संसद परिसर में विपक्ष का मार्च, राहुल गांधी ने पूछा- छात्रों पर पैलेट गन किसके आदेश से चली?
संसद परिसर में राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और प्रियंका गांधी समेत विपक्षी सांसदों ने मार्च निकालकर छात्र प्रदर्शन पर पुलिस कार्रवाई, राम मंदिर चढ़ावा विवाद और दलबदल कानून पर सरकार को घेरा।;
प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी ने सवाल उठाया कि छात्र प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर पैलेट गन चलाने का आदेश किसने दिया। उन्होंने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम पर सरकार को संसद में जवाब देना चाहिए और जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।
अमित शाह के बयान की मांग पर अड़ा विपक्ष
विपक्षी नेताओं ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से सदन में विस्तृत बयान देने की मांग दोहराई। उनका कहना है कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई और उससे जुड़े आरोपों पर संसद में खुली चर्चा होनी चाहिए।
राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि विपक्ष चर्चा से पीछे नहीं हट रहा है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार चर्चा के लिए तैयार है तो विपक्ष भी पूरी तरह तैयार है, लेकिन प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को सदन में आकर अपना पक्ष रखना चाहिए।
खड़गे ने आरोप लगाया कि सरकार संसद में चर्चा से बच रही है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में महत्वपूर्ण मुद्दों पर जवाबदेही आवश्यक है और संसद ही ऐसी चर्चाओं का सबसे बड़ा मंच है।
राम मंदिर चढ़ावा विवाद भी बना प्रमुख मुद्दा
विपक्ष ने अयोध्या राम मंदिर से जुड़े कथित चढ़ावा और ट्रस्ट की वित्तीय पारदर्शिता का मुद्दा भी उठाया। खड़गे ने कहा कि विपक्ष भगवान राम का विरोध नहीं कर रहा, बल्कि केवल चढ़ावे और ट्रस्ट के वित्तीय प्रबंधन को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब चाहता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि यदि विपक्ष कथित अनियमितताओं पर सवाल उठाता है तो उसे "राम विरोधी" या "राष्ट्र विरोधी" बताने की कोशिश की जाती है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जवाबदेही सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।
लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव की मांग
कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव का नोटिस देकर 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई पर विस्तृत चर्चा की मांग की। उन्होंने अपने प्रस्ताव में कहा कि यह मामला राष्ट्रीय महत्व का है और गृह मंत्री को सदन में विस्तृत बयान देना चाहिए।
वहीं कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने नए दलबदल विरोधी कानून पर चर्चा कराने के लिए अलग से स्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया। उन्होंने सुझाव दिया कि ऐसा कानून बनाया जाए जो अवसरवादी राजनीतिक दलबदल पर प्रभावी रोक लगाए, जबकि वैचारिक मतभेद रखने वाले जनप्रतिनिधियों को लोकतांत्रिक अधिकार भी मिले।
संसद में फिर हंगामे के आसार
विपक्षी मार्च और लगातार उठ रही मांगों के बीच संसद के दोनों सदनों में एक बार फिर तीखी बहस और हंगामे की संभावना जताई जा रही है। विपक्ष सरकार से छात्र प्रदर्शन, पुलिस कार्रवाई, राम मंदिर चढ़ावा विवाद और राजनीतिक सुधारों जैसे मुद्दों पर चर्चा चाहता है, जबकि सत्ता पक्ष पहले भी इन आरोपों को निराधार बता चुका है।
मानसून सत्र के आगामी दिनों में इन मुद्दों को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच टकराव और तेज होने की संभावना है।