राहुल गांधी ने देश की शिक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल, जवाबदेही के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरा

राहुल गांधी ने मौजूदा शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए इसे सुधारने की जरूरत बताई। उन्होंने पेपर लीक, छात्रों पर बढ़ते दबाव और जवाबदेही के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरा।;

Update: 2026-07-13 11:08 GMT

नई दिल्ली। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने देश की मौजूदा शिक्षा व्यवस्था को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। ‘छात्रों की गूंज’ अभियान के तहत छात्रों से दूसरे संवाद से पहले उन्होंने कहा कि वर्तमान व्यवस्था विद्यार्थियों और उनके परिवारों पर अत्यधिक आर्थिक व मानसिक दबाव डाल रही है तथा अब शिक्षा के क्षेत्र में व्यापक सुधारों की आवश्यकता है।

सोशल मीडिया पर रखी अपनी बात

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि देश के अनेक छात्र शिक्षा व्यवस्था को भ्रष्ट, अन्यायी और पक्षपाती मानते हैं। उनके अनुसार, जो व्यवस्था युवाओं के भविष्य निर्माण के लिए बनाई गई थी, वह अब कई परिवारों को कर्ज, तनाव और निराशा की ओर धकेल रही है।

पेपर लीक और जवाबदेही का मुद्दा उठाया

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि शिक्षा तंत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार के कारण पेपर लीक जैसी घटनाएं बढ़ी हैं, जिससे लाखों विद्यार्थियों की मेहनत प्रभावित होती है। उन्होंने केंद्र सरकार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर इस विषय पर पर्याप्त जवाबदेही नहीं निभाने का आरोप भी लगाया।

छात्रों से जुड़ने का आह्वान

राहुल गांधी ने छात्रों से 17 जुलाई को देहरादून में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की। उनका कहना है कि शिक्षा व्यवस्था को अधिक न्यायसंगत, पारदर्शी और छात्र-केंद्रित बनाने के लिए व्यापक संवाद आवश्यक है।

कोटा रैली में भी उठाए थे मुद्दे

इससे पहले जून में राजस्थान के कोटा में आयोजित अभियान की पहली रैली में राहुल गांधी ने कहा था कि वर्तमान शिक्षा प्रणाली अवसर प्रदान करने के बजाय छात्रों में तनाव और असुरक्षा की भावना बढ़ा रही है। उन्होंने ऐसी व्यवस्था की आवश्यकता बताई थी जो युवाओं को बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने के लिए समान अवसर उपलब्ध कराए।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि शिक्षा, रोजगार और परीक्षा प्रणाली से जुड़े मुद्दे आने वाले समय में राष्ट्रीय राजनीति के प्रमुख विषयों में शामिल रह सकते हैं। वहीं, सरकार की ओर से इन आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।

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