संसद में फिर हंगामा, लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही स्थगित; विपक्ष का सरकार पर हमला

संसद के मानसून सत्र के 14वें दिन भी हंगामा जारी रहा। लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही स्थगित हो गई। विपक्ष ने पुलिस कार्रवाई और राम मंदिर चढ़ावा मामले पर सरकार को घेरा।;

Update: 2026-08-06 06:48 GMT

नई दिल्ली।संसद के मानसून सत्र के 14वें दिन भी सरकार और विपक्ष के बीच जारी गतिरोध खत्म नहीं हो सका। गुरुवार को कार्यवाही शुरू होते ही दोनों सदनों में विपक्षी सांसदों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर जोरदार हंगामा किया, जिसके चलते लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही बार-बार बाधित हुई। लोकसभा अध्यक्ष ने विपक्ष से शांति बनाए रखने की अपील की, लेकिन नारेबाजी जारी रहने पर सदन की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित करनी पड़ी। वहीं राज्यसभा में भी लगातार हंगामे के चलते कार्यवाही स्थगित कर दी गई।

शुरुआत से ही हंगामे की भेंट चढ़ी कार्यवाही

लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसद अपनी सीटों से उठकर नारेबाजी करने लगे। सदन में शोर-शराबा बढ़ने पर अध्यक्ष ने सदस्यों से अपने स्थान पर लौटने और प्रश्नकाल चलने देने की अपील की, लेकिन विपक्ष अपनी मांगों पर अड़ा रहा। हालात सामान्य न होते देख अध्यक्ष ने कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

उधर राज्यसभा में भी विपक्षी सांसदों के विरोध के कारण सदन सुचारु रूप से नहीं चल सका। सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने व्यवस्था बहाल करने की कोशिश की, लेकिन लगातार व्यवधान के चलते कार्यवाही 12 बजे तक स्थगित करनी पड़ी।

संसद परिसर में विपक्ष का प्रदर्शन

सदन की कार्यवाही से पहले विपक्षी दलों के सांसदों ने संसद परिसर में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान विभिन्न दलों के सांसदों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाए और कई मुद्दों पर जवाब मांगा।

विपक्ष ने 20 जुलाई को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हुई कथित पुलिस कार्रवाई, अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताओं और अन्य राजनीतिक मुद्दों को लेकर सरकार को घेरा। समाजवादी पार्टी के सांसद "चंदा चोर, गद्दी छोड़" जैसे नारे लिखे पोस्टर लेकर पहुंचे, जबकि कई अन्य विपक्षी सांसदों ने "अमित शाह जवाब दो" लिखी तख्तियां प्रदर्शित कीं।

राम मंदिर मुद्दे पर सत्ता और विपक्ष आमने-सामने

शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के सांसद संजय राउत ने कहा कि राम मंदिर से जुड़े कथित वित्तीय सवाल उठाना भगवान राम का विरोध नहीं है, बल्कि जवाबदेही की मांग है। उन्होंने कहा कि धार्मिक आस्था के नाम पर उठे सवालों का जवाब मिलना चाहिए।

वहीं केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और वाम दलों पर पलटवार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि ये दल पहले भी राम मंदिर निर्माण का विरोध करते रहे हैं और अब संसद के भीतर इस मुद्दे का राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश कर रहे हैं।

गतिरोध जारी, महत्वपूर्ण कामकाज प्रभावित

मानसून सत्र के दौरान लगातार जारी गतिरोध के कारण कई महत्वपूर्ण विधायी कार्य प्रभावित हो रहे हैं। पिछले 13 दिनों से सरकार और विपक्ष के बीच टकराव के चलते सदनों की कार्यवाही बार-बार बाधित हुई है। सरकार जहां विधायी कार्य आगे बढ़ाना चाहती है, वहीं विपक्ष अपनी मांगों पर चर्चा और संबंधित मंत्रियों के बयान की मांग कर रहा है।

अब सभी की नजर इस बात पर है कि दिन के दूसरे सत्र में सरकार और विपक्ष के बीच कोई सहमति बनती है या फिर संसद का कामकाज एक बार फिर हंगामे की भेंट चढ़ता है।

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