करना पड़ा है। ऐसे में ताजा वीडियो ने उनके पुराने विवादों को फिर चर्चा में ला दिया है।
भारत लंबे समय से पाकिस्तान की जमीन से संचालित आतंकी नेटवर्क को लेकर अंतरराष्ट्रीय मंचों पर चिंता जताता रहा है। ऐसे में किसी पूर्व पाकिस्तानी मंत्री का कथित तौर पर आतंकवाद से जुड़े लोगों के मंच पर भारत विरोधी बयान देना दोनों देशों के बीच पहले से तनावपूर्ण संबंधों के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।