भगवंत मान सरकार पर राहुल गांधी का तीखा हमला, बोले- हर शाम नशा करने वाला मुख्यमंत्री कैसे रोकेगा पंजाब में ड्रग्स
संगरूर की इंसाफ रैली में राहुल गांधी ने भगवंत मान सरकार पर नशे, गैंगस्टरवाद और अधूरे चुनावी वादों को लेकर निशाना साधा। पीएम मोदी को बहस की चुनौती भी दी।;
संगरुर। पंजाब के संगरूर जिले के गांव फगुवाला में आयोजित कांग्रेस की इंसाफ रैली में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने पंजाब में नशे और गैंगस्टरवाद को सबसे बड़ी समस्या बताते हुए आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार इन चुनौतियों से निपटने में नाकाम रही है। राहुल ने मुख्यमंत्री मान पर व्यक्तिगत टिप्पणी करते हुए कहा कि जो मुख्यमंत्री खुद हर शाम नशे की गिरफ्त में रहता हो, वह प्रदेश को नशे से कैसे बचा सकता है?
रैली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। इस दौरान मंच से राहुल गांधी को हल और तलवार भेंट की गई।
सिद्धू मूसेवाला के पिता का जिक्र कर भावुक हुए राहुल
अपने संबोधन की शुरुआत में राहुल गांधी ने दिवंगत पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला के पिता का जिक्र किया। उन्होंने मूसेवाला को प्रतिभाशाली और ऊर्जावान युवा बताते हुए उनकी हत्या पर दुख जताया। राहुल ने कहा कि जिस पिता को अपने जवान बेटे की अर्थी देखनी पड़े, उससे बड़ा दुख कोई नहीं हो सकता।
उन्होंने आरोप लगाया कि सिद्धू मूसेवाला की सुरक्षा हटाए जाने के बाद उनकी दिनदहाड़े हत्या कर दी गई। राहुल ने कहा कि पंजाब में नशा और गैंगस्टरवाद का बढ़ता प्रभाव गंभीर चिंता का विषय है। इसे खत्म करने के लिए केवल बयानबाजी नहीं, बल्कि मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति की जरूरत है।
नशे के मुद्दे पर भगवंत मान सरकार को घेरा
राहुल गांधी ने कहा कि जब उन्होंने पहले पंजाब में नशे की समस्या का मुद्दा उठाया था, तब भाजपा और अकाली दल सहित कई राजनीतिक दलों ने उनकी बात को खारिज किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी ने चुनाव के दौरान पंजाब को नशामुक्त बनाने का वादा किया था, लेकिन अब तक सरकार यह नहीं बता पाई कि प्रदेश के किस हिस्से से नशा खत्म हुआ है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान पर निशाना साधते हुए राहुल ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई लड़ने के लिए ऐसे नेतृत्व की जरूरत है, जिसे पंजाब की समस्याओं और युवाओं के भविष्य की वास्तविक चिंता हो।
पीएम मोदी को बहस की चुनौती, दिल्ली से सरकार चलाने का आरोप
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुली बहस की चुनौती भी दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री कांग्रेस नेताओं को देशद्रोही बताते हैं तो उन्हें किसी भी मंच पर आमने-सामने बैठकर चर्चा करनी चाहिए। राहुल ने दावा किया कि वह पांच मिनट में अपनी बात साबित कर सकते हैं।
पंजाब सरकार पर हमला बोलते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य की सत्ता दिल्ली से रिमोट कंट्रोल के जरिए चलाई जा रही है। राहुल ने कहा कि पंजाब के फैसले पंजाब के नेताओं को ही लेने चाहिए। उन्होंने एमएसपी, महिलाओं को आर्थिक सहायता और नशामुक्ति जैसे चुनावी वादों के पूरा नहीं होने का भी आरोप लगाया।
खरगे और चन्नी ने भी साधा निशाना
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि पंजाब की राजनीति और नीतियां पंजाब के नेता तय करेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा संस्थाओं को कमजोर कर रही है और भगवंत मान सरकार का प्रदर्शन खराब रहा है। खरगे ने दावा किया कि पंजाब में कांग्रेस की जीत पूरे देश में पार्टी के लिए मजबूत संदेश देगी।
पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने आप की रैलियों पर तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस की रैली में लोग उत्साह से पहुंचते हैं, जबकि आप की सभाओं में जाने का माहौल अलग होता है। प्रताप सिंह बाजवा ने भी आप सरकार को भ्रष्ट बताते हुए कांग्रेस को उसका विकल्प बताया।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष परगट सिंह ने आरोप लगाया कि पंजाब में कानून-व्यवस्था बिगड़ गई है और धान खरीद को लेकर किसानों को परेशानी हो रही है। उन्होंने कहा कि राज्य ने पहले भी तानाशाही का विरोध किया है और आगे भी करेगा।
राहुल गांधी ने अपने भाषण में किसानों और उद्योगों को मजबूत बनाने पर जोर दिया। उनका कहना था कि खेती और उद्योगों को बचाए बिना नशे तथा गैंगस्टरवाद की समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं है। उन्होंने पंजाब की जनता से कांग्रेस को मजबूत करने की अपील करते हुए 2027 के विधानसभा चुनाव में पार्टी की वापसी का भरोसा जताया।