'अगले एक साल में गिर जाएगी मोदी सरकार', कांग्रेस बैठक में बोले राहुल गांधी
कांग्रेस की अल्पसंख्यक सलाहकार समिति की बैठक में राहुल गांधी ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि अगले एक साल में पीएम मोदी की विदाई तय है और बढ़ता आर्थिक असंतोष इसका कारण बनेगा। वहीं इमरान मसूद ने मुस्लिम वोटिंग को लेकर नैरेटिव बदलने और कांग्रेस के कामों को समुदाय तक पहुंचाने पर जोर दिया।;
नई दिल्ली। कांग्रेस की अल्पसंख्यक सलाहकार समिति की बैठक में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बड़ा राजनीतिक बयान देते हुए कहा कि अगले एक साल के भीतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदाई तय है। कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक राहुल गांधी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आर्थिक हालात और देश में बढ़ता आर्थिक असंतोष इसके बड़े कारण बनेंगे। उन्होंने कहा कि जिस तरह परिस्थितियां बन रही हैं और लोगों में नाराजगी बढ़ रही है, उसका असर भारत की राजनीति पर दिखाई देगा।
सूत्रों के अनुसार राहुल गांधी ने देश की मौजूदा आर्थिक स्थिति का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लंबे समय तक आर्थिक स्थिति को प्रभावी तरीके से संभालने में सक्षम नहीं हैं। राहुल गांधी ने कहा कि बेरोजगारी, महंगाई और आर्थिक चुनौतियां लगातार बढ़ रही हैं और इन मुद्दों पर गंभीर चर्चा की जरूरत है। कांग्रेस अब सामाजिक प्रतिनिधित्व के साथ-साथ आर्थिक मुद्दों को भी बड़े राजनीतिक सवाल के तौर पर उठाने की तैयारी में दिखाई दे रही है।
मुस्लिम शब्द बोलने से न हिचके कांग्रेस
बैठक के दौरान कुछ नेताओं ने मुस्लिम शब्द की जगह 'अल्पसंख्यक' शब्द इस्तेमाल करने की अपील की। इस पर राहुल गांधी ने असहमति जताते हुए कहा कि डरने की जरूरत नहीं है, जिस वर्ग के साथ अन्याय हो, उसके साथ खुलकर खड़ा होना चाहिए। उन्होंने कहा कि चाहे वह हिंदू हो, दलित हो, सवर्ण हो, मुस्लिम हो, सिख हो, ईसाई हो या बौद्ध-जैन, कांग्रेस को सभी के अधिकारों की आवाज उठानी चाहिए।
मुस्लिम समुदाय की भागीदारी बढ़ाने पर क्या कहा गया?
सूत्रों के मुताबिक राहुल गांधी ने कांग्रेस के अल्पसंख्यक विभाग से कहा कि पार्टी के भीतर ऐसा मंच तैयार किया जाए जिससे मुस्लिम समुदाय की भागीदारी और प्रतिनिधित्व बढ़ सके। उन्होंने कहा कि केवल चुनावी राजनीति नहीं बल्कि संगठन में भी समुदाय की मजबूत मौजूदगी जरूरी है। राहुल गांधी ने इस दौरान यह संकेत देने की कोशिश की कि कांग्रेस को अपने पारंपरिक वोट बैंक के साथ सीधे संवाद बढ़ाना होगा। बैठक में मौजूद नेताओं के अनुसार राहुल गांधी चाहते हैं कि पार्टी के नेता जमीन पर जाकर समुदाय से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाएं और लोगों के बीच भरोसा पैदा करें।
वोट चोरी और चुनाव प्रक्रिया पर राहुल गांधी ने क्या कहा?
बैठक के दौरान राहुल गांधी ने कथित वोट चोरी के मुद्दे का भी जिक्र किया। सूत्रों के अनुसार उन्होंने कहा कि पहले ममता बनर्जी इस मुद्दे पर कांग्रेस के साथ नहीं थीं, लेकिन अब वह भी इसके खिलाफ आंदोलन की बात कर रही हैं। राहुल गांधी ने पश्चिम बंगाल और असम विधानसभा चुनावों का जिक्र करते हुए कहा कि ये चुनाव पूरी तरह स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से नहीं कराए गए। हालांकि उन्होंने इस पर विस्तार से सार्वजनिक टिप्पणी नहीं की। कांग्रेस के भीतर इस बयान को चुनावी पारदर्शिता के मुद्दे को आगे बढ़ाने की कोशिश माना जा रहा है।
कांग्रेस मुस्लिमों के लिए काफी काम किया
सूत्रों के अनुसार बैठक में कांग्रेस नेता इमरान मसूद ने कहा कि पार्टी को यह नैरेटिव बदलना होगा कि मुस्लिम समाज केवल भाजपा को हराने के लिए वोट करता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को मुस्लिम समाज तक यह संदेश पहुंचाना चाहिए कि पार्टी ने उनके लिए काफी काम किया है और इसी आधार पर समर्थन मांगा जाना चाहिए, ताकि भाजपा बहुसंख्यक ध्रुवीकरण की राजनीति न कर सके।
मुखर होकर अल्पसंख्यकों का मुद्दा उठाने की मांग
बैठक में कुछ नेताओं ने राहुल गांधी से शिकायत करते हुए कहा कि वह तो अल्पसंख्यकों के मुद्दे खुलकर उठाते हैं, लेकिन पार्टी के दूसरे बड़े नेता इन मुद्दों पर बोलने से परहेज करते हैं। नेताओं ने सुझाव दिया कि बाकी नेताओं को भी राहुल गांधी की तरह मुखर होकर अल्पसंख्यक मुद्दों पर बोलना चाहिए। करीब दो घंटे से ज्यादा देर तक चली इस बैठक का आयोजन कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के चेयरमैन इमरान प्रतापगढ़ी ने किया था।
मुस्लिम के अलावा सिख, ईसाई, बौद्ध और जैन समुदाय के प्रतिनिधि भी शामिल
कांग्रेस की अल्पसंख्यक सलाहकार समिति की इस बैठक में मुस्लिम समुदाय के अलावा सिख, ईसाई, बौद्ध और जैन समुदाय के प्रतिनिधियों को भी बुलाया गया था। इसका मकसद बैठक में देश के सभी प्रमुख अल्पसंख्यक समुदायों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करना था। सिख समुदाय से गुरदीप सप्पल, ईसाई समुदाय से हिबी, बौद्ध समुदाय से राजेंद्र पाल गौतम और जैन समुदाय से अभिषेक मनु सिंघवी इस बैठक में शामिल रहे।