पश्चिम बंगाल SIR विवाद पर सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी, जजों पर संदेह मत कीजिए

पश्चिम बंगाल SIR मामले में राज्य सरकार ने ECI के प्रशिक्षण मॉड्यूल का विरोध किया। कपिल सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट में आपत्ति उठाई, जिस पर CJI ने कहा कि जजों पर संदेह न करें, विवाद खत्म होना चाहिए।

Update: 2026-02-27 08:10 GMT

नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल सरकार और चुनाव आयोग के बीच एआइआर (Special Intensive Revision) को लेकर चल रहा विवाद एक बार फिर उभरा है। राज्य सरकार ने चुनाव आयोग द्वारा न्यायिक अधिकारियों के लिए जारी किए गए प्रशिक्षण मॉड्यूल का विरोध करते हुए इसे नया विवाद बना दिया है।

इस मुद्दे को वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस के सामने उठाया। सिब्बल ने कहा कि चुनाव आयोग सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों को दरकिनार करते हुए नए निर्देश जारी कर रहा है, और अपने मॉड्यूल में यह भी कहा है कि डोमिसाइल सर्टिफिकेट स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए।

'जजों पर संदेह मत कीजिए'

इस पर सीजेआई ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा, 'जजों पर संदेह मत कीजिए, वे स्वयं फैसला करेंगे। इस विवाद का अब अंत होना चाहिए।'  सुनवाई के दौरान जस्टिस जॉयमाल्या बागची ने भी स्पष्ट टिप्पणी की। बागची ने कहा, 'ECI के अलावा प्रशिक्षण कौन देगा? हमने साफ कर दिया है कि किन दस्तावेजों को देखा जाना है। हमारे निर्देश स्पष्ट हैं, उन्हें बदला नहीं जा सकता।'

कपिल सिब्बल के सवाल पर क्या बोले जज?

कपिल सिब्बल द्वारा उठाए गए सवाल पर कि ECI के मॉड्यूल में डोमिसाइल सर्टिफिकेट को अस्वीकार्य बताया गया है, जस्टिस बागची ने कहा, यदि हमारे आदेश में ऐसे दस्तावेज शामिल हैं, तो उन्हें अवश्य देखा जाएगा।

अंत में, सुप्रीम कोर्ट ने संकेत दिया कि उसके पहले दिए गए निर्देश सर्वोपरि रहेंगे, न्यायिक अधिकारी उन्हीं के अनुरूप एसआईआर प्रक्रिया आगे बढ़ाएंगे और इस पूरे मामले में अनावश्यक संदेह या विवाद को अब समाप्त होना चाहिए।

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