'मुझसे बात नहीं कर रही थी प्रियंका', राहुल गांधी ने सुनाया बहन की नाराजगी का किस्सा; ऐसे हुई सुलह

राहुल गांधी ने वायनाड में अपनी बहन प्रियंका गांधी से जुड़ा एक बेहद मजेदार किस्सा साझा किया। जानिए कैसे 'वायनाड के जादू' ने उनके बीच की नाराजगी को किसी 'शांति वार्ता' से भी ज्यादा तेजी से सुलझा दिया। पढ़ें पूरी खबर।

Update: 2026-02-27 05:32 GMT

वायनाड। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को अपनी बहन प्रियंका गांधी वाड्रा के बारे में एक बेहद दिलचस्प किस्सा शेयर किया। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि वायनाड ने उनके बीच की नाराजगी को किसी भी 'शांति वार्ता' से ज्यादा तेजी से सुलझा दिया। राहुल गांधी 2024 के वायनाड भूस्खलन पीड़ितों के लिए कांग्रेस द्वारा बनाए जा रहे घरों के शिलान्यास समारोह में हिस्सा लेने पहुंचे थे। इसी दौरान उन्होंने राजनीति और अपने निजी जीवन को लेकर कुछ खास बातें साझा कीं।

वायनाड के लोगों से साझा किया घर का किस्सा

वायनाड की जनता को अपना 'बड़ा परिवार' बताते हुए, राहुल ने अपनी और प्रियंका के बीच हुई हालिया अनबन का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वह और उनकी बहन अक्सर छोटी-छोटी बातों पर झगड़ते हैं। राहुल गांधी ने बताया- 'कल मेरी बहन मुझसे बात नहीं कर रही थी।' बात इतनी बढ़ गई थी कि इसका जिक्र उन्हें अपनी मां सोनिया गांधी से भी करना पड़ा। राहुल ने बताया- जब मेरी मां ने पूछा कि प्रियंका कैसी है, तो मैंने उन्हें बताया कि वह मुझसे नाराज है और बात नहीं कर रही है।

इसके बाद राहुल ने इस नाराजगी को दूर करने के लिए अपनाई गई अपनी तरकीब का खुलासा किया। राहुल ने कहा- मैंने अपनी मां से कहा कि मैंने उसे (प्रियंका को) जाल में फंसा लिया है। एक बार जब वह वायनाड आ जाएगी, तो वह मुझसे बात किए बिना नहीं रह पाएगी। हालांकि, उनकी यह तरकीब तुरंत काम नहीं आई और फ्लाइट में भी प्रियंका उनसे खफा ही रहीं। राहुल ने आगे कहा- लेकिन जैसे ही हम वायनाड पहुंचे, उसने मुझसे फिर से बात करना शुरू कर दिया। यही वायनाड का जादू है।

वायनाड और गांधी परिवार का कनेक्शन

आपको बता दें कि राहुल गांधी ने 2024 के लोकसभा चुनावों में केरल के वायनाड और उत्तर प्रदेश के रायबरेली, दोनों ही सीटों से जीत हासिल की थी। बाद में उन्होंने वायनाड सीट खाली कर दी थी, जिसके बाद हुए उपचुनाव में जीत दर्ज कर अब उनकी बहन प्रियंका गांधी वाड्रा इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रही हैं।

राजनीति में पारदर्शिता की वकालत

अपने 22 साल के राजनीतिक सफर को याद करते हुए राहुल ने कहा कि नेताओं को अपने बारे में अधिक खुला और पारदर्शी होना चाहिए। उन्होंने मंच से कहा- मैं 2004 से राजनीति में हूं, लगभग 22 साल हो गए हैं। जैसे-जैसे आप आगे बढ़ते हैं, चीजों के बारे में आपके सोचने का नजरिया बदलने लगता है। मेरा यह दृढ़ता से मानना है कि राजनेताओं को अपने और अपने जीवन में चल रही चीजों के बारे में जनता के सामने अधिक पारदर्शी होना चाहिए।

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