मिशिगन में अब्दुल की जीत पर ओवैसी का यूपी को संदेश, बोले- अब उत्तर प्रदेश के अब्दुल की बारी

अमेरिकी चुनाव में मिशिगन से अब्दुल अल सैयद की जीत पर असदुद्दीन ओवैसी ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने यूपी के मुसलमानों से राजनीतिक पहचान मजबूत करने की अपील करते हुए विधानसभा चुनाव को लेकर संकेत दिए।;

Update: 2026-11-04 10:42 GMT
नई दिल्ली। अमेरिका के मध्यावधि चुनाव में मिशिगन से डेमोक्रेटिक उम्मीदवार अब्दुल अल सैयद की जीत ने भारत की राजनीति में भी चर्चा शुरू कर दी है। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने इस जीत को उत्तर प्रदेश की राजनीति से जोड़ते हुए बड़ा बयान दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि एक अब्दुल मिशिगन में जीत गया है, अब उत्तर प्रदेश के अब्दुल को अपनी राजनीतिक पहचान मजबूत करनी होगी।

ओवैसी की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। उनके बयान को राज्य में मुस्लिम राजनीतिक प्रतिनिधित्व और AIMIM की चुनावी रणनीति के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।

ओवैसी ने पोस्ट में क्या कहा?

असदुद्दीन ओवैसी ने एक्स पर लिखा, "एक अब्दुल मिशिगन में जीत गया, अब उत्तर प्रदेश के अब्दुल को अपनी सियासी पहचान मजबूत करनी होगी।" उन्होंने आगे कहा कि संघ परिवार से जुड़े लोगों ने 'अब्दुल' शब्द को तंज के रूप में इस्तेमाल करने की कोशिश की है।

ओवैसी ने अपने संदेश में राजनीतिक आत्मसम्मान और स्वतंत्र पहचान पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि अपनी राजनीतिक ताकत दिखाई जाए। पोस्ट के अंत में उन्होंने लिखा, "अब दरी नहीं बिछाएंगे।" इस टिप्पणी के जरिए उन्होंने मुस्लिम समुदाय से केवल दूसरों की राजनीतिक सभाओं में भागीदारी तक सीमित न रहने और अपनी राजनीतिक भूमिका मजबूत करने की अपील की।

यूपी चुनाव से पहले AIMIM की सियासी तैयारी

उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए ओवैसी की सक्रियता बढ़ती दिखाई दे रही है। इससे पहले उन्होंने समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन की इच्छा जताई थी, लेकिन अखिलेश यादव की ओर से AIMIM को गठबंधन में शामिल करने को लेकर सकारात्मक संकेत नहीं मिले।

ऐसे में अमेरिकी चुनाव के नतीजों का हवाला देकर ओवैसी का यूपी का जिक्र करना राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है। उनके बयान से संकेत मिलता है कि AIMIM राज्य में अपनी अलग राजनीतिक पहचान और चुनावी आधार मजबूत करने की कोशिश कर सकती है।

कौन हैं अब्दुल अल सैयद?

अब्दुल अल सैयद पेशे से डॉक्टर और महामारी विशेषज्ञ हैं। उनका जन्म अमेरिका के डेट्रॉयट, मिशिगन में मिस्र से आए अप्रवासी माता-पिता के परिवार में हुआ था। उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन से पढ़ाई की और इसके बाद ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से पब्लिक हेल्थ में डॉक्टरेट की उपाधि हासिल की।

अमेरिकी चुनाव में उनकी जीत को डेमोक्रेटिक पार्टी के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ओवैसी ने इसी जीत को राजनीतिक प्रतिनिधित्व के उदाहरण के तौर पर पेश करते हुए उत्तर प्रदेश के मतदाताओं को संदेश दिया है।

यूपी की राजनीति में क्या होगा असर?

ओवैसी के बयान से उत्तर प्रदेश में मुस्लिम मतदाताओं की राजनीतिक भागीदारी और अलग नेतृत्व की बहस फिर तेज हो सकती है। हालांकि, इसका चुनावी असर कितना होगा, यह आने वाले दिनों में AIMIM की रणनीति, उम्मीदवारों और दूसरे दलों के साथ संभावित समीकरणों पर निर्भर करेगा।

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