'यह छोटा सा ट्रेलर, पिक्चर अभी बाकी है', राघव चड्ढा का नए वीडियो से AAP नेताओं पर पलटवार

आप के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने अपनी ही पार्टी के उन नेताओं पर तीखा हमला बोला है, जिन्होंने हाल ही में उनके खिलाफ मोर्चा खोला था। दरअसल, पिछले कुछ दिनों से AAP के कुछ नेता सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर रहे थे।

Update: 2026-04-05 07:27 GMT

नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी (आप) के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने अपनी ही पार्टी के उन नेताओं पर तीखा हमला बोला है, जिन्होंने हाल ही में उनके खिलाफ मोर्चा खोला था। दरअसल, पिछले कुछ दिनों से AAP के कुछ नेता सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर रहे थे, जिनमें आरोप लगाया गया था कि राघव चड्ढा संसद में पंजाब के मुद्दों को उठाने में विफल रहे हैं। राघव चड्ढा ने अपने सोशल मीडिया हैंडल ‘एक्स’ करीब 3 मिनट का एक वीडियो शेयर कर उन्हें आईना दिखा दिया है।

राघव चड्ढा ने आरोपों पर पलटवार करते हुए 'एक्स' पर लिखा, AAP के मेरे उन साथियों के लिए, जिन्हें यह वीडियो जारी करने के लिए मजबूर किया गया कि राघव चड्ढा संसद में पंजाब के मुद्दे उठाने में नाकाम रहे, उनके लिए पेश है एक छोटा सा ट्रेलर... पिक्चर अभी बाकी है।

राघव ने इमोशनल कार्ड खेलते हुए आगे कहा किपंजाब उनके लिए केवल राजनीति या चर्चा का विषय नहीं है। उन्होंने लिखा, पंजाब मेरी भूमि है, मेरा कर्तव्य है, मेरी मिट्टी है और मेरी रूह है। उन्होंने अपनी पोस्ट के साथ संसद में पंजाब के हक की आवाज उठाते हुए अपने पुराने वीडियो का एक संकलन भी शेयर किया, ताकि यह साबित किया जा सके कि उन्होंने हमेशा पंजाब के हितों की बात की है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि राघव चड्ढा का यह बयान पार्टी के भीतर चल रही खींचतान को सार्वजनिक करता है। उनके ‘मजबूर किया गया’ शब्द के इस्तेमाल से यह संकेत मिलता है कि पार्टी के भीतर ही कोई गुट उनके खिलाफ सक्रिय है। फिलहाल, इस 'ट्रेलर' के बाद अब सबकी नजरें इस बात पर हैं कि राघव की 'पूरी पिक्चर' में क्या खुलासे होते हैं।

राघव संसद में पंजाब के मुद्दे उठाने में नाकाम रहे:  ‘आप’ का आरोप

‘आप’ ने कल पंजाब से जुड़े अहम मुद्दों को उठाने में संसद में नाकाम रहने का आरोप लगा राघव चड्ढा की आलोचना करते हुए कहा था कि उनकी 'निष्क्रियता' पार्टी के सिद्धांतों के खिलाफ है। पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा, ‘आप’ के प्रदेश अध्यक्ष अमन अरोड़ा और पार्टी नेता कुलदीप सिंह धालीवाल ने एक संयुक्त बयान में कहा कि कई अहम मामलों पर चड्ढा की चुप्पी 'निराशाजनक' है।

चीमा ने कहा कि पंजाब के विधायकों द्वारा राज्यसभा के लिए चुने गए चड्ढा से राष्ट्रीय स्तर पर राज्य के मुद्दों का सशक्त प्रतिनिधित्व करने की उम्मीद थी, लेकिन उन्होंने इससे जुड़ा 'एक भी संवेदनशील मुद्दा' नहीं उठाया। मंत्री ने कहा कि ग्रामीण विकास निधि के लगभग 8,500 करोड़ रुपये के लंबित बकाया और माल एवं सेवा कर (जीएसटी) से संबंधित लगभग 60,000 करोड़ रुपये के नुकसान सहित प्रमुख वित्तीय मुद्दों को संसद में उजागर नहीं किया गया।

राघव की 'निष्क्रियता' पार्टी के सिद्धांतों के विपरीत : चीमा

उन्होंने जीएसटी मुआवजे में बदलाव और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत वित्त पोषण से संबंधित मुद्दों के कारण हुए वित्तीय नुकसान को भी उन मामलों में गिनाया जिन्हें सांसद कथित तौर पर उठाने में विफल रहे। उन्होंने कहा कि पिछले साल पंजाब में आई बाढ़ के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित 1,600 करोड़ रुपये की पूरी वित्तीय सहायता पंजाब को नहीं मिली है। चीमा ने कहा कि यह मुद्दा संसद में भी नहीं उठाया गया।

मंत्री ने चड्ढा की चुप्पी को 'निराशाजनक' बताते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी को सांसद से उम्मीद थी कि वह इन मुद्दों को केंद्र सरकार के समक्ष उठाएंगे, लेकिन उनकी 'निष्क्रियता' पार्टी के सिद्धांतों के विपरीत है। 'आप' की पंजाब इकाई के प्रमुख अरोड़ा ने कहा कि जनता के मुद्दों को निडर होकर उठाना पार्टी के मूलभूत सिद्धांतों में से एक है और इससे किसी भी तरह का विचलन 'अप्रत्याशित' है। उन्होंने कहा कि पंजाब के लंबित वित्तीय और राहत संबंधी मामलों पर राष्ट्रीय स्तर पर लगातार ध्यान देने की आवश्यकता है।

कल पार्टी के आरोपों को सिरे से किया था खारिज

राघव चड्ढा ने शनिवार को अपनी पार्टी की ओर से लगाए गए आरोपों को खारिज करते हुए उन्हें झूठा और सुनियोजित अभियान का हिस्सा बताया। आप सांसद ने कहा कि वह संसद में आम आदमी से जुड़े मुद्दे उठाने जाता हूं, हंगामा करने और माइक तोड़ने नहीं।

एक वीडियो संदेश में चड्ढा ने कहा, मैंने कभी विपक्ष के वॉकआउट में हिस्सा लेने से इन्कार नहीं किया और इस तरह के आरोप सफेद झूठ हैं। मैं आलोचकों को चुनौती देता हूं कि वे एक भी ऐसा उदाहरण बताएं जब मैंने विपक्ष के वॉकआउट में भाग नहीं लिया हो। संसद की पूरी कार्यवाही सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड होती है।

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से जुड़े महाभियोग प्रस्ताव पर हस्ताक्षर नहीं करने के आरोप पर चड्ढा ने कहा, पार्टी के किसी नेता ने मुझसे इस बारे में न तो औपचारिक और न ही अनौपचारिक रूप से संपर्क किया। मेरा ध्यान संसद में जीएसटी, आयकर, दिल्ली का प्रदूषण, पंजाब का पानी संकट, शिक्षा, स्वास्थ्य, रेल यात्रियों की समस्याएं, मासिक धर्म स्वास्थ्य, बेरोजगारी, महंगाई जैसे जनहित के मुद्दे उठाने पर रहा है। मैं संसद में आम आदमी के मुद्दे उठाने जाता हूं, हंगामा करने और माइक तोड़ने नहीं।

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