'मेट्रो, सड़कें, दुकानें सब बंद कर सकते हैं, लेकिन पेपर लीक नहीं रोक पाए', राहुल गांधी का मोदी सरकार पर हमला
राहुल गांधी ने नीट पेपर लीक और छात्र आंदोलन को लेकर मोदी सरकार पर हमला बोला। कहा- सरकार मेट्रो, सड़कें और दुकानें बंद कर सकती है, लेकिन पेपर लीक नहीं रोक पाई।;
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर साधा निशाना
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा कि सरकार ने छात्रों के विरोध को रोकने के लिए मेट्रो सेवाएं सीमित कीं, सड़कें बंद कीं, दुकानें बंद कराईं, इंटरनेट सेवाओं पर असर डाला और खाद्य आपूर्ति तक बाधित की। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सरकार सब कुछ बंद कर सकती है, लेकिन पेपर लीक नहीं रोक पाई। उनके अनुसार, छात्रों की जायज मांगों का जवाब संवाद के बजाय सख्ती से दिया गया।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल
इससे पहले भी राहुल गांधी ने 20 जुलाई को दिल्ली में हुए छात्र प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई की आलोचना की थी। उन्होंने एक घायल छात्र का वीडियो साझा करते हुए आरोप लगाया कि छात्रों को न्याय देने के बजाय उनके खिलाफ बल प्रयोग किया गया। राहुल ने कहा कि आज के भारत में अपने भविष्य और निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था की मांग करने वाले युवाओं को न्याय नहीं, बल्कि कठोर कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है।
सरकार का पक्ष भी आया सामने
दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस का कहना है कि 20 जुलाई के प्रदर्शन के दौरान हालात बिगड़ने पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्रवाई करनी पड़ी। पुलिस के अनुसार, झड़पों में 118 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए, जिनमें वरिष्ठ अधिकारी और महिला पुलिसकर्मी भी शामिल थे। वहीं प्रदर्शनकारियों की ओर से भी करीब 60 लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस का दावा है कि कुछ असामाजिक तत्वों ने हिंसा भड़काने की कोशिश की थी।
पेपर लीक कानून होगा और सख्त
इधर, केंद्र सरकार ने पेपर लीक के मामलों पर सख्त रुख अपनाते हुए सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 में संशोधन को केंद्रीय मंत्रिमंडल से मंजूरी दे दी है। सूत्रों के अनुसार, संशोधन विधेयक संसद के आगामी कार्यदिवस में पेश किया जा सकता है। प्रस्तावित बदलावों का उद्देश्य परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित बनाना और पेपर लीक के मामलों में कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करना है।
सोनम वांगचुक ने खत्म किया अनशन
इस बीच सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने केंद्र सरकार से लिखित आश्वासन मिलने के बाद अपना 26 दिन पुराना अनशन समाप्त कर दिया। उन्होंने परीक्षा प्रणाली में सुधार और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर सरकार द्वारा सकारात्मक पहल का स्वागत किया। हालांकि, जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का आंदोलन अभी भी जारी है और संगठन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर कायम है।