SIR के विरोध में दिल्ली में नागरिक मार्च, इंडिया गेट से जंतर-मंतर तक जुटेंगे सामाजिक कार्यकर्ता और छात्र संगठन

SIR के विरोध में दिल्ली में इंडिया गेट से जंतर-मंतर तक नागरिक मार्च निकाला जाएगा। AISA के नेतृत्व में सामाजिक कार्यकर्ता और छात्र संगठन शामिल होंगे। IYC की याचिका भी हाईकोर्ट पहुंची।;

Update: 2026-10-04 04:07 GMT

नई दिल्ली। चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची में बदलाव को लेकर दिल्ली में एक बार फिर विरोध-प्रदर्शन की तैयारी है। एसआइआर के विरोध में रविवार को इंडिया गेट से जंतर-मंतर तक नागरिक मार्च निकाला जाएगा। ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) के नेतृत्व में आयोजित होने वाले इस मार्च में सामाजिक कार्यकर्ताओं, छात्रों और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की बात कही गई है।

इंडिया गेट से दोपहर 3 बजे शुरू होगा मार्च

आयोजकों के मुताबिक नागरिक मार्च रविवार दोपहर करीब 3 बजे इंडिया गेट से शुरू होकर जंतर-मंतर तक जाएगा। मार्च में सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव और AISA अध्यक्ष नेहा बोरा समेत कई सामाजिक कार्यकर्ताओं और छात्र संगठनों के सदस्य हिस्सा ले सकते हैं।

आयोजकों का कहना है कि मार्च का उद्देश्य SIR प्रक्रिया को लेकर उठ रही चिंताओं को सार्वजनिक मंच पर रखना है। खासतौर पर चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची में संभावित बदलावों को लेकर संगठन अपनी आपत्तियां दर्ज कराएंगे। प्रदर्शन को देखते हुए जंतर-मंतर और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस की अतिरिक्त तैनाती की जा सकती है।

प्रदर्शन की अनुमति को लेकर हाईकोर्ट पहुंची यूथ कांग्रेस

इसी बीच जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति से जुड़ा मामला दिल्ली हाईकोर्ट पहुंच गया है। इंडियन यूथ कांग्रेस (IYC) के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब ने दिल्ली पुलिस के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें करीब 100 से 150 लोगों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार किया गया था।

IYC की याचिका में दावा किया गया है कि पुलिस ने प्रस्तावित कार्यक्रम का स्वतंत्र और उचित आकलन किए बिना अनुमति नहीं दी। संगठन के अनुसार, उसने 25 सितंबर को प्रदर्शन की अनुमति के लिए आवेदन किया था और सुरक्षा, यातायात तथा सार्वजनिक व्यवस्था से जुड़े नियमों का पालन करने का भरोसा दिया था। संगठन को अनुमति नहीं मिलने की जानकारी 1 अक्टूबर को दी गई।

अनुच्छेद 14 और 19 का दिया हवाला

याचिका में संविधान के अनुच्छेद 14, 19(1)(ए) और 19(1)(बी) का हवाला देते हुए अभिव्यक्ति और शांतिपूर्ण सभा के अधिकार की बात कही गई है। IYC ने आरोप लगाया है कि प्रदर्शन संबंधी नियमों को परिस्थितियों का पर्याप्त आकलन किए बिना लागू किया गया।

चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन के बाद बढ़ा विवाद

यह घटनाक्रम चुनाव आयोग के खिलाफ IYC कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन के बाद सामने आया है। कार्यकर्ताओं ने मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की थी। प्रदर्शन के दौरान कुछ कार्यकर्ताओं ने काले कपड़े और सफेद मास्क पहनकर खुद को ‘जिंदा भूत’ बताया। उनका दावा था कि जीवित होने के बावजूद उनके नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। पुलिस ने रायसीना रोड से जंतर-मंतर की ओर बढ़ रहे कार्यकर्ताओं को रोक दिया था।

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